Breaking
► वाराणसी में स्मार्ट सिटी के दावों की पोल, छह महीने से जलमग्न हैं गलियां ► वाराणसी में विधायक का अनोखा जनसंपर्क: गलियों में घूमकर सुनी समस्याएं, दिए सख्त निर्देश ► वाराणसी में बाढ़ का खतरा: गंगा-वरुणा के तेवर देख प्रशासन अलर्ट ► वाराणसी में सीवर पर बड़ा एक्शन, महापौर की चेतावनी के बाद हड़कंप ► वाराणसी में पहली गेटेड सिटी 'आनंद काशी' का रास्ता साफ, अगले सप्ताह से शुरू होगा पंजीकरण ► वाराणसी में बैंकिंग सेक्टर पर बड़ा एक्शन, सीडी रेशियो 80 फीसदी करने का टारगेट ► श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: बाजार में रेडीमेड झांकियों की धूम, काशी में कल्कि अवतार बना मुख्य आकर्षण ► वाराणसी में बाढ़ का कहर: मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बांटी राहत सामग्री, दिए कड़े निर्देश ► गाजीपुर को रेलवे की बड़ी सौगात, अब इस नए रूट से दौड़ेगी सुहेलदेव एक्सप्रेस ► गाजीपुर को रेलवे की बड़ी सौगात, अब इस नए रूट से दौड़ेगी सुहेलदेव एक्सप्रेस ► वाराणसी में स्मार्ट सिटी के दावों की पोल, छह महीने से जलमग्न हैं गलियां ► वाराणसी में विधायक का अनोखा जनसंपर्क: गलियों में घूमकर सुनी समस्याएं, दिए सख्त निर्देश ► वाराणसी में बाढ़ का खतरा: गंगा-वरुणा के तेवर देख प्रशासन अलर्ट ► वाराणसी में सीवर पर बड़ा एक्शन, महापौर की चेतावनी के बाद हड़कंप ► वाराणसी में पहली गेटेड सिटी 'आनंद काशी' का रास्ता साफ, अगले सप्ताह से शुरू होगा पंजीकरण ► वाराणसी में बैंकिंग सेक्टर पर बड़ा एक्शन, सीडी रेशियो 80 फीसदी करने का टारगेट ► श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: बाजार में रेडीमेड झांकियों की धूम, काशी में कल्कि अवतार बना मुख्य आकर्षण ► वाराणसी में बाढ़ का कहर: मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बांटी राहत सामग्री, दिए कड़े निर्देश ► गाजीपुर को रेलवे की बड़ी सौगात, अब इस नए रूट से दौड़ेगी सुहेलदेव एक्सप्रेस ► गाजीपुर को रेलवे की बड़ी सौगात, अब इस नए रूट से दौड़ेगी सुहेलदेव एक्सप्रेस

गाजीपुर में गंगा का तांडव: 102 बाढ़ चौकियों पर मेडिकल टीमें तैनात, 24 घंटे मिल रहा इलाज

गाजीपुर में गंगा का तांडव: 102 बाढ़ चौकियों पर मेडिकल टीमें तैनात, 24 घंटे मिल रहा इलाज

सितंबर 2026 के इस दौर में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जलस्तर लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। गाजीपुर जनपद में भी कुदरत का कहर साफ तौर पर देखा जा रहा है, जहां उफनाई गंगा नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया है। बाढ़ के इस गंभीर संकट के बीच आम जनता की सेहत और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। किसी भी अप्रिय स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि पानी से घिरे इलाकों के लोगों को समय पर इलाज मिल सके।

गाजीपुर में बाढ़ का प्रकोप और स्वास्थ्य विभाग की पुख्ता तैयारी

गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से जनपद के कई तटीय और निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं। पानी के गांवों में घुसने और संपर्क मार्ग कटने के कारण संक्रामक बीमारियों फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इस खतरे को भांपते हुए गाजीपुर स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत प्रभाव से मोर्चा संभाल लिया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर में कुल 102 विशेष बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन सभी चौकियों पर मुस्तैदी सुनिश्चित करने के लिए ठीक उतनी ही यानी 102 डेडीकेटेड मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है, जो दिन-रात राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ के पानी के बीच घिरे किसी भी पीड़ित को बुनियादी चिकित्सीय सहायता के लिए दर-दर न भटकना पड़े। इसके लिए विभाग ने चौबीसों घंटे यानी 24x7 मेडिकल सुविधाएं बहाल कर दी हैं, ताकि रात के वक्त भी अगर किसी मरीज की तबीयत बिगड़े, तो उसे तुरंत राहत दी जा सके।

सचल चिकित्सा दलों की तैनाती और जमीनी हकीकत

स्थायी बाढ़ चौकियों के अलावा, दूर-दराज के और पूरी तरह से कट चुके इलाकों तक पहुंचने के लिए मोबाइल मेडिकल टीमों को भी मैदान में उतारा गया है। कुल 17 सचल चिकित्सा दल (Mobile Medical Units) को जिले के अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में राउंड-द-क्लॉक एक्टिव मोड पर रखा गया है। ये मोबाइल वैन और टीमें लगातार उन गांवों का दौरा कर रही हैं जहां आवागमन के साधन पूरी तरह ठप हो चुके हैं।

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण

व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की हीला-हिलाी या लापरवाही से बचने के लिए खुद उच्च अधिकारी मैदान में उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। हाल ही में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉक्टर रामकुमार ने सैदपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने हथौड़ा ग्राम सभा और पटना ग्राम सभा में बनाई गई बाढ़ चौकियों की जमीनी हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान राहत की बात यह रही कि कागजों के बजाय धरातल पर भी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। डॉक्टर रामकुमार द्वारा की गई इस सरप्राइज चेकिंग में:

  • सभी 102 बाढ़ चौकियों पर डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और आशा बहुएं अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद पाई गईं।
  • अस्पताल या चौकियों में जीवन रक्षक दवाइयों और आवश्यक औषधियों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध मिला।
  • मौके पर ही कई मरीजों का हेल्थ चेक-अप किया गया और उन्हें तुरंत दवाइयां वितरित की गईं।

सीएमओ का बयान: "हर पीड़ित तक पहुंचेगी सीधी मदद"

निरीक्षण के बाद पत्रकारों और स्थानीय लोगों से बातचीत करते हुए प्रभारी सीएमओ डॉक्टर रामकुमार ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य प्रशासन किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, "बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने और पीड़ित परिवारों तक स्वास्थ्य से जुड़ी हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए हमारी सभी चौकियां अलर्ट मोड पर हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि हर चौकी पर एक योग्य डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम हर समय मौजूद रहे। इसके अलावा जनपद की सभी 17 सचल चिकित्सा दल भी लगातार फील्ड में एक्टिव हैं ताकि आपात स्थिति में बिना किसी देरी के सीधे बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचाई जा सके।"

संक्रामक रोगों से बचाव के लिए विशेष निर्देश

बाढ़ के उतरने के बाद या उसके दौरान पानी दूषित होने से डायरिया, पीलिया, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी संक्रमण (Skin Infections) फैलने का खतरा सबसे अधिक होता है। इसे ध्यान में रखते हुए मेडिकल टीमों को क्लोरीन की गोलियां (Chlorine Tablets), ओआरएस (ORS) के पैकेट और एंटीबायोटिक दवाओं का पर्याप्त वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पशुओं के जरिए फैलने वाली बीमारियों और जल जनित रोगों से बचने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

गाजीपुर प्रशासन की यह तत्परता दर्शाती है कि इस आपदा के समय में आम नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि आप भी किसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हैं और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत नजदीकी बाढ़ चौकी या तैनात मोबाइल मेडिकल टीम से संपर्क करें।

About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More