बिहार के कई जिलों को झारखंड और छत्तीसगढ़ से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 139 को केंद्र सरकार ने फोरलेन बनाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस सड़क परियोजना के मूर्त रूप लेने से बिहार की राजधानी पटना से लेकर पड़ोसी राज्यों का सफर बेहद सुगम और तेज हो जाएगा।
औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने इस बड़ी सौगात की जानकारी साझा करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके लंबे समय से जारी संघर्ष और निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि इस बहुप्रतीक्षित राजमार्ग को चौड़ा करने का रास्ता साफ हो गया है।
लगभग 175 किलोमीटर लंबी है इस सड़क की अहमियत
यह राजमार्ग बिहार की राजधानी पटना से शुरू होकर कई जिलों से गुजरते हुए झारखंड के विभिन्न इलाकों को आपस में जोड़ता है। इस पूरी सड़क की लंबाई तकरीबन 175 किलोमीटर है। पूर्व सांसद के अनुसार, यह इकलौता ऐसा प्रमुख मार्ग है जो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और अन्य कई राज्यों को सीधे बिहार और नेपाल से जोड़ता है। इसके फोरलेन बन जाने से इन राज्यों के बीच आपसी आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों में खासा इजाफा होगा।
पूर्व सांसद के प्रयासों और केंद्रीय मंत्री से मुलाकात का असर
सुशील कुमार सिंह ने बताया कि जब वे संसद में प्रतिनिधित्व कर रहे थे, तब भी उन्होंने इस सड़क के चौड़ीकरण का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। चुनावी हार के बावजूद इस मार्ग को बेहतर बनाने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहा। हाल ही में जब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गयाजी आए थे, तब भी इस परियोजना के संबंध में उनसे विशेष चर्चा की गई थी।
पूर्व सांसद ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उस दौरान इस समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया था। उसी वादे के परिणामस्वरूप अब केंद्र सरकार ने एनएच-139 को फोरलेन में तब्दील करने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस सड़क का निर्माण कार्य बहुत जल्द धरातल पर शुरू होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्रीय जनता को भारी राहत मिलेगी।