Breaking
► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO ► सुकमा में आईईडी डिफ्यूज करते वक्त बड़ा धमाका, सीआरपीएफ के 4 जवान घायल ► चंदौली में दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार बाइक ने राहगीर को मारी जोरदार टक्कर ► राजेश मसाले पर बड़ा एक्शन: असुरक्षित घोषित होने के बाद यूपी में बिक्री पर रोक ► रेलवे का मेगा एक्शन: डीडीयू मंडल में ट्रैक्शन पावर मजबूत, बदली गई तारों की लंबाई ► चन्दौली पुलिस की अनूठी पहल: विश्व दृष्टि दिवस पर एसपी आकाश पटेल ने दृष्टिबाधित बच्चों के साथ बिताए खास पल ► निशा बांगरे का राजनीति से मोहभंग, SDM पद वापसी की गुहार ► विधानसभास्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन, 120 टीमों ने दिखाया दम ► राजस्थान में एसआईआर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा सियासी संग्राम, सड़कों पर उतरा विपक्ष ► किसानों के लिए बड़ी राहत: फसल नुकसान पर सर्वे तेज, रबी में मिलेंगे मुफ्त बीज और मिनीकिट ► समस्तीपुर में पुलिस पर भारी पड़ा आरोपी, कीचड़ में लोटकर काटा गदर - VIDEO

झारखंड में 2014 से अब तक की 44 बड़ी परीक्षाएं रद्द, JPSC-JSSC पर बड़ा फैसला

झारखंड में 2014 से अब तक की 44 बड़ी परीक्षाएं रद्द, JPSC-JSSC पर बड़ा फैसला

क्या आपने कभी सोचा है कि सालों तक किताबों में आंखें गड़ाए रखना, कोचिंग के चक्कर काटना और रात-रात भर जागकर परीक्षा की तैयारी करना—और फिर अचानक एक दिन यह पता चले कि आपने जिस परीक्षा के लिए अपना पसीना बहाया था, उसे ही रद्द कर दिया गया है? झारखंड के युवाओं का इन दिनों कुछ ऐसा ही हाल है। राज्य में पिछले एक दशक यानी 2014 से लेकर अब तक हुई कुल 44 बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं पर गाज गिरी है।

हाल ही में झारखंड सरकार ने छात्र संगठनों के भारी विरोध प्रदर्शन और लगातार मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कड़ा कदम उठाया है। आइए सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असल कहानी क्या है और इससे राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य पर क्या असर पड़ने वाला है।

छात्रों का गुस्सा और सड़कों पर उबला असंतोष

पिछले कुछ महीनों से झारखंड की राजधानी रांची समेत कई जिलों में छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी प्रतिष्ठित चयन आयोगों की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे थे। कभी पेपर लीक होने की खबरें, कभी उत्तर पुस्तिकाओं में गड़बड़ी, तो कभी रिजल्ट जारी होने के बाद कानूनी पेंच—इन तमाम अड़चनों से त्रस्त होकर युवा सड़कों पर उतर आए थे।

'न्याय की आस' में बैठे इन युवाओं का कहना था कि आखिर क्यों हर बार उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया जाता है? लगातार बढ़ते दबाव और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद आखिरकार सरकार को मजबूरन एक बड़ा और कड़ा फैसला लेना पड़ा। 2014 से लेकर अब तक आयोजित हुई कुल 44 प्रमुख परीक्षाओं की समीक्षा की गई और अंततः इन्हें रद्द करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।

कौन-सी परीक्षाएं और विभाग आए इस दायरे में?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बड़े प्रशासनिक एक्शन के दायरे में केवल झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ही नहीं, बल्कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) और तकनीकी विकास व प्रशिक्षण निदेशालय (TDPL) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण भर्तियां भी शामिल हैं।

  • सिविल सेवा और प्रशासनिक पद: कई सालों की रुकी हुई और विवादों में घिरी सिविल सेवा परीक्षाएं।
  • तकनीकी और डिप्लोमा स्तर की भर्तियां: TDPL के तहत आने वाली वे तकनीकी परीक्षाएं जिनमें धांधली के गंभीर आरोप लगे थे।
  • शिक्षक और कनिष्ठ अभियंता (JE) चयन परीक्षाएं: राज्य के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए आयोजित परीक्षाएं।
"एक छात्र के लिए उसकी जवानी के 3-4 साल बहुत मायने रखते हैं। जब परीक्षा रद्द होती है, तो सिर्फ कागज का पन्ना नहीं फटता, बल्कि एक परिवार का सपना टूटता है। सरकार का यह फैसला देर से आया दुरुस्त है, लेकिन इन सालों की भरपाई कौन करेगा?" — राकेश कुमार, प्रतियोगी परीक्षा तैयारी करने वाले छात्र

अब आगे क्या? क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा रद्द करना एक तात्कालिक राहत या सुधारात्मक कदम हो सकता है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। यदि पारदर्शी तरीके से नए सिरे से परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं, तो युवाओं का सिस्टम से पूरी तरह भरोसा उठ जाएगा। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह एक ऐसी फुल-प्रूफ (Full-Proof) व्यवस्था तैयार करे जिसमें पेपर लीक या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश ही न बचे।

साथ ही, उन उम्मीदवारों के लिए विशेष आयु सीमा (Age Relaxation) में छूट देने की मांग भी जोर पकड़ रही है, जिनकी ओवर-एज (Over-age) इन परीक्षाओं के रद्द होने या लटकने की वजह से हो गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: झारखंड सरकार ने कुल कितनी परीक्षाएं रद्द की हैं?

उत्तर: सरकार ने साल 2014 से लेकर अब तक की कुल 44 बड़ी भर्ती परीक्षाओं को रद्द कर दिया है, जिसमें JPSC, JSSC और TDPL से जुड़ी परीक्षाएं शामिल हैं।

Q2: यह परीक्षाएं क्यों रद्द की गईं?

उत्तर: इन परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों के व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

Q3: क्या प्रभावित छात्रों को आयु सीमा में छूट मिलेगी?

उत्तर: छात्र संगठनों द्वारा लगातार यह मांग की जा रही है कि जिन युवाओं की उम्र इन प्रशासनिक देरी और परीक्षाओं के रद्द होने के कारण निकल गई है, उन्हें आगामी परीक्षाओं में विशेष छूट दी जाए। सरकार इस पर विचार कर रही है।

About the Author

काव्या त्रिपाठी

काव्या त्रिपाठी

Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →