शिकायत बंद करने के एवज में ली जा रही थी रिश्वत, बिचौलिए के बाद पुलिसकर्मी पर भी शिकंजा
हरियाणा के पानीपत जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनपुरा चौकी के पास सामने आए 10 हजार रुपये की रिश्वत के मामले में हवलदार राजू को गिरफ्तार किया है। इससे पहले एसीबी की टीम ने इस मामले में संलिप्त बिचौलिये दीपक को दबोचा था, जिसकी पूछताछ और जांच के बाद पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आई।
एसीबी के इंस्पेक्टर निर्मल सिंह ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता ने हवलदार राजू पर पुलिस चौकी में दर्ज शिकायत को बंद करने की एवज में अवैध रूप से पैसे मांगने और लेने के गंभीर आरोप लगाए थे। शुरुआती जांच-पड़ताल के बाद यह स्पष्ट हुआ कि रिश्वतखोरी के इस खेल में बिचौलिए दीपक के साथ हवलदार राजू भी सीधे तौर पर शामिल था।
शादी के नाम पर ठगी और फिर पुलिस में शिकायत
इस पूरे मामले की शुरुआत करनाल जिले के नलवी कलां निवासी कलीराम की शिकायत से हुई थी। कलीराम ने एसीबी को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि करीब 10 साल पहले उनकी पत्नी का देहांत हो गया था। अकेलेपन के कारण वे जीवनसाथी की तलाश में थे और इसी दौरान दलालों के संपर्क में आए। दलालों ने उनकी मुलाकात पानीपत की एक महिला से करवाई।
पीड़ित के अनुसार, महिला से शादी तय कराने के एवज में दलालों ने साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की। कलीराम ने बैंक से लोन लेकर यह भारी-भरकम रकम दलालों को सौंप दी। इसके बाद, करीब चार महीने पहले महिला के साथ कोर्ट में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कागजात भी तैयार करवाए गए।
दो दिन बाद लौटी महिला, ब्लैकमेलिंग का दौर शुरू
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कोर्ट कागजात के बाद वह महिला केवल दो दिन ही उनके साथ रही और फिर वापस लौट गई। महिला के लौटने के बाद दलालों ने कलीराम को परेशान करना शुरू कर दिया और कभी 50 हजार तो कभी 30 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग कर पैसे ऐंठे गए। जब कलीराम ने और पैसे देने से इनकार कर दिया, तो उस महिला की तरफ से पानीपत की किशनपुरा चौकी में कलीराम के खिलाफ एक शिकायत दर्ज करवा दी गई।
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई और आगे की जांच
चौकी में दी गई शिकायत को रफा-दफा करने और आगे की कानूनी कार्रवाई रोकने के नाम पर बिचौलियों और पुलिसकर्मियों द्वारा पैसों की मांग की जा रही थी। इससे परेशान होकर कलीराम ने एंटी क्रप्शन ब्यूरो से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी।
योजना के तहत, बुधवार को एसीबी की टीम ने जाल बिछाया और 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बिचौलिए दीपक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दीपक से हुई पूछताछ के आधार पर जब कड़ियों को जोड़ा गया, तो किशनपुरा चौकी पर तैनात हवलदार राजू की भूमिका उजागर हुई। एसीबी अब दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।