भारतीय रसोई का सबसे अहम हिस्सा कहे जाने वाले प्याज ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। देश की सबसे बड़ी थोक मंडियों में पिछले कुछ दिनों के भीतर प्याज की कीमतों में 15 फीसदी तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खुदरा बाजारों में भी इसका असर दिखने लगा है, जिससे आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
आसमान छूती इन कीमतों पर लगाम लगाने के लिए और राजधानी में प्याज की आपूर्ति को सुचारू बनाने के लिए अब सरकार और प्रशासनिक तंत्र ने मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में आज 800 मीट्रिक टन प्याज लेकर विशेष रूप से 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेन दिल्ली पहुंचने वाली है। उम्मीद की जा रही है कि इस खेप के आने से मंडियों में प्याज की किल्लत दूर होगी और खुदरा दामों में राहत मिलेगी।
अचानक क्यों बढ़े प्याज के दाम?
थोक बाजार के जानकारों और व्यापारियों के मुताबिक, प्याज के दामों में इस अचानक उछाल के पीछे मुख्य वजहें आपूर्ति में कमी और मौसम की मार हैं। देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों—विशेषकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश—से होने वाली आवक में पिछले कुछ हफ्तों से गिरावट आई है। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण कई जगहों पर पुरानी फसल को नुकसान पहुंचा है और नई फसल के बाजार में आने में थोड़ा विलंब हो रहा है। मांग और आपूर्ति के इस असंतुलन का फायदा उठाकर कीमतों में यह तेजी आई है।
राहत लेकर आ रही है 'कांदा एक्सप्रेस'
बढ़ती कीमतों को थामने के लिए भारतीय रेलवे और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मिलकर एक खास रणनीति बनाई है। भारी मात्रा में प्याज को सड़क मार्ग की बजाय तेज और सुगम रेल मार्ग के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है। इसी विशेष ट्रेन को 'कांदा एक्सप्रेस' नाम दिया गया है, जो लगभग 800 मीट्रिक टन प्याज की भारी-भरकम खेप लेकर आज दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर उतरेगी।
कैसे मिलेगा आम जनता को फायदा?
- बड़ी खेप की उपलब्धता: 800 मीट्रिक टन प्याज के आने से थोक मंडियों (जैसे आजादपुर मंडी) में स्टॉक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाएगा।
- दामों में गिरावट: आपूर्ति बढ़ने से व्यापारियों पर कीमतें कम करने का दबाव बनेगा, जिससे खुदरा बाजार में भी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
- सहकारी दुकानों के जरिए बिक्री: इस प्याज के एक हिस्से को नेफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) जैसी एजेंसियों के माध्यम से रियायती दरों पर सीधे आम जनता को बेचा जाएगा।
व्यापारियों और खरीदारों की प्रतिक्रिया
आजादपुर मंडी के एक प्रमुख आढ़ती ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'पिछले हफ्ते से मांग बहुत ज्यादा थी और पीछे से गाड़ियां कम आ रही थीं, जिसके कारण दाम ऊपर गए थे। लेकिन अब सरकार द्वारा इतनी बड़ी मात्रा में ट्रेन से प्याज भेजा जाना एक सराहनीय कदम है। इससे बाजार में पैनिक बाइंग रुकेगी और दाम नीचे आएंगे।'
दूसरी ओर, आम उपभोक्ता इस महंगाई से खासे परेशान नजर आ रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि दाल और सब्जियों के बाद अब प्याज के महंगे होने से रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। हालांकि, 'कांदा एक्सप्रेस' के आने की खबर से उन्हें कुछ राहत की उम्मीद बंधी है।
आगे क्या रहेगा प्याज का रुख?
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन और शादियों के नजदीक आने के कारण प्याज की मांग में और तेजी आ सकती है। ऐसे में सरकार की यह बफर स्टॉक वाली पहल बेहद महत्वपूर्ण है। अगर समय-समय पर इस तरह की खेपें आती रहीं, तो कीमतों में बेकाबू तेजी को आसानी से रोका जा सकेगा। आने वाले दो-तीन दिनों में मंडी के रुझान यह तय करेंगे कि खुदरा बाजारों में प्याज किस भाव बिकेगा।
