भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है, जबकि बिहार में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। उत्तर भारत में यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 15 अक्टूबर को मौसम ने करवट ली। आसमान में छाए बादलों, हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के प्रभाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर को भी दिल्ली-NCR में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इस बदलाव से तापमान में नरमी बने रहने की उम्मीद है। विभाग ने वाहन चालकों और सड़क पर चलने वाले लोगों को बारिश तथा तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में कैसा रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में 16 अक्टूबर को पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मौसम की स्थिति भिन्न रह सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुरुवार को कई स्थानों पर बारिश, आंधी और बिजली चमकने की घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, शुक्रवार को यहां बारिश की गतिविधियों में कमी आने और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, फिर भी कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश हो सकती है। दूसरी ओर, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ चुनिंदा इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जिसके बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
बिहार में 16 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। राज्य में बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में हल्का बदलाव हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान अपने क्षेत्रों के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण भारत में मानसून का हाल
उत्तर भारत के मौसम में आए इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह इस क्षेत्र के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को माना जा रहा है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां रिकॉर्ड की गईं। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई थी। हालांकि, अब इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की उम्मीद है, यद्यपि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इसी बीच, 15 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे देश से अपनी विदाई पूरी कर ली है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उत्तर-पूर्वी मानसून की सक्रियता शुरू हो गई है। इस मौसमी बदलाव के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। IMD के मुताबिक, दक्षिणी प्रायद्वीप के इन इलाकों में आगामी कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है。
मौसम से जुड़ी सावधानियां
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और खराब मौसम की संभावना वाले क्षेत्रों के लिए नागरिकों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:
- आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- आसमान में बिजली चमकने के दौरान किसी सुरक्षित और पक्के स्थान पर शरण लें।
- तेज हवाओं के चलने के दौरान कमजोर ढांचों, होर्डिंग्स और बिजली के तारों से उचित दूरी बनाए रखें।
- यात्रा पर निकलने से पहले अपने गंतव्य और स्थानीय क्षेत्र के ताजा मौसम पूर्वानुमान तथा चेतावनियों की जांच अवश्य कर लें।