झारखंड की राजधानी रांची में अपराध का एक ऐसा शातिर तरीका सामने आया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। स्पा सेंटर और मसाज के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाने और फिर आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलने वाले एक हाई-प्रोफाइल गिरोह का नामकुम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य महिला आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आधुनिक दौर में किस तरह से सोशल मीडिया और फोन कॉल्स का इस्तेमाल कर आपराधिक षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, यह मामला उसका जीता-जागता उदाहरण है। आइए जानते हैं इस पूरी वारदात की अंदरूनी और हैरान करने वाली कहानी।
कॉल आया, स्पा का ऑफर मिला और शुरू हुआ जाल
घटना की शुरुआत 24 सितंबर 2026 को हुई, जब रांची के रहने वाले मो. नसीम के मोबाइल फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन पर एक महिला की आवाज थी जिसने बेहद शालीनता से बात करते हुए अपना परिचय सानिया परवीन के रूप में दिया। महिला ने नसीम को बताया कि उसने मौलाना आजाद कॉलोनी में एक नया स्पा सेंटर शुरू किया है। महिला ने उसे बड़े ही आत्मीय अंदाज में मसाज कराने के लिए अपने स्पा सेंटर आने का खुला निमंत्रण दिया। एक आम इंसान की तरह नसीम को उस फोन कॉल में कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा और उसने उस ऑफर को स्वीकार कर लिया।
तय कार्यक्रम के अनुसार, मो. नसीम उसी दिन यानी 24 सितंबर की शाम करीब 6:30 बजे महिला द्वारा बताए गए पते यानी मौलाना आजाद कॉलोनी की गली नंबर-11 में पहुंच गया। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह किसी स्पा सेंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित अपराध की दुनिया के केंद्र में कदम रख रहा है।
कमरे का दरवाजा बंद, फिर शुरू हुआ टॉर्चर और लूटपाट
जैसे ही मो. नसीम उस घर के अंदर दाखिल हुआ, वहां का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ मिला। घर के अंदर सानिया परवीन उर्फ बेबी पहले से मौजूद थी। उसके साथ एक अन्य महिला और दो संदिग्ध युवक भी वहां पहले से घात लगाकर बैठे थे। नसीम के अंदर पहुंचते ही आरोपियों ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।
इससे पहले कि नसीम कुछ समझ पाता, उन सभी ने अचानक उस पर हमला बोल दिया। उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकियां दी गईं। इस अप्रत्याशित हमले से घबराए नसीम को आरोपियों ने पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लिया। इसी दौरान बदमाशों ने उसके पास मौजूद 46 हजार रुपये नकद और उसके गले में पहनी हुई कीमती सोने की चेन जबरन छीन ली।
आपत्तिजनक वीडियो बनाकार शुरू हुई ब्लैकमेलिंग का खेल
कहानी यहीं खत्म नहीं होती। मारपीट और लूटपाट के बाद इस शातिर गिरोह ने अपराध का एक ऐसा घटिया पैंतरा अपनाया जो किसी के भी होश उड़ा सकता है। आरोपियों ने नसीम का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया और उसके कपड़े उतरवाकर उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो बनने के बाद अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए। उन्होंने उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी और उसे छोड़ने के एवज में पांच लाख रुपये की भारी-भरकम रंगदारी की मांग की। डर और सामाजिक प्रतिष्ठा के दबाव में आकर पीड़ित ने तुरंत अपने फोन से बताए गए पेटीएम और यूपीआई नंबर पर पैसे ट्रांसफर किए। लेकिनवान्छित रकम मिलने के बाद भी इन अपराधियों की भूख शांत नहीं हुई।
पुलिस की एंट्री और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
स्पा से किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले मो. नसीम का पीछा इसके बाद भी बंद नहीं हुआ। उसे लगातार दूसरे मोबाइल नंबरों से फोन करके और पैसों की मांग की जाने लगी। तंग आकर पीड़ित ने बिना देर किए नामकुम थाना पुलिस से संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई।
शिकायत मिलते ही रांची पुलिस हरकत में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर एसआई सुनील कुमार गोंड को इस केस की जांच सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, फोन कॉल्स की डिटेल, मोबाइल नंबर्स, यूपीआई ट्रांजैक्शन और वायरल वीडियो से जुड़े सबूतों को खंगालना शुरू किया। इसके बाद पुलिस टीम ने मौलाना आजाद कॉलोनी स्थित उस कथित स्पा सेंटर पर छापा मारा, जहां इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया था।
जांच में मो. नसीम के द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से सही पाए गए। मामले की पुष्टि करते हुए डीएसपी अमर कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित सानिया परवीन, उसके पति मो. हैदर और उनके सहयोगी मो. वसीम उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में खुले कई और बड़े राज
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने इन तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले काफी समय से इस धंधे में लिप्त हैं। उनका मोडुस ओपेरंडि (काम करने का तरीका) बेहद शातिर था। वे मसाज के बहाने शहर के भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर स्पा सेंटर या अपने ठिकानों पर बुलाते थे।
वहां पहुंचने के बाद उनके सहयोगी भी आ जाते थे और सभी मिलकर पीड़ित के साथ मारपीट करते थे। इसके बाद वे पीड़ितों के कपड़े उतरवाकर उनका वीडियो बनाते थे और उसी वीडियो को हथियार बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते थे। इस गंदे खेल के जरिए वे लोगों से भारी मात्रा में रंगदारी वसूलते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से रंगदारी मांगने और ब्लैकमेल करने में इस्तेमाल किए गए दो स्मार्टफोन भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
नागरिकों के लिए एक बड़ी चेतावनी
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। आजकल शहर के कोने-कोने में स्पा और मसाज पार्लर के नाम पर जिस तरह के अनाधिकृत सेंटर खुल रहे हैं, वे कई बार अपराधियों के अड्डे साबित होते हैं। इस तरह के मामलों से यह सीख मिलती है कि किसी भी अनजान जगह या संदिग्ध विज्ञापनों के झांसे में आने से बचना चाहिए।
रांची पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए अन्य सहयोगियों की तलाश में भी जुट गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तरह के अवैध धंधों और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित को न्याय दिलाने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए पुलिस कानूनी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।