चीउ चीयुआन के आखिरी शानदार प्रदर्शन की बदौलत चीन ने आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक विश्व चैंपियनशिप के महिला टीम मुकाबले में अमेरिका को रोमांचक मुकाबले में मात दी। इस जीत के साथ ही चीन ने अमेरिका के लगातार सात बार के स्वर्ण पदक जीतने के विजय रथ को रोक दिया और साल 2006 के बाद पहली बार इस वर्ग का विश्व खिताब अपने नाम किया।
नीदरलैंड्स के रॉटरडैम में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में चीनी टीम ने क्वालीफिकेशन दौर में भी शीर्ष स्थान हासिल किया था। फाइनल मुकाबले में कड़े संघर्ष के बाद चीन ने कुल 165.764 अंक जुटाए। उन्होंने अमेरिकी टीम को बेहद मामूली अंतर यानी महज 0.233 अंकों से पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस हार के चलते अमेरिकी टीम अपने आठवें लगातार स्वर्ण पदक से चूक गई। अमेरिकी टीम इससे पहले आखिरी बार साल 2010 की चैंपियनशिप में हारी थी, तब रूस ने बाजी मारी थी।
प्रतियोगिता में जापान की महिला टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। जापानी टीम विजेताओं से 1.468 अंक पीछे रही, जबकि फ्रांस की टीम चौथे स्थान पर रही। इस बार अमेरिकी टीम की सबसे बड़ी स्टार और 23 बार की विश्व चैंपियन सिमोन बाइल्स इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं हैं। पेरिस 2024 ओलंपिक खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीतने के बाद से ही वह खेल से विश्राम ले रही हैं।
संतुलन बीम (बैलेंस बीम) पर अमेरिकी गलतियों का खमियाजा
मुकाबले के शुरुआती चरण में गत चैंपियन अमेरिकी टीम ने बढ़त बना रखी थी। स्काई ब्लेकली ने वॉल्ट और अनईवन बार पर शानदार प्रदर्शन किया। स्काई उस अमेरिकी टीम की एकमात्र जिमनास्ट थीं, जो साल 2023 में सातवां लगातार स्वर्ण जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। हालांकि, प्रतियोगिता के निर्णायक मोड़ पर संतुलन बीम (बैलेंस बीम) के दौरान अमेरिकी खिलाड़ियों से कुछ गंभीर भूलें हुईं।
अठारह वर्षीय कैलोर डलसी बीम पर लड़खड़ा गईं और वह केवल 12.333 अंक ही जुटा सकीं। इस उपकरण पर चीनी जिमनास्टों ने अमेरिकी खिलाड़ियों पर चार अंकों से ज्यादा की बढ़त बना ली। बीम क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहीं झांग किंगयिंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15.066 अंक हासिल किए और अमेरिकी टीम को इस चूक की भारी कीमत चुकानी पड़ी।
चीउ चीयुआन का निर्णायक प्रदर्शन
फ्लोर एक्सरसाइज के दौरान चीनी टीम पर भारी दबाव था। स्वर्ण पदक जीतने के लिए अंतिम रूटीन पेश कर रहीं चीउ चीयुआन को 12.600 से अधिक अंक की आवश्यकता थी। उन्होंने इस दबाव का बखूबी सामना किया और अपने आखिरी फ्लोर रूटीन में 12.833 अंक हासिल करके अपनी टीम की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी।
विश्व चैंपियनशिप का यह आयोजन नीदरलैंड्स में जारी है। गुरुवार को पुरुष ऑल-अराउंड मुकाबले होंगे, जहां जापान के दाइकी हाशिमोटो अपने पुरुष ऑल-अराउंड खिताब का बचाव करेंगे। उन्हें अपने ही देश के साथी और ओलंपिक चैंपियन शिन्नोसुके ओका से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंगलवार को हुए पुरुष टीम मुकाबले में भी जापान ने रूस और चीन को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता था।