खेल के महाकुंभ में भारत के लिए एक बेहद गर्व और उत्साह से भरा पल सामने आया है। जापान के नागोया में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने एक बार फिर अपनी धाक जमा दी है। रविवार, 20 सितंबर 2026 के दिन भारत की स्टार निशानेबाज इलावेनिल वलारिवन ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में अपने बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय शूटर्स वैश्विक मंच पर देश का सिर ऊंचा रखने में पूरी तरह सक्षम हैं।
स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचा भारत
नागोया की इस रोमांचक प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। इलावेनिल वलारिवन ने शुरुआत से ही अपनी अचूक निशानेबाजी का ऐसा जादू चलाया कि दर्शक और खेल विशेषज्ञ दंग रह गए। उन्होंने एक के बाद एक बेहद सटीक शॉट लगाकर फाइनल के शुरुआती दौर से ही बढ़त हासिल कर ली थी। मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, दबाव भी बढ़ता गया, लेकिन इलावेनिल ने गजब का संयम दिखाया और लंबे समय तक स्वर्ण पदक की दौड़ में सबसे आगे बनी रहीं।
उनके इस बेहतरीन प्रदर्शन को देखकर हर भारतीय की उम्मीदें आसमान छूने लगी थीं कि इस बार स्वर्ण पदक भारत की झोली में ही गिरेगा। हालांकि, खेल का रोमांच अंतिम क्षणों में अपने चरम पर पहुंच गया।
मेजबान जापान की खिलाड़ी से हुआ कड़ा मुकाबला
अंतिम चरण के पलों में मेजबान देश जापान की निशानेबाज हिनाता ताइची ने जबर्दस्त वापसी की। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला इतना कांटे का था कि देखने वालों की सांसे थम गई थीं। जापानी खिलाड़ी हिनाता ताइची ने बेहद मामूली अंतर से बढ़त हासिल करते हुए कुल 253 अंक जुटाए और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही हिनाता ने नया गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर लिया।
दूसरी ओर, इलावेनिल वलारिवन ने हार नहीं मानी और आखिरी शॉट तक कड़ा मुकाबला जारी रखा। उन्होंने कुल 252.4 अंक हासिल किए। स्वर्ण और रजत पदक विजेता के बीच का अंतर मात्र 0.6 अंक का था, जो यह बताने के लिए काफी है कि मुकाबला कितना कड़ा और संघर्षपूर्ण था। इस स्पर्धा का कांस्य पदक (Bronze Medal) दक्षिण कोरिया की ह्यो-जिन बान के खाते में गया, जिन्होंने 230.4 अंक हासिल किए।
सोनम मस्कर के हाथ लगी निराशा
इसी स्पर्धा में भारत की एक अन्य उम्मीद सोनम मस्कर भी फाइनल में उतरी थीं, लेकिन उनका दिन उम्मीद के मुताबिक शानदार नहीं रहा। क्वालीफिकेशन राउंड में तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में प्रवेश करने वाली सोनम से देश को खासी उम्मीदें थीं। हालांकि, खिताबी मुकाबले के दबाव में वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं और 167.0 अंक के साथ छठे स्थान पर संतोष करना पड़ा। खेल के मैदान में उतार-चढ़ाव लगे रहते हैं, और सोनम का यह अनुभव भविष्य के लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा।
एक ही दिन में दूसरा पदक, रचा इतिहास
इलावेनिल वलारिवन के लिए यह दिन ऐतिहासिक बन गया है, क्योंकि यह एशियन गेम्स 2026 में उनका दूसरा पदक है। खास बात यह है कि उन्होंने आज ही के दिन कुछ समय पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी रजत पदक जीता था। उस टीम इवेंट में इलावेनिल ने सोनम मस्कर और विदर्सा विनोद के साथ मिलकर भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और पोडियम पर जगह बनाई थी। इस प्रकार, इलावेनिल ने एक ही दिन में दो-दो रजत पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
निशानेबाजी में फिर चमका भारत
एशियन गेम्स के इतिहास में भारतीय निशानेबाजों ने हमेशा से देश को गौरवान्वित किया है और नागोया 2026 में भी इसकी शुरुआत बेहद शानदार रही है। इलावेनिल की यह सफलता देश के अन्य युवा एथलीटों और निशानेबाजों को बड़े मंच पर बिना डरे, पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरने की प्रेरणा देगी। भारत का यह इस महाकुंभ में दूसरा पदक है, और जिस तरह से हमारे शूटर्स ने शुरुआत की है, उसे देखकर यह उम्मीद बंधती है कि आने वाले दिनों में पदकों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा।
खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल
इलावेनिल वलारिवन की इस बड़ी सफलता के बाद सोशल मीडिया से लेकर खेल प्रेमियों के बीच जश्न का माहौल है। देश के कोने-कोने से उन्हें बधाइयां मिल रही हैं। खेल जानकारों का मानना है कि यदि इलावेनिल इसी फॉर्म को बरकरार रखती हैं, तो आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स और आगामी प्रतियोगिताओं में वह देश के लिए और भी कई स्वर्ण पदक जीत सकती हैं। फिलहाल, पूरा देश उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है और आने वाले मुकाबलों के लिए पूरी भारतीय दल को शुभकामनाएं दे रहा है।