नेपाल में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों के दौरान एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। देश की एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना की सुरंग से रेस्क्यू टीमों ने कुल 24 शव बरामद किए हैं। विडंबना यह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी इन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना की सुरंग बना खौफ का केंद्र
यह पूरा मामला रसुआ जिले में स्थित 216 मेगावाट क्षमता वाली प्रतिष्ठित त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना से जुड़ा हुआ है। यहाँ हाल ही में आए भयंकर सैलाब और बाढ़ के कारण भारी तबाही मची थी। आपदा के बाद से ही परियोजना स्थल और उसके आसपास के इलाकों से कई लोगों के लापता होने की लगातार खबरें आ रही थीं।
स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान जब जलविद्युत परियोजना की मुख्य सुरंग की सफाई और जांच की गई, तो वहां से एक के बाद एक कुल 24 शव बरामद किए गए। इतनी बड़ी संख्या में शव मिलने से इलाके में शोक और सनसनी दोनों का माहौल है।
हेलीकॉप्टर से लाए गए शव, पहचान के लिए विशेष इंतजाम
सुरंग के भीतर से निकाले गए इन सभी 24 शवों की स्थिति को देखते हुए और सुरक्षा के मद्देनजर, नेपाली सेना के विशेष हेलीकॉप्टरों की मदद ली गई। सेना के चॉपर्स के जरिए इन शवों को सुरक्षित रूप से नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका स्थित केंद्रीय कारागार कार्यालय के खम्बाक्याम्प परिसर में पहुंचाया गया है, जहां इन्हें सुरक्षित रखा गया है ताकि इनके परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सके।
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान और अपील
जिला पुलिस कार्यालय नुवाकोट के पुलिस प्रवक्ता एवं पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) इकबाल हवारी ने मीडिया को इस पूरी स्थिति की जानकारी दी है। डीएसपी हवारी ने स्पष्ट किया है कि ये सभी शव उस भयानक बाढ़ के बाद से लंबे समय से लापता चल रहे स्थानीय नागरिकों या फिर वहां काम करने वाले कर्मचारियों के हो सकते हैं।
प्रशासन ने देश के विभिन्न हिस्सों से लापता हुए लोगों के परिजनों से आगे आने और इन शवों की शिनाख्त में पुलिस का सहयोग करने का पुरजोर आग्रह किया है। चूंकि शवों की हालत पानी में रहने और समय बीतने के कारण काफी बदल चुकी है, इसलिए पहचान करना थोड़ा मुश्किल साबित हो रहा है।
परिजनों के लिए संपर्क नंबर जारी
अधिकारियों ने आम जनता और विशेषकर उन परिवारों से अपील की है जिनके अपने इस जलप्रलय के बाद से घर नहीं लौटे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में समन्वय स्थापित करने और शवों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस विभाग ने एक विशेष नोडल अधिकारी की नियुक्ति की है।
यदि किसी व्यक्ति को अपने किसी परिजन के इस आपदा में फंसे होने की आशंका है, तो वे पुलिस निरीक्षक आशिष साह से उनके आधिकारिक मोबाइल नंबर 9855091757 पर सीधे संपर्क कर सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि परिजनों के आने के बाद डीएनए टेस्ट या अन्य वैज्ञानिक तरीकों से भी शिनाख्त को पुख्ता किया जाएगा, ताकि वे अपने प्रियजनों का अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से कर सकें।
आपदा के गहरे जख्म और राहत कार्यों की चुनौतियां
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि प्रकृति के प्रकोप के सामने इंसानी तंत्र कितना लाचार हो जाता है। नेपाल में इस मानसून सीजन के दौरान आई आपदाओं ने भारी जान-माल का नुकसान किया है। त्रिशूली परियोजना क्षेत्र में हुए इस खुलासे के बाद से राहत शिविरों और आसपास के गांवों में मातम का माहौल है।
सुरक्षा एजेंसियां और बचाव दल अभी भी मलबे और सुरंगों के अन्य हिस्सों को खंगालने में जुटे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा तो नहीं है। देश-विदेश की नजरें इस संवेदनशील मामले पर टिकी हुई हैं, और प्रशासन की प्राथमिकता अब हर एक मृतक की सही पहचान कर उनके स्वजनों को सांत्वना देना है।