झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता ने की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार के लिए सुरक्षा की मांग
रांची जिले के सिल्ली प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मारदू गांव में एक ग्यारहवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा की कथित दुष्कर्म के बाद हुई हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस संवेदनशील घटना को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की सुनवाई स्पीडी ट्रायल यानी फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कराने और दोष सिद्ध होने पर दोषियों के लिए फांसी की सजा की पुरजोर मांग उठाई है।
सोमवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में जेएलकेएम नेता ने कहा कि इस जघन्य अपराध में संलिप्त दोषियों को कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में इस तरह के कृत्यों की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक विशेष मेडिकल टीम का गठन किया जाए, जिसके समक्ष पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी आवश्यक वैज्ञानिक और तकनीकी जांच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया है।
घटनास्थल का दौरा और पुलिस अधिकारियों से संवाद
देवेंद्र नाथ महतो ने जानकारी दी कि वे स्वयं 18 अक्टूबर की रात लगभग 10 बजे मारदू गांव पहुंचे थे और उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से घटनास्थल का जायजा लिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने मौके से ही जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों से फोन पर संपर्क किया और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए त्वरित एवं आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
उनके अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद कई फॉरेंसिक और तकनीकी जांच दल मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य तथा नमूने एकत्र किए। पुलिस ने मामले की बारीकी से छानबीन के लिए खोजी कुत्ते (डॉग स्क्वॉड) की भी मदद ली। इसके बाद रात करीब साढ़े बारह से एक बजे के बीच मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) भेजा गया।
क्षेत्र में आक्रोश और एसआईटी गठन की मांग
मृत बच्ची स्थानीय संस्थान में कक्षा 11वीं की छात्रा थी। इस अचानक हुई दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में भय और भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इसे देखते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और वैज्ञानिक जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को आधार बनाकर जल्द से जल्द सभी आरोपितों की पहचान करनी चाहिए और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए, उन्हें उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते पीड़ित परिवार को न्याय नहीं दिलाया गया, तो इसके विरोध में व्यापक स्तर पर जनआंदोलन किया जाएगा।