खरखौदा में एसडीएम के निर्देश पर प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट और पीजी में चलाया विशेष जांच अभियान। लाइसेंस, फायर सेफ्टी और श्रम नियमों की हुई गहन पड़ताल।
शहर में सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन सख्त, अनियमितता मिलने पर संचालकों को दी गई कड़ी चेतावनी
हरियाणा के खरखौदा शहर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में संचालित हो रहे विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों की व्यवस्थाओं की जांच के लिए प्रशासन की ओर से एक विशेष अभियान चलाया गया। इस औचक निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में नियमों के उल्लंघन और कमियां पाए जाने पर संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई एसडीएम अमित कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत अमल में लाई गई। अभियान का नेतृत्व तहसीलदार बिजेंद्र नांदल ने किया, जिनकी अगुवाई में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कागजी कार्रवाई की गहराई से पड़ताल की।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने की संयुक्त जांच
इस विशेष जांच अभियान में कई प्रमुख विभागों के अधिकारी शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मानकों की जांच की। टीम में मुख्य रूप से खाद्य आपूर्ति विभाग के निरीक्षक प्रवेश दहिया, नगर पालिका सचिव मनीष रेड्डू और कनिष्ठ अभियंता (जेई) हरीश कुमार शामिल थे। संयुक्त टीम ने प्रतिष्ठानों में पहुंचकर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन किया।
लाइसेंस, अग्निशमन और श्रम नियमों की गहन पड़ताल
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर फोकस किया:
- वैध लाइसेंस और अनुमति पत्र: प्रतिष्ठानों के संचालन के लिए संबंधित विभागों से प्राप्त अनिवार्य लाइसेंस और अनुमति पत्रों की वैधता की जांच की गई।
- भवन निर्माण और नक्शा: अधिकारियों ने भवनों के निर्माण कार्य की जांच करते हुए स्वीकृत नक्शों से उनका मिलान किया।
- अग्निशमन सुरक्षा: आगजनी जैसी अप्रत्याशित घटनाओं से निपटने के लिए प्रतिष्ठानों में अग्निशमन (फायर फाइटिंग) सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यप्रणाली की स्थिति का जायजा लिया गया।
- श्रम नियम और कर्मचारी कल्याण: प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों की उम्र की पुष्टि की गई। इसके अलावा उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और श्रम कानूनों के अन्य प्रावधानों का कितनी सख्ती से पालन हो रहा है, इसकी भी पूरी जानकारी जुटाई गई।
कमियां मिलने पर नोटिस और सख्त कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जिन होटल, रेस्टोरेंट और पीजी में मानकों के विपरीत कमियां पाई गईं, उनके संचालकों को तहसीलदार बिजेंद्र नांदल द्वारा मौके पर ही व्यवस्थाएं जल्द से जल्द दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए। प्रशासन की तरफ से संबंधित सभी कमियों वाले संचालकों को औपचारिक रूप से नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि आगामी जांच के दौरान दोबारा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और उनके विरुद्ध नियमानुसार बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस प्रशासनिक कार्रवाई से शहर के अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों में भी हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।