स्मार्टफोन बाजार में हलचल मचाने वाली एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप आने वाले समय में एप्पल का नया फ्लैगशिप फोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आगामी आईफोन 18 सीरीज (iPhone 18 Series) की कीमतों में इजाफा होना तय माना जा रहा है। तकनीकी बाजार के जानकारों का कहना है कि रैम (RAM) और नंद फ्लैश (NAND) चिप की बढ़ती लागत का सीधा असर अब सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब पर पड़ने वाला है।
मेमोरी चिप की बढ़ती लागत बनी मुख्य वजह
एप्पल ने इस साल की शुरुआत में जून के महीने में अपने मैक (Mac) और आईपैड (iPad) लाइनअप की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की थी। उस समय भी मुख्य वजह मेमोरी चिप्स के आसमान छूते दाम थे। अब सप्लाई चेन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यही दबाव आईफोन के अगले जनरेशन मॉडल पर भी आ गया है। कंपनी लंबे समय से इस बढ़ी हुई लागत को खुद ही वहन करने की कोशिश कर रही थी, ताकि ग्राहकों पर इसका बोझ न पड़े।
हालांकि, अब स्थिति यह हो गई है कि एप्पल के लिए अपने मुनाफे के मार्जिन (Profit Margins) को बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है। उद्योग से जुड़े जानकारों के अनुसार, आईफोन 18 सीरीज के सभी मॉडल्स की शुरुआती कीमतों में लगभग 100 डॉलर (लगभग 8,300 रुपये) तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
एप्पल पर क्यों पड़ा दबाव?
- चिप निर्माताओं की कीमतें बढ़ना: वैश्विक बाजार में रैम और स्टोरेज चिप्स की मांग और आपूर्ति में असंतुलन के कारण इनकी कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं।
- प्रॉफिट मार्जिन घटना: एप्पल अपने प्रीमियम हार्डवेयर के लिए जाना जाता है, लेकिन लागत बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर काफी दबाव है।
- अन्य कंपनियों की राह: बाजार में पहले ही सैमसंग, गूगल और अन्य बड़े ब्रांड्स अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ा चुके हैं। ऐसे में एप्पल के लिए भी इस बदलाव को अपनाना अनिवार्य हो गया था।
प्रतियोगिता और बाजार का रुख
शुरुआत में एप्पल इस बढ़ोतरी से बचने की पूरी कोशिश कर रहा था ताकि वह बाजार में अन्य प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपनी बढ़त बनाए रखे। लेकिन अब चूंकि सैमसंग और गूगल जैसी कंपनियां अपने प्रीमियम स्मार्टफोन्स की कीमतें पहले ही बढ़ा चुकी हैं, इसलिए एप्पल के लिए भी कदम उठाना आसान हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि कीमत बढ़ने के बावजूद एप्पल की वफादार यूजर बेस (Loyal User Base) पर इसका कोई खास नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आईफोन 18 प्रो (iPhone 18 Pro) की शुरुआती कीमत बाजार में 1,199 डॉलर के आस-पास हो सकती है। इसके बावजूद यह अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स के फ्लैगशिप फोन्स के दाम के दायरे में ही बनी रहेगी।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
भारतीय बाजार के लिहाज से देखें तो डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और आयात शुल्क (Import Duties) को जोड़कर यह बढ़ोतरी और अधिक महसूस हो सकती है। हालांकि, तकनीकी विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि एप्पल के उपभोक्ता प्रीमियम अनुभव के लिए हमेशा से थोड़ा अधिक भुगतान करने को तैयार रहे हैं, इसलिए यह मूल्य वृद्धि बहुत ज्यादा हैरान करने वाली नहीं होनी चाहिए।
