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जयपुर में सजेगा गुलाबो पद्मश्री महोत्सव, कालबेलिया की गूंज से महकेगा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर

जयपुर में सजेगा गुलाबो पद्मश्री महोत्सव, कालबेलिया की गूंज से महकेगा राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर

रेत के धोरों से निकलकर पूरी दुनिया में अपनी कला का परचम लहराने वाले पारंपरिक लोक कलाकारों के लिए एक बेहद खास और ऐतिहासिक अवसर सामने आ रहा है। बात हो रही है विश्व प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्यांगना और पद्मश्री से सम्मानित गुलाबो सपेरा की, जिनकी पहल पर राजधानी जयपुर में कला और संस्कृति का महाकुंभ सजने जा रहा है। आने वाली एक अक्टूबर को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का पूरा माहौल लोक धुनों और पारंपरिक रंगों में रंगा नजर आएगा, जहां देश-विदेश के दिग्गज कलाकार अपनी कला का जादू बिखेरेंगे।

एक अक्टूबर को सजेगा 'गुलाबो पद्मश्री महोत्सव-2026'

गुलाबो सपेरा नृत्य एवं संगीत संस्थान के बैनर तले आयोजित होने वाले इस भव्य 'गुलाबो पद्मश्री महोत्सव-2026' के अंतर्गत 'लोक कला रत्न सम्मान सीजन-3' का आयोजन किया जा रहा है। गणगौर टेलीविजन के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह प्रतिष्ठित समारोह सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इस आयोजन को लेकर सांस्कृतिक गलियारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर उन जमीनी कलाकारों को समर्पित है जो पीढ़ियों से अपनी लोक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं।

इस बार के समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए 51 प्रतिभाशाली लोक कलाकारों को 'लोक कला रत्न सम्मान' से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही, लोक कला, संगीत और संस्कृति के क्षेत्र में अपना पूरा जीवन समर्पित कर देने वाले सात विशिष्ट कलाकारों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' प्रदान किया जाएगा।

प्रतिभा को बड़ा मंच देने की अनूठी पहल

इस महोत्सव के पीछे की मूल प्रेरणा के बारे में बात करते हुए पद्मश्री गुलाबो सपेरा ने बताया कि जब उन्हें देश के बड़े नागरिक सम्मान 'पद्मश्री' से नवाजा गया था, तभी उन्होंने यह ठान लिया था कि वे अपनी इस खुशी को केवल अपने तक सीमित नहीं रखेंगी। उनका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में छिपे उन कलाकारों को मंच और पहचान दिलाना है, जो अपनी कला के दम पर भारतीय संस्कृति को जीवंत रखे हुए हैं, लेकिन चकाचौंध की दुनिया से दूर होने के कारण उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।

"लोक कला और संस्कृति हमारी असली पहचान हैं। जब तक हमारे लोक कलाकार सुरक्षित और सम्मानित रहेंगे, तब तक हमारी संस्कृति जीवित रहेगी। यह महोत्सव सिर्फ एक मंच नहीं, बल्कि उन अनसंग हीरोज को मुख्यधारा में लाने का एक विनम्र प्रयास है।" - गुलाबो सपेरा

अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र

इस एक दिवसीय महोत्सव के दौरान दर्शकों को एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों पर नजर डालें तो:

  • खास कालबेलिया प्रस्तुति: पद्मश्री गुलाबो सपेरा खुद अपने दल के साथ मंच पर उतरेंगी और अपनी जादुई कालबेलिया लोक नृत्य शैली से समां बांधेंगी।
  • विदेशी कलाकारों का आगमन: फ्रांस की राजधानी पेरिस से विशेष रूप से आ रहे कलाकार टीटी रॉबिन अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा डीनू बंजारा और उनका पूरा समूह भी इस सांस्कृतिक महाकुंभ का हिस्सा बनेगा।
  • बीन वादन की गूंज: पारंपरिक लोक वाद्य 'बीन' का वादन इस पूरे आयोजन में एक अलग ही आध्यात्मिक और पारंपरिक ऊर्जा का संचार करेगा।
  • सांस्कृतिक फैशन शो: समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण भारतीय लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत पर आधारित एक विशेष कालबेलिया फैशन शो होगा, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

युवा पीढ़ी तक संस्कृति को पहुंचाने का संकल्प

आज के दौर में जहां पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं इस तरह के आयोजन भारतीय लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक मजबूत माध्यम बनते हैं। आयोजकों का मानना है कि 'लोक कला रत्न सम्मान' को केवल एक औपचारिकता या पुरस्कार वितरण समारोह तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे लोक कलाकारों के संरक्षण, उनके आर्थिक संबल और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के एक बड़े आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए।

जयपुर के सांस्कृतिक इतिहास में एक अक्टूबर 2026 का यह दिन मील का पत्थर साबित होने वाला है। जब देश और दुनिया के तमाम कलाकार एक मंच पर आकर राजस्थानी लोक संस्कृति की थाप पर थिरकेंगे, तो वह नजारा वाकई देखने लायक होगा। इस महोत्सव के जरिए न केवल पारंपरिक विधाओं को सहेजने का संदेश दिया जा रहा है, बल्कि कलाकारों के आत्मविश्वास को भी पंख दिए जा रहे हैं।

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रोली सिंह

रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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