हरियाणा के पंचकूला जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले एक सरकारी स्कूल में अनुशासन के नाम पर हदें पार कर दी गईं। बरवाला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जालौली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बारहवीं कक्षा के एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट करने और इसके बाद उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और अभिभावकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।
पीड़ित छात्र के पिता की शिकायत पर चंडीमंदिर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय में अंग्रेजी पढ़ाने वाली शिक्षिका बबली वर्मा और उनके भाई अरविंद वर्मा के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस अब मामले की गहराई से छानबीन कर रही है, हालांकि आरोपी लगातार जांच से बचते नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस पूरे विवाद की शुरुआत कहां से हुई और कैसे यह मामला एक गंभीर आपराधिक शिकायत तक जा पहुंचा।
सुल्तानपुर गांव के छात्र के साथ हुई ज्यादती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पंचकूला के पास स्थित सुल्तानपुर गांव के रहने वाले कर्म सिंह का बेटा गुरदीप जालौली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बारहवीं कक्षा का छात्र है और नियमित रूप से अपनी पढ़ाई के लिए स्कूल जाता है। विद्यालय में बबली वर्मा अंग्रेजी विषय की शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं। आरोप है कि गत 17 सितंबर को किसी बात को लेकर शिक्षिका ने गुरदीप के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उसके परिवार के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया।
एक शिक्षक द्वारा इस तरह के बर्ताव से छात्र मानसिक रूप से काफी आहत हुआ। घटना के तुरंत बाद, शिक्षिका ने छात्र के परिजनों को फोन किया और उन्हें तुरंत स्कूल आने के लिए कहा। उस समय छात्र के पिता कर्म सिंह किसी जरूरी काम से घर से बाहर थे, इसलिए उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपने बुजुर्ग पिता (छात्र के दादा) को स्कूल भेजा। कुछ देर बाद जब कर्म सिंह खुद भी विद्यालय पहुंचे, तो वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण था।
स्कूल परिसर में हुआ जमकर हंगामा
पिता कर्म सिंह जब स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि शिक्षिका बबली वर्मा स्कूल परिसर में जमकर हंगामा कर रही थीं। आरोप है कि उन्होंने छात्र के परिजनों के साथ भी बेहद अनुचित और अपमानजनक व्यवहार किया। इस पूरी घटना के दौरान जब कक्षा के अन्य सहपाठियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने खुलकर गुरदीप का समर्थन किया। अन्य बच्चों ने स्पष्ट रूप से शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को बताया कि इस पूरे मामले में गुरदीप की कोई भी गलती नहीं थी, उसे बेवजह प्रताड़ित किया गया।
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से परेशान होकर छात्र के पिता ने तुरंत विद्यालय की प्रधानाचार्या (Principal) और अन्य वरिष्ठ स्टाफ सदस्यों को इस पूरे मामले की औपचारिक जानकारी दी, ताकि स्कूल स्तर पर उचित कदम उठाया जा सके। परिजनों को उम्मीद थी कि स्कूल प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष संज्ञान लेगा, लेकिन मामला इसके उलट बहुत आगे बढ़ गया।
आधी रात को फोन पर मिली जान से मारने की धमकी
मामला तब और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब स्कूल के बाद धमकियों का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़ित पिता कर्म सिंह द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के मुताबिक, 18 सितंबर की रात को लगभग 11:38 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई। यह कॉल अरविंद वर्मा (शिक्षिका बबली वर्मा के भाई) के नंबर से की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने गंदी-गंदी गालियां दीं और बेहद डरावनी धमकी दी। उसने साफ शब्दों में कहा कि यदि उनकी बहन बबली वर्मा को किसी भी तरह की परेशानी हुई या उन्हें कुछ भी हुआ, तो वे गुरदीप के पूरे परिवार और उसके मासूम बच्चों को जान से खत्म कर देंगे। आधी रात को इस तरह की जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर माता-पिता की रातों की नींद उड़ गई।
पुलिस की एंट्री और आरोपियों की गैर-हाजिरी
अपने परिवार की सुरक्षा को खतरे में देख कर्म सिंह ने बिना एक पल गंवाए स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने चंडीमंदिर पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उनके पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की। पीड़ित की शिकायत पर हरकत में आते हुए पुलिस ने 19 सितंबर को ही इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और आरोपियों का पक्ष जानने के लिए चंडीमंदिर थाना पुलिस ने शिक्षिका बबली वर्मा और उनके भाई अरविंद वर्मा को आधिकारिक रूप से जांच में शामिल होने के लिए बुलाया था। इसके लिए उन्हें व्हाट्सएप (WhatsApp) के माध्यम से क्रमशः 22 सितंबर और उसके बाद 30 सितंबर को नोटिस भी भेजे गए थे।
हैरानी की बात यह है कि बार-बार पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने और कानूनी प्रक्रिया से अवगत कराने के बावजूद दोनों आरोपी एक बार भी जांच में शामिल होने के लिए थाने नहीं पहुंचे। वे पुलिस की पकड़ से दूर अपनी सफाई देने से कतराते नजर आए।चंडीमंदिर थाना प्रभारी का बयान
इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए चंडीमंदिर थाना प्रभारी (SHO) रामपाल सिंह ने मीडिया को बताया कि पीड़ित पिता कर्म सिंह की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जा रहे हैं। चूंकि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं, इसलिए पुलिस अपनी तरफ से आगे की कार्रवाई तेज कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी स्कूलों में अनुशासन, शिक्षकों के आचरण और छात्रों की सुरक्षा के बड़े मुद्दों को हवा दे दी है। शिक्षा के पावन स्थल पर इस तरह की हिंसा और उसके बाद परिवार को खुलेआम जान से मारने की धमकी देना न केवल एक आपराधिक कृत्य है, बल्कि यह समाज के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाती है।