दीवाली के त्योहारी सीजन में बच्चों को स्क्रीन टाइम से दूर रखने और उन्हें भारतीय संस्कृति व परंपराओं से जोड़ने के लिए त्योहार की गतिविधियों में शामिल करना एक बेहतरीन तरीका है।
दीवाली आते ही भारतीय घरों में साफ-सफाई, खरीदारी, मिठाइयों के डिब्बे तैयार करने, पूजा की योजना और मेहमानों के स्वागत की गहमागहमी शुरू हो जाती है। इस दौरान स्कूलों में छुट्टियों के चलते अक्सर बच्चे अपना अधिकांश समय मोबाइल स्क्रीन पर बिताते हैं या बोरियत महसूस करते हैं। इस दीवाली बच्चों को केवल स्क्रीन या पटाखों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें घर की छोटी-छोटी और सुरक्षित जिम्मेदारियां सौंपकर त्योहार की तैयारियों का अहम हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे न केवल उनका मनोरंजन होगा, बल्कि उनमें सहभागिता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।
बच्चों के लिए बनाएं 'दीवाली ड्यूटी लिस्ट'
बच्चों में काम के प्रति उत्साह जगाने के लिए एक छोटी सी चेकलिस्ट तैयार की जा सकती है, जिसमें उनकी उम्र के हिसाब से आसान काम लिखे हों। उदाहरण के लिए, गिफ्ट बैग में ग्रीटिंग कार्ड रखना, सजावट का सामान एक निश्चित जगह पर इकट्ठा करना या मेहमानों के बैठने की व्यवस्था में सहयोग करना। हर काम पूरा होने पर बच्चों को उस पर टिक लगाने दें, जिससे उन्हें अपनी जिम्मेदारी पूरी करने का संतोष और आनंद मिलेगा।
पूजा की थाली और फूलों की सजावट
पूजा-पाठ के दौरान बच्चों को गेंदे के फूलों की पंखुड़ियां अलग करने, छोटी फूल माला बनाने या पूजा की थाली के आसपास फूल सजाने जैसे काम सौंपे जा सकते हैं। इस बहाने उन्हें पूजा में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न सामग्रियों के नाम और उनकी पहचान का मौका भी मिलता है। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दीपक, माचिस, कपूर या जलती हुई लौ जैसी चीजें बच्चों को बिल्कुल न दें, इन कार्यों को केवल बड़ों की देखरेख में ही किया जाना चाहिए।
मिठाई के डिब्बों को दें पर्सनल टच
रिश्तेदारों और पड़ोसियों को दी जाने वाली मिठाइयों के डिब्बों और गिफ्ट पैक्स पर बच्चों से नाम लिखवाया जा सकता है। बच्चे अपने हाथों से छोटे ग्रीटिंग कार्ड तैयार कर सकते हैं जिन पर वे परिवार के सदस्यों के लिए शुभकामनाएं लिख सकें। बाजार से लाए गए मिठाई के डिब्बों पर रंगीन रिबन या पेपर टैग लगाना बच्चों को काफी दिलचस्प लग सकता है, जिससे उन्हें उपहार देने और बांटने की खुशी का अहसास होता है।
घर के पुराने सामान से तैयार करवाएं डेकोरेशन
पर्यावरण और बजट को ध्यान में रखते हुए घर में मौजूद खाली कांच के जार, रंगीन कागज, पुराने गिफ्ट रैपर और रिबन की मदद से सुंदर सजावट तैयार कराई जा सकती है। बच्चे कागज के बंधनवार, नाम के टैग या छोटी सजावटी लड़ियां आसानी से बना सकते हैं, क्योंकि इस तरह की क्राफ्ट एक्टिविटीज वे स्कूल में भी सीखते हैं। कांच के टूटने का जोखिम, कैंची या गर्म ग्लू गन के इस्तेमाल वाले कामों में बड़ों की सख्त निगरानी जरूरी है।
मेहमानों के स्वागत की जिम्मेदारी
घर में मेहमानों के आने पर बच्चे उनके जूते-चप्पल रखने की जगह व्यवस्थित कर सकते हैं या पानी के गिलास और नैपकिन देने में मदद कर सकते हैं। वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य रिश्तेदारों को अपने हाथ से बने कार्ड भेंट कर सकते हैं। इस प्रकार की छोटी कोशिशें बच्चों को परिवार और समाज के साथ मिलकर त्योहार मनाने के असली मायने सिखाती हैं।
मिठाई और स्नैक्स की प्लेट सजाना
बड़ों की देखरेख में बच्चे सूखे मेवे, नमकीन या पहले से तैयार मिठाइयों को छोटी प्लेटों में व्यवस्थित कर सकते हैं। जूस या पानी के गिलास सही जगह पर लगा सकते हैं। इस दौरान यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि गर्म तेल, चाशनी, गैस चूल्हा या ओवन से जुड़े किसी भी खतरनाक काम के पास बच्चों को न जाने दिया जाए।
फैमिली दीवाली मोमेंट्स और यादें
त्योहार की तैयारियां पूरी होने के बाद बच्चों के साथ बैठकर चर्चा करें कि उन्हें कौन सा काम सबसे ज्यादा पसंद आया। उनके द्वारा बनाई गई सजावट या कार्ड के साथ एक पारिवारिक तस्वीर जरूर लें। चाहें तो हर साल की एक फोटो और बच्चे की एक खास याद किसी डायरी में दर्ज कर सकते हैं, ताकि यह दीवाली उनके लिए हमेशा के लिए एक यादगार और अनमोल अनुभव बन जाए।
बच्चों से काम करवाते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि उनके काम से एकदम परफेक्ट नतीजे की उम्मीद न करें। इस प्रक्रिया में समय थोड़ा अधिक लग सकता है और सजावट आपकी सोची हुई परफेक्शन के हिसाब से न हो, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य घर को सजाना नहीं बल्कि बच्चों को त्योहार की भावना से जोड़ना है।