झारखंड में व्यापारिक गतिविधियों को गति देने और व्यवसायियों के सामने आने वाली अनगिनत अड़चनों को दूर करने के लिए फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। वर्ष 2026-27 के लिए चुनी गई नई कार्यकारिणी समिति की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को रांची स्थित चेंबर भवन में संपन्न हुई। चेंबर के नवनियुक्त अध्यक्ष तुलसी पटेल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यभर के व्यापारियों से जुड़े कई बेहद गंभीर और ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया।
चुनाव के बाद ताबड़तोड़ फैसले और प्राथमिकताओं पर जोर
बैठक की शुरुआत में चेंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने चुनाव के दौरान मिले अपार समर्थन के लिए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नई टीम के गठन के बाद से ही कारोबारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर बातचीत का दौर शुरू कर दिया गया है।
अध्यक्ष ने जानकारी दी कि नो-एंट्री जोन में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वाले तीन पहिया मालवाहक वाहनों को विशेष छूट दिलाने, लंबे समय से लंबित ट्रांसपोर्ट नगर के शीघ्र संचालन, राज्य की विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा नगर विकास एवं नगर निगम से जुड़े तमाम अटकाए गए मामलों पर संबंधित विभागों के साथ संवाद स्थापित किया जा चुका है। आने वाले दिनों में एमएसएमई सेक्टर, औद्योगिक विकास, रेलवे सुविधाओं के विस्तार, लॉजिस्टिक हब के निर्माण और नए औद्योगिक क्लस्टर स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को मिला जीत का प्रमाण-पत्र
इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान चुनाव समिति के अध्यक्ष अंचल किंगर और सह अध्यक्ष पवन शर्मा ने कार्यकारिणी समिति के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों और विभिन्न क्षेत्रों से चुनकर आए क्षेत्रीय उपाध्यक्षों को आधिकारिक रूप से विजय प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इसके तुरंत बाद ही सभी क्षेत्रीय उपाध्यक्षों ने अपने-अपने इलाकों की जमीनी हकीकत और व्यवसायियों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सबके सामने रखा।
कोयलांचल और कोल्हान प्रमंडल की गंभीर समस्याएं
बैठक में क्षेत्रीय स्तर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया:
- कोयलांचल प्रमंडल: क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह सलूजा ने गिरिडीह जिले में उद्योगों के लिए पानी की भारी किल्लत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की पूर्व में प्रस्तावित बराकर नदी पर भलपहरी डैम परियोजना का निर्माण कार्य अगर जल्द पूरा हो जाए, तो इससे गिरिडीह, जामताड़ा और धनबाद के हजारों हेक्टेयर इलाके को सिंचाई का लाभ मिलेगा। साथ ही, गिरिडीह में चल रहे उद्योगों को भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा।
- कोल्हान प्रमंडल: क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने जमशेदपुर में बिगड़ती विधि-व्यवस्था पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया की उस कार्यशैली पर सवाल उठाया जिसमें ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) के अभाव में नए बने भवनों को बिजली और पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने नगर विकास विभाग से इसमें तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
- पलामू प्रमंडल: क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित जयसवाल ने पलामू में खासमहल की पेचीदा समस्याओं के कारण जिले के विकास में आ रही बाधाओं का जिक्र किया और इलाके में एक नए इंडस्ट्रियल एरिया की स्थापना को अनिवार्य बताया।
- साउथ छोटानागपुर: क्षेत्रीय उपाध्यक्ष दामोदर कसेरा ने गुमला और लोहरदगा में रोजगार बढ़ाने के लिए बॉक्साइट आधारित उद्योग लगाने की मांग उठाई। इसके अलावा, उन्होंने गुमला के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जूनियर इंजीनियर (JE) की व्यवस्था न होने के कारण बिजली कटने पर जनता को होने वाली भारी परेशानियों का मुद्दा भी उठाया।
चेंबर अध्यक्ष तुलसी पटेल ने सभी क्षेत्रीय उपाध्यक्षों को आश्वस्त किया कि इन सभी मामलों को लेकर वे संबंधित उच्चाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर आवश्यक पहल करेंगे।
यूपीआई एमडीआर और ट्रेड लाइसेंस पर चेंबर का कड़ा रुख
डिजिटल लेन-देन और त्योहारों के सीजन में व्यापारियों को डराने-धमकाने के मामलों पर भी बैठक में काफी गर्मागर्म चर्चा हुई। चेंबर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि दो हजार रुपये से अधिक के चुनिंदा यूपीआई मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर प्रस्तावित एमडीआर (Merchant Discount Rate) को पूरी तरह वापस लिया जाए।
इसके अलावा, आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी कड़ा रोष जताया गया। सदस्यों ने कहा कि त्योहारों के समय नगर निगम प्रशासन ट्रेड लाइसेंस के नाम पर व्यवसायियों का मानसिक शोषण कर रहा है और उन्हें भयभीत कर रहा है।
"जब तक ट्रेड लाइसेंस की व्यवस्था पूरी तरह से सुगम और पारदर्शी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी व्यवसायी के खिलाफ किसी भी प्रकार की जांच, नोटिस या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसके लिए नगर प्रशासक को स्पष्ट निर्देश जारी होने चाहिए।" — रोहित अग्रवाल, महासचिव, फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर
पुराने बकाये का भुगतान न होने से पेट्रोल पंप संचालक परेशान
बैठक में एक और बड़ा वित्तीय मुद्दा सामने आया। संज्ञान में लाया गया कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान साहेबगंज, राजमहल और पाकुड़ जिलों में कुल छह पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा चुनाव कार्यों के लिए डीजल उपलब्ध कराया गया था। हैरानी की बात यह है कि विभाग ने अब तक इस डीजल की राशि का भुगतान नहीं किया है, जिससे ये पंप संचालक गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक परेशानी से जूझ रहे हैं। व्यवसायियों ने फेडरेशन चेंबर से आग्रह किया है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप कर उनका बकाया भुगतान जल्द से जल्द करवाएं।
बैठक के अंत में यह तय किया गया कि झारखंड के व्यापारियों के मान-सम्मान और उनके व्यवसायिक अधिकारों की रक्षा के लिए चेंबर सरकार और प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम करेगा। इस उच्चस्तरीय बैठक में उपाध्यक्ष विकास विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष रोहित पोद्दार, महासचिव रोहित अग्रवाल, सह सचिव अमित शर्मा, सह सचिव पूजा ढाढा, कोषाध्यक्ष नवजोत अलंग, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आकाश पांडेय, डॉ. अभिषेक रामाधीन समेत खूंटी, गुमला और तेलो चेंबर के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।