फिल्म इंडस्ट्री में कब किसकी राय बदल जाए, यह कह पाना बेहद मुश्किल होता है। खासकर जब बात बेबाक अंदाज के लिए मशहूर हस्तियों की हो, तो चर्चाएं और भी ज्यादा दिलचस्प हो जाती हैं। हाल ही में साउथ फिल्म इंडस्ट्री की चर्चित अदाकारा ऐश्वर्या लक्ष्मी ने अभिनेत्री से राजनेता बनीं कंगना रनौत को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कभी कंगना की तारीफ में कसीदे पढ़ने वाली ऐश्वर्या ने अब खुद को उनका 'पूर्व प्रशंसक' यानी एक्स-फैन बता दिया है। उनके इस अचानक आए बदलाव ने फैंस और गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
आखिर क्यों पलटीं ऐश्वर्या लक्ष्मी?
इसी साल जुलाई के महीने में ऐश्वर्या लक्ष्मी ने कंगना रनौत को 'पागल जीनियस' करार दिया था। उन्होंने खुलकर कहा था कि उन्हें यह बात बेहद पसंद है कि कैसे कंगना ने खुद को एक शानदार वक्ता के रूप में ढाला है। इतना ही नहीं, ऐश्वर्या ने यहां तक कह दिया था कि उन्हें संसद में कंगना के भाषण सुनना काफी अच्छा लगता है। लेकिन अब, एक हालिया इंटरव्यू के दौरान जब उनसे उनके पुराने बयानों के बारे में दोबारा पूछा गया, तो उन्होंने अपने रुख में साफ बदलाव दिखाते हुए एक नया और चौंकाने वाला बयान दे डाला।
जाने-माने चेहरे रंजिनी हरिदास के साथ बातचीत करते हुए ऐश्वर्या ने स्पष्ट किया कि जब उनसे पहले करियर और बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर सवाल किए गए थे, तब उनके जेहन में कंगना का एक पुराना इंटरव्यू चल रहा था। उस इंटरव्यू में कंगना ने कहा था कि वह तीनों खानों के साथ स्क्रीन शेयर करने के बजाय अपनी पसंद और शर्तों पर काम करना ज्यादा पसंद करती हैं। ऐश्वर्या का कहना था कि वह खुद एक कलाकार के तौर पर चुनिंदा और बेहतरीन काम करना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने उस समय कंगना के उस दृष्टिकोण की सराहना की थी।
'अब खुद को कहना चाहूंगी पूर्व कंगना लवर'
अपने हालिया बयान में ऐश्वर्या ने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं अब अपनी राय बदलकर खुद को पूर्व कंगना लवर कहना चाहूंगी। उस इंटरव्यू के दौरान भी मेरे दिमाग में बस यही बात थी कि मैं उनकी पुरानी शैली और संघर्ष से प्रभावित थी।” ऐश्वर्या के इस अंदाज ने साफ कर दिया कि समय के साथ और कंगنا के बयानों के बाद उनका नजरिया काफी हद तक बदल चुका है।
राजनीतिक विचारों और बयानों से बनाई दूरी
ऐश्वर्या लक्ष्मी ने बहुत ही स्पष्टता के साथ एक कलाकार के रूप में कंगना की मेहनत और उनके राजनीतिक बयानों के बीच की लकीर को खींचा है। हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से लोकसभा सांसद कंगना रनौत अक्सर अपने तीखे राजनीतिक और सामाजिक बयानों के कारण विवादों में घिरी रहती हैं। ऐश्वर्या ने इन विवादों पर खुलकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा, “हम कंगना के पार्टी से जुड़ने के फैसले, महिलाओं के संदर्भ में दिए गए उनके बयानों और हालिया विरोध प्रदर्शनों पर की गई टिप्पणियों की आलोचना करते हैं। मुझे कई बार यकीन ही नहीं होता कि उन्होंने ऐसी बातें कही हैं।” गौरतलब है कि हाल ही में कंगना ने दिल्ली में Gen Z के नेतृत्व वाले 'कॉकरोच जनता पार्टी' के विरोध प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने उन प्रदर्शनों के वीडियो को “उल्टी लाने वाला” बताया था और प्रदर्शनकारियों पर कचरा व बदसूरती फैलाने का गंभीर आरोप भी लगाया था, जिस पर काफी हंगामा हुआ था।
कंगना के सफर की तुलना 'जोकर' से
बातचीत के दौरान ऐश्वर्या लक्ष्मी ने कंगना रनौत के संघर्षपूर्ण सफर की तुलना मशहूर फिल्मी किरदार 'जोकर' से कर डाली। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा से यह बात आकर्षित करती है कि कंगना ने अलग-अलग और विपरीत परिस्थितियों में खुद को कैसे ढाला है। जिस तरह से उन्होंने तमाम बाधाओं को पार करके अपनी एक अलग पहचान बनाई, वह तारीफ के काबिल है।
ऐश्वर्या के मुताबिक, लोग 'जोकर' जैसे किरदारों को इसलिए पसंद करते हैं क्योंकि उसके पीछे एक गहरा संघर्ष और कहानी छिपी होती है। इसी तरह वह कंगना के अब तक के सफर और उनके व्यक्तित्व में आए बदलावों को देखती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह कंगना की हर बात का समर्थन करती हैं।
'संसद के भाषणों का समर्थन नहीं करती'
ऐश्वर्या ने साफ किया कि उन्हें भले ही कंगना की भाषण देने की कला और उनका आत्मविश्वास पसंद हो, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह उनके राजनीतिक विचारों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा, “मैं संसद में दिए जाने वाले उनके किसी भी राजनीतिक भाषण का समर्थन नहीं करती। मुझे सिर्फ उनकी भाषण देने की कला पसंद है, क्योंकि मैं जानती हूं कि एक एक्टर के तौर पर कैमरे के सामने या मंच पर खड़े होकर ऐसा करने में कितनी मानसिक और शारीरिक मेहनत लगती है।”
अपनी खुद की फिल्मों का उदाहरण देते हुए ऐश्वर्या ने बताया कि जब वह तमिल या तेलुगु भाषा की फिल्मों में काम करती हैं, तो उन्हें संवाद याद रखने और उन्हें सही ढंग से बोलने के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ती है, क्योंकि वे भाषाएं उनकी मातृभाषा नहीं हैं। इसलिए एक कलाकार के तौर पर वह भाषा और प्रस्तुति पर कंगना की पकड़ का सम्मान करती हैं।
शुरुआती संघर्षों के प्रति सम्मान
कंगना रनौत के हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से इलाके से निकलकर बॉलीवुड की शिखर तक पहुंचने और फिर राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाने के सफर पर ऐश्वर्या ने गहरी सहानुभूति और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“तो सोचिए, एक इंसान जो हिमाचल से आया हो, जिसे शुरुआती दौर में कहीं भी आसानी से स्वीकार नहीं किया गया हो। वह ऐसी महिला हैं जिन्होंने खुद अपनी कुर्सी उठाई और उन मेज़ों पर जाकर बैठीं जहाँ उनका स्वागत नहीं किया गया था। मुझे उनकी यह जिजीविषा और खूबी बहुत पसंद है।”
'मैं कंगना को जज करने वाली कोई नहीं'
अपने पूरे इंटरव्यू में ऐश्वर्या लक्ष्मी ने संतुलन साधने की कोशिश की। उन्होंने यह भी माना कि उन्हें नहीं पता कि कंगना के कई विवादित कदमों के पीछे असल वजह क्या होती है। उन्होंने खुद को कंगना के फैसलों की आलोचक या जज करने वाली मानने से इनकार कर दिया।
उन्होंने निष्कर्ष देते हुए कहा, “मुझे सचमुच नहीं पता कि वह ऐसा क्यों कर रही हैं। मैं उन्हें जज करने या उनके व्यवहार पर कोई अंतिम टिप्पणी करने वाली कोई नहीं होती हूँ। मुझे लगता है कि यह सब शायद सर्वाइवल (अस्तित्व की लड़ाई) का हिस्सा हो सकता है। एक महिला होने के नाते, मैं इस मानसिक स्थिति से थोड़ी बहुत सहानुभूति जरूर महसूस कर सकती हूँ।”
आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में
एक तरफ जहां ऐश्वर्या लक्ष्मी के बयानों ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, वहीं दूसरी तरफ वह अपने पेशेवर मोर्चे पर काफी व्यस्त हैं। उनकी आगामी बहुप्रतीक्षित मलयालम फिल्म 'आशा' सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता बनी हुई है, और फैंस एक बार फिर पर्दे पर उनकी बेहतरीन अदाकारी देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।