सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीविजन चैनलों को पैनल चर्चाओं और बहसों के दौरान कड़ा संपादकीय नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं।
भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने देश के सभी टेलीविजन चैनलों, विशेष रूप से समाचार चैनलों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत चैनलों से कहा गया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके प्रसारण में किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक, राष्ट्रविरोधी, अपमानजनक या भड़काऊ सामग्री का प्रसार न हो। मंत्रालय ने चैनलों को यह भी निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे लाइव बहसों के दौरान वक्ताओं को म्यूट कर सकें, कार्यक्रमों में व्यवधान उत्पन्न करें या आपत्तिजनक स्थिति में फीड को पूरी तरह से काट दें।
आतंकवाद विरोधी अभियानों के लाइव कवरेज पर रोक
बुधवार को जारी इस एडवाइजरी में मंत्रालय ने विशेष रूप से आतंकवाद विरोधी अभियानों के लाइव कवरेज के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के लाइव प्रसारण से सुरक्षा बलों के अभियानों में बाधा आ सकती है और राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसके अलावा, चैनलों से यह भी आग्रह किया गया है कि वे समाचारों की सटीकता से कोई समझौता न करें और प्रसारण में केवल सत्यापित तथ्यों का ही उपयोग करें।
मानचित्रों और एआई उपकरणों के उपयोग पर निर्देश
जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि सभी टीवी चैनल अपने प्रसारण, ग्राफिक्स और अन्य प्रस्तुतियों में केवल भारतीय सर्वेक्षण (Survey of India) द्वारा अनुमोदित देश के आधिकारिक मानचित्रों का ही उपयोग करें। साथ ही, समाचारों की प्रामाणिकता और सटीकता से समझौता किए बिना कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) उपकरणों के उपयोग को केवल एक सहायक भूमिका तक ही सीमित रखने को कहा गया है।
अंतर-विभागीय समिति की बैठक के बाद लिया गया निर्णय
यह पूरा फैसला केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के तहत गठित अंतर-विभागीय समिति की बैठक के बाद लिया गया है। मंत्रालय ने पाया था कि विभिन्न निजी सैटेलाइट टेलीविजन चैनल 'केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995' और 'केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994' के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता (Programme Code) के प्रावधानों का ठीक से पालन नहीं कर रहे हैं। समिति ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि प्रसारण के दौरान अनुचित व्यवहार या भाषा को सामान्य नहीं माना जा सकता है।
अपराध, हिंसा और दृश्यों के प्रसारण में सावधानी
मंत्रालय ने चैनलों को यह भी हिदायत दी है कि हिंसक, ग्राफिक या दर्शकों को विचलित करने वाले दृश्यों का प्रसारण करते समय अत्यधिक सावधानी, जिम्मेदारी और संपादकीय विवेक का परिचय दिया जाए। इसका उद्देश्य दर्शकों की मर्यादा का उल्लंघन रोकना और उन्हें अनावश्यक मानसिक कष्ट से बचाना है। अपराध और हिंसा से जुड़ी खबरों के संबंध में स्पष्ट किया गया है कि रिपोर्ट पूरी तरह सत्यापित तथ्यों पर आधारित और संतुलित होनी चाहिए, ताकि समाज में झूठे आरोप या अधूरी सच्चाई न फैले।