क्रिकेट के मैदान पर जब कोई खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाता है, तो उसकी गूंज केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सोशल मीडिया के गलियारों और दिलों तक पहुंच जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों देखने को मिल रहा है, जब भारतीय क्रिकेट टीम के विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में एक ऐसा तूफान खड़ा किया, जिसने हर तरफ तहलका मचा दिया है। दलीप ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में ईशान के बल्ले से निकली एक ऐतिहासिक पारी ने केवल रिकॉर्ड बुक ही नहीं पलटी, बल्कि उनके चाहने वालों के दिलों पर भी गहरी छाप छोड़ी है। इस शानदार प्रदर्शन के तुरंत बाद उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड और जानी-मानी मॉडल अदिति हुंडिया का एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो गया है, जिसने इस सफलता में मिठास का काम किया है।
चेन्नई की गर्मी में ईशान का रन मशीन अवतार
दलीप ट्रॉफी 2026-27 के बहुप्रतीक्षित फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन की कमान संभाल रहे ईशान किशन ने बल्ले से ऐसी आतिशबाजी दिखाई कि साउथ जोन के गेंदबाजों के पसीने छूट गए। चेन्नई के ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच पर जहां अमूमन टिककर खेलना बल्लेबाजों के लिए लोहे के चने चबाने जैसा माना जाता है, वहीं ईशान ने इस मुश्किल परिस्थिति को अपने करियर की सबसे यादगार पारियों में बदल दिया। चेन्नई की उमस भरी चिलचिलाती धूप और भयानक गर्मी के बीच इस युवा कप्तान ने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा कर रख दीं।
ईशान किशन ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान सिर्फ 301 गेंदों का सामना किया और अपनी अद्भुत एकाग्रता का परिचय देते हुए 250 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। इस दौरान उनके बल्ले से कुल 27 शानदार चौके और 7 गगनचुंबी छक्के निकले। हालांकि, लगातार इतनी लंबी पारी खेलने और भीषण गर्मी के कारण शरीर थक चुका था, जिसके चलते उन्हें अंततः 'रिटायर्ड हर्ट' होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। लेकिन जब वह पवेलियन लौट रहे थे, तब तक वह अपनी टीम ईस्ट जोन का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 611 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर तक पहुंचा चुके थे।
बना डाला इतिहास: दलीप ट्रॉफी फाइनल में ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज
इस दोहरे शतक के साथ ही ईशान किशन के नाम कई बड़े रिकॉर्ड दर्ज हो गए हैं। वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास के फाइनल मुकाबले में दोहरा शतक जड़ने वाले ईस्ट जोन के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। यदि इस टूर्नामेंट के समग्र इतिहास पर नजर डाली जाए, तो ईस्ट जोन के लिए दोहरा शतक जमाने वाले वह केवल तीसरे खिलाड़ी हैं। उनसे पहले यह कारनामा केवल अरुण लाल और सबा करीम ने ही किया था। कप्तानी की जिम्मेदारी संभालते हुए इस तरह की जिम्मेदारी भरी और ऐतिहासिक पारी खेलना यह साबित करता है कि ईशान आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट की एक बहुत बड़ी ताकत बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
गर्लफ्रेंड अदिति हुंडिया का प्यार भरा पोस्ट हुआ वायरल
मैदान पर जब ईशान किशन चौकों-छक्कों की बारिश कर रहे थे, तो सोशल मीडिया पर उनकी रूमर्ड गर्लफ्रेंड और मॉडल अदिति हुंडिया पल-पल की अपडेट पर नजर बनाए हुए थीं। ईशान के बल्ले से जैसे ही दोहरा शतक निकला, अदिति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने तुरंत अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर की, जो कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर जंगल की आग की तरह फैल गई।
अदिति ने अपनी उस वायरल पोस्ट में लिखा, "चेन्नई की इस चिलचिलाती गर्मी में 250 रनों का स्कोर बनाना कोई आसान काम नहीं होता। आमतौर पर किसी भी पारी की महानता सिर्फ उस पर बने रनों की संख्या से तय की जाती है, लेकिन इस पारी की असली महानता रनों के आंकड़ों से कहीं अधिक तुम्हारी असीम हिम्मत, कभी हार न मानने की जिद और हर परिस्थिति में संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता में छिपी है। मुझे तुम पर बेहद गर्व है ईशु..."
अदिति का यह संदेश सोशल मीडिया पर फैंस को खूब पसंद आ रहा है। इससे पहले रविवार को जब ईशान ने अपने शतक का आंकड़ा छुआ था, तब भी अदिति ने एक खास पोस्ट शेयर कर उनका उत्साह बढ़ाया था। इस कपल के फैंस इस बॉन्डिंग की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
ईशान का साथ देने वाले अन्य खिलाड़ी भी चमके
यह मुकाबला सिर्फ एक खिलाड़ी के दम पर नहीं जीता गया, बल्कि ईस्ट जोन के अन्य बल्लेबाजों ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई। ईशान किशन को दूसरे छोर से युवा बल्लेबाज कुमार कुशाग्र का बेहतरीन साथ मिला। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए 230 रनों की एक बेहद मजबूत और मैच जिताऊ साझेदारी निभाई। इस साझेदारी ने साउथ जोन के गेंदबाजों की बची-खुची उम्मीदों को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
पारी की शुरुआत भी बेहद धमाकेदार अंदाज में हुई थी। अपने 31वें जन्मदिन के खास मौके पर मैदान पर उतरे अनुभवी बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन ने सधी हुई पारी खेलते हुए 72 रन बनाए। वहीं, टीम के युवा और आक्रामक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की गेंदों पर खुलकर प्रहार किए और महज 24 गेंदों में ही 34 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसके अलावा, अपना डेब्यू मैच खेल रहे शिखर मोहन ने भी मौके का पूरा फायदा उठाया और 85 रनों की शानदार पारी खेली।
गेंदबाजों के लिए चुनौती बना ईस्ट जोन का शीर्ष क्रम
ईशान किशन और उनके साथियों के इस आक्रामक प्रदर्शन का नतीजा यह रहा कि साउथ जोन के गेंदबाजों को करीब डेढ़ दिन तक मैदान पर एक-एक विकेट के लिए भीषण संघर्ष करना पड़ा। पिच पर गेंदबाजों के लिए कोई खास मदद नहीं थी और ऊपर से ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का डिफेंस और अटैक दोनों ही इतने मजबूत थे कि विपक्षी खेमा लाचार नजर आया। इस मैच ने भारतीय घरेलू क्रिकेट की गहराई और युवा प्रतिभाओं की चमक को एक बार फिर से दुनिया के सामने ला खड़ा किया है।
दलीप ट्रॉफी के इस फाइनल मुकाबले में ईशान किशन की यह पारी आने वाले कई सालों तक याद रखी जाएगी। एक तरफ जहां उनके बल्ले से निकला दोहरा शतक उनके करियर का एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है, वहीं दूसरी ओर मैदान के बाहर से मिले प्यार और समर्थन ने इस पल को उनके और उनके फैंस के लिए और भी ज्यादा खास बना दिया है।