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झारखंड में बारिश थमते ही उमस का टॉर्चर, 10 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी

झारखंड में बारिश थमते ही उमस का टॉर्चर, 10 सितंबर तक येलो अलर्ट जारी

झारखंड की राजधानी रांची समेत पूरे राज्य में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पिछले कुछ दिनों से हो रही झमाझम बारिश का दौर थमने के साथ ही राज्यवासियों को अब एक नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। बादलों के हटने और तीखी धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी (Humidity) अपने चरम पर पहुंच गई है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति को भांपते हुए राज्य के कई हिस्सों में आगामी 10 सितंबर तक के लिए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी कर दिया है।रांची में 95 प्रतिशत तक दर्ज की गई उमस मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान केवल राजधानी रांची में ही उमस का स्तर 95 प्रतिशत तक रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी की अत्यधिक मात्रा और तापमान के मेल ने लोगों को पसीना-पसीना कर दिया है। पंखे और कूलर भी इस उमस के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं। दिन के समय निकलने वाली धूप लोगों को चुभन महसूस करा रही है, वहीं शाम ढलने के बाद भी वातावरण में उमस बरकरार रहने के कारण राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। राज्य के अन्य जिलों जैसे जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, और पलामू का भी कमोबेश यही हाल है। इन इलाकों में भी बारिश के विराम लेते ही तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते ह्यूमिडिटी का ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है।

मौसम विभाग का येलो अलर्ट: क्या है चेतावनी?

  • भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र ने स्पष्ट किया है कि भले ही मानसून की सक्रियता में कुछ समय के लिए कमी आई है, लेकिन खतरा टला नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में छिटपुट बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन यह बारिश गर्मी से राहत दिलाने के बजाय उमस को और बढ़ा सकती हैयेलो अलर्ट की अवधि: आगामी 10 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है।
  • संभावित प्रभाव: कुछ जिलों में वज्रपात (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
  • तापमान की स्थिति: अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।

आम जनजीवन पर पड़ रहा है असरइस अचानक बदले मौसम और उमस भरे माहौल का सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी, वायरल फीवर और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को इस उमस भरी गर्मी में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि वे पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप में निकलते समय पूरी सावधानी बरतें।

किसानों की बढ़ी चिंताएक तरफ जहां आम शहरवासी उमस से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के किसान भी चिंतित नजर आ रहे हैं। धान की फसल के लिए इस समय पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन बारिश रुकने और तेज धूप निकलने से खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। यदि आने वाले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो खेती-किसानी पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए वेदर सिस्टम के कारण झारखंड में एक बार फिर से मानसूनी हवाएं सक्रिय हो सकती हैं। 10 सितंबर के बाद राज्य में बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को इस उमसभरी घुटन से राहत मिल सकती है। तब तक के लिए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

फिलहाल, झारखंड के लोगों को उमस के इस भारी टॉर्चर से जूझने के लिए कुछ और दिनों का इंतजार करना होगा। मौसम के पल-पल बदलते मिजाज पर विभाग की पैनी नजर बनी हुई है और समय-समय पर नए अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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