सारनाथ थाना क्षेत्र के सारंगनाथ इलाके में गुरुवार शाम को हुई घटना, राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सारंगनाथ इलाके में गुरुवार, 15 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजे एक तेज धमाके के साथ दो मंजिला मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। इस गंभीर दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। शुरुआती प्रशासनिक जांच और स्थानीय पुलिस अधिकारियों के बयानों के अनुसार, यह मकान राजू खान नामक युवक का बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर अवैध रूप से आतिशबाजी यानी पटाखे बनाने का काम चल रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। मलबे के नीचे अभी भी कई अन्य लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है, जिसे देखते हुए भारी मशीनों और मैनुअल तरीकों से मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।
दीपावली से पहले चल रहा था अवैध काम
स्थानीय नागरिकों से मिली जानकारी के अनुसार, इस आवासीय मकान में आगामी दीपावली के त्योहार के मद्देनजर चोरी-छिपे पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घनी आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह का जोखिम भरा काम किए जाने के कारण ही यह बड़ा हादसा होना बताया जा रहा है। हालांकि, अचानक हुए इस विस्फोट के असली कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, जिसकी जांच स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग कर रहे हैं।
दो घायलों को अस्पताल भेजा गया
हासे के तुरंत बाद चलाए गए शुरुआती बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी स्थिति और चिकित्सा निगरानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी का अभी इंतजार है। इसके अलावा, मलबे के भीतर फंसे संभावित अन्य पीड़ितों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। अधिकारियों की देखरेख में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि मलबे में फंसे हर व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। पुलिस ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और लापरवाही के पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।