प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर थमने के बाद मौसम ने तेजी से करवट ली है। एक तरफ जहां रात के तापमान में लगातार गिरावट से गुलाबी सर्दी ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ दिन के समय तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। राज्य में फिलहाल मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं।
बुधवार को राजस्थान के 17 प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में रात का पारा गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस दौरान प्रदेश में सबसे कम तापमान रहा। इसके अलावा अजमेर में न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री, भीलवाड़ा में 18.4 डिग्री, अलवर में 17.6 डिग्री और टोंक में 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई अन्य जिलों में भी रात की ठंडक बढ़ने से सुबह और देर शाम के समय मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और कमी आने की संभावना है।
दिन में अब भी बरकरार है गर्मी का असर
रात के तापमान में भले ही ठंडक घुलने लगी हो, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के जिलों में दिन का पारा अब भी काफी ऊंचा बना हुआ है। बुधवार को बाड़मेर में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर में यह 38.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन की तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान में यह अंतर बना हुआ है, जिससे लोगों को एक ही दिन में सर्दी और गर्मी दोनों का अहसास हो रहा है।
24 अक्टूबर से नया पश्चिमी विक्षोभ होने जा रहा सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राज्यभर में मौसम आमतौर पर साफ रहने और धूप खिलने के आसार हैं। हालांकि, आगामी 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू जिलों में कुछ स्थानों पर बादल छाने के साथ हल्की आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस बदलाव से तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव आ सकता है और सर्दी के तेवर अधिक तीखे हो सकते हैं।