भारतीय टेलीविजन और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर सास-बहू के झगड़े और भूतिया कहानियां कोई नई बात नहीं हैं। दशकों से दर्शक इन दोनों जॉनर के अलग-अलग तड़के का स्वाद लेते आए हैं। लेकिन, क्या आपने कभी कल्पना की है कि जब पारंपरिक सास-बहू की तीखी नोकझोंक और एक भटकती हुई आत्मा का आमना-सामना हो जाए, तो पर्दे पर क्या तमाशा मचेगा? निर्देशक संकेत श्रीरंग चक्रवर्ती इसी अनोखे और ताज़ा विचार के साथ एक नया वेब शो लेकर आए हैं, जिसका शीर्षक है- 'सास बहू और भूत'। यह शो पारंपरिक डरावनी कहानियों के ढर्रे को पूरी तरह से पलट देता है। यहाँ भूत लोगों को डराने का ठेका लेकर नहीं घूम रहा, बल्कि वह खुद इस अजीबोगरीब परिवार की कलह से इतना त्रस्त हो चुका है कि उसे अपनी ही आजादी पर पछतावा होने लगता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह सीरीज दर्शकों के दिलों पर कितना खरी उतरती है।
कहानी की शुरुआत: 'दीमक धाम' और वो रहस्यमयी लाल बोतल
इस मनोरंजक दास्तान की नींव साल 1976 के एक वीरान और सुनसान बंगले से रखी जाती है, जिसे स्थानीय लोग 'दीमक धाम' के नाम से जानते हैं। इस बंगले के एक अंधेरे कमरे में कांच की एक लाल बोतल के अंदर पिछले 40 साल से एक भूत कैद है। सदियों की कैद से तंग आ चुका यह भूत आजादी पाने के लिए तड़प रहा है। वह अपनी मुक्ति के लिए एक शर्त रखता है—जो कोई भी उसे इस कैद से बाहर निकालेगा, उसे अगले सात सालों तक उस शख्स की गुलामी करनी होगी।
कहानी में असली रोमांच तब शुरू होता है जब एक आम आधुनिक भारतीय परिवार इस पुराने और रहस्यमयी घर में रहने के लिए पहुंचता है। परिवार में पारंपरिक मान्यताओं में जकड़ी हुई सख्त सास हैं, तो वहीं दूसरी तरफ हर बात का बेबाक और हाजिर जवाब तरीके से जवाब देने वाली बहू भी मौजूद है। घर की चारदीवारी के भीतर कदम रखते ही इन दोनों महिलाओं के बीच तनातनी का दौर शुरू हो जाता है। उनकी यह आपसी खींचतान न सिर्फ घर का माहौल गरमाती है, बल्कि दर्शकों के लिए हंसी के अनगिनत फुव्वारे भी छोड़ती है।
एक दिन घर की सफाई के दौरान दोनों की नजर उस बंद और वर्जित कमरे पर पड़ती है। मनाही के बावजूद जिज्ञासावश वे कमरे के अंदर चली जाती हैं और उस खतरनाक लाल बोतल तक पहुँच जाती हैं। बोतल को लेकर दोनों के बीच शुरू हुई छीना-झपटी में आखिरकार वह कांच टूट जाता है और भूत हमेशा के लिए आजाद हो जाता है। अब नियति के खेल के तहत भूत को अपना वादा निभाते हुए उस परिवार की सात साल तक गुलामी करनी है। लेकिन जिस घर में सास और बहू हर पल एक-दूसरे की जान खाने को तैयार बैठी हों, वहाँ एक भूत की क्या हालत होगी? यही इस शो की यूएसपी (USP) और सबसे बड़ा कॉमिक प्लॉट है।
किरदार और अभिनय: कलाकारों ने भरी जान
किसी भी कॉमेडी या हॉरर-कॉमेडी प्रोजेक्ट की सफलता बहुत हद तक उसकी स्टार कास्ट के अभिनय और उनकी आपसी केमिस्ट्री पर निर्भर करती है। 'सास बहू और भूत' इस मामले में काफी भाग्यशाली साबित हुआ है।
- परन गाला और प्राची घिल्डियाल: शो की रीढ़ यही दोनों कलाकार हैं। सास और बहू के रूप में इनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री बेजोड़ है। इनकी तेजतर्रार नोकझोंक और चुटीले संवाद बिना किसी बनावट के हंसाने में कामयाब होते हैं।
- पंकज उपाध्याय (भूत के रूप में): पंकज ने भूत के किरदार को एक बिल्कुल नया आयाम दिया है। वे डराने के बजाय अपनी लाचारी और बेबसी से दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। एक खौफनाक आत्मा का ऐसा दयनीय और कॉमिक रूप आपने शायद ही पहले कभी देखा होगा।
- अन्य कलाकार: मो. मुदस्सिर और साहिल त्यागी ने परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका को बखूबी निभाया है। इसके अलावा, मेलानी पेस ने इंस्पेक्टर सौदामिनी के रूप में कहानी को एक अलग ही मोड़ दिया है, वहीं रवींद्र कुमार तांत्रिक की भूमिका में हॉरर एंगल को हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं। महेंद्र कुमार सहित बाकी कलाकारों का सहयोग भी सराहनीय है।
निर्देशन और पटकथा: लीक से हटकर एक प्रयोग
निर्देशक संकेत श्रीरंग चक्रवर्ती ने एक बेहद अनूठे और जोखिम भरे विचार को पर्दे पर उतारा है। आमतौर पर भूतिया फिल्मों या शो में डरावने साए, चीख-पुकार और सस्पेंस का बोलबाला होता है। लेकिन यहाँ निर्देशक ने उस फॉर्मूले को उलट दिया है। उन्होंने हॉरर जॉनर को सिचुएशनल कॉमेडी (परिस्थितिजन्य हास्य) के साथ खूबसूरती से पिरोया है।
कहानी का मुख्य फोकस डर पैदा करने पर नहीं, बल्कि उस अजीब स्थिति को भुनाने पर है जहाँ एक अलौकिक शक्ति इंसानी झगड़ों के आगे बेबस नजर आती है। हालांकि, पटकथा के कुछ हिस्सों में कसावट की थोड़ी गुंजाइश जरूर महसूस होती है, और कुछ दृश्यों को और अधिक संक्षिप्त किया जा सकता था, बावजूद इसके यह मौलिक विचार अपनी एक मजबूत और अलग पहचान बनाने में पूरी तरह सफल रहता है।
निष्कर्ष: क्या आपको यह शो देखना चाहिए?
यदि आप खून-खराबे, चीखने-चिल्लाने वाले गंभीर हॉरर कंटेंट से ऊब चुके हैं और अपने परिवार के साथ बैठकर कुछ हल्का-फुल्का, गुदगुदाने वाला मनोरंजन तलाश रहे हैं, तो 'सास बहू और भूत' आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह शो आपको बहुत ज्यादा डराएगा तो नहीं, लेकिन आपके चेहरे पर एक लंबी मुस्कान जरूर छोड़ जाएगा।
रेटिंग: 3.5/5 स्टार्स
कुल मिलाकर, यह वेब शो पारंपरिक पारिवारिक ड्रामा और हल्के-फुल्के भूतिया तड़के का एक ऐसा अनूठा मिश्रण है जिसे वीकेंड पर आराम से एन्जॉय किया जा सकता है।