रामगढ़ शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री कृष्ण विद्या मंदिर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती को बेहद भव्य और प्रेरणादायक तरीके से मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंगों में रंगा नजर आया और बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों महान विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
चित्र पर माल्यार्पण से हुआ गरिमामयी शुभारंभ
समारोह का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष सह अधिवक्ता आनंद अग्रवाल, सचिव विमल किशोर जाजू, प्राचार्या गुरप्रीत कौर और समस्त विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। अतिथियों और शिक्षकों ने संयुक्त रूप से महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया और पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान पूरा प्रांगण राष्ट्रपिता और जय जवान-जय किसान के नारों से गूंज उठा।
नन्हे कलाकारों ने दी मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण बाल वाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियां रहीं। छोटे-छोटे बच्चों ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके संघर्षों पर आधारित एक मनमोहक नाट्य प्रस्तुति दी, जिसे देखकर सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
इसके साथ ही, कक्षा तीसरी से लेकर आठवीं तक के छात्र-छात्राओं ने गांधी जी के जीवन दर्शन और उनके विचारों को जीवंत करते हुए एक विशेष नाटक मंचित किया। इस नाटक के माध्यम से बच्चों ने सत्य, अहिंसा और भाईचारे का बेहद शक्तिशाली संदेश समाज तक पहुंचाया। नाटक के संवाद और बच्चों का अभिनय इतना प्रभावशाली था कि उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो गए।
भजनों की सुमधुर प्रस्तुति
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में संगीत और भक्ति का भी सुंदर संगम देखने को मिला। कक्षा पांचवीं की मेधावी छात्रा अनुष्ठा पाठक और कक्षा छठी की छात्रा तेजस्विनी पाठक ने मंच पर महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं। उनकी इन प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को पूरी तरह से शांत, पवित्र और देशभक्ति से ओत-प्रोत बना दिया।
शिक्षकों ने साझा किए गांधी-शास्त्री के जीवन के अनछुए पहलू
विद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका सपना चक्रवर्ती ने इस अवसर पर एक विस्तृत उद्बोधन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं और उनके उच्च आदर्शों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे गांधी जी ने साधारण जीवन जीते हुए देश को आजादी दिलाई और कैसे शास्त्री जी ने अपनी ईमानदारी और सादगी से पूरे देश का नेतृत्व किया।
"महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन हम सभी के लिए एक खुली किताब की तरह है। उनके त्याग, बलिदान और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।" - गुरप्रीत कौर, प्राचार्या, श्री कृष्ण विद्या मंदिर
प्राचार्या ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने जयंती के इस पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को दोनों महान नेताओं के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में उतारने की आवश्यकता है। उन्होंने अनुशासन, सत्यनिष्ठा और देशप्रेम को अपने जीवन का मुख्य हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
सामूहिक प्रयासों से सफल हुआ आयोजन
इस भव्य और सफल आयोजन के पीछे विद्यालय के सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और समर्पण भाव का बड़ा योगदान रहा। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम न केवल मनोरंजक हो, बल्कि बच्चों के वैचारिक विकास में भी एक मील का पत्थर साबित हो। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को मिष्ठान वितरित किया गया और इस प्रकार यह प्रेरणादायक उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।