लखनऊ में कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया गया है। जांच के बीच तीन शीर्ष पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है, जबकि घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य नामजद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों पर इनाम घोषित करने के साथ ही उनकी तलाश तेज कर दी है।
पुलिस महकमे में प्रशासनिक फेरबदल
राजधानी लखनऊ में कैफे मालिक की मौत की घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाए गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हजरतगंज थाना प्रभारी विक्रम सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया गया है, जबकि सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रजनीश वर्मा का स्थानांतरण अपराध शाखा में कर दिया गया है। इसके अलावा, पुलिस उपायुक्त (मध्य) विक्रांत वीर को उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। हालांकि इन तबादलों के पीछे कोई आधिकारिक प्रशासनिक कारण सीधे तौर पर नहीं बताया गया है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि यह कार्रवाई शिवा शर्मा मौत मामले की चल रही जांच और प्रशासनिक समीक्षा से जुड़ी हुई है।
25-25 हजार रुपये का इनाम और नेपाल सीमा तक जांच
घटना के 10 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस ने मामले में नामजद श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश की गिरफ्तारी में मददगार साबित होने वाली पुख्ता सूचना देने वाले के लिए प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मुख्य आरोपी और कथित लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे (31) घटना के बाद से ही फरार चल रही है। पिछले दिनों नेपाल सीमा से लगभग एक किलोमीटर दूर बहराइच जिले के रूपईडीहा कस्बे में उसके नाम पर पंजीकृत महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन लावारिस हालत में बरामद हुई थी। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर नेपाल न भाग गए हों, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
बालू अड्डा अपार्टमेंट में हुई थी घटना
यह पूरी घटना 9 अक्टूबर की है, जब 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा हजरतगंज के बालू अड्डा क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की बालकनी से नीचे गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन मृतक के परिवार की शिकायत पर मामला हत्या के एंगल से दर्ज किया गया। शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा इमारत से नीचे फेंका गया। परिवार की तहरीर पर हजरतगंज पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
मुख्य आरोपी का वीडियो और परिवार के दावे
रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया, जिसमें फरार मॉडल श्रद्धा दुबे ने शिवा की मौत में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। वीडियो में श्रद्धा का दावा है कि शिवा आर्थिक तंगी और 15 से 20 लाख रुपये के कर्ज से परेशान थे और उन्होंने आत्महत्या की बात कही थी। श्रद्धा के मुताबिक, घटना वाले दिन शिवा ने उसके घर के बाथरूम में जाकर दरवाजा बंद कर लिया था और बाद में बालकनी से कूद गए। उसने यह भी कहा कि वह पुलिस के सामने पेश होना चाहती है। दूसरी ओर, शिवा की मां रंजना शर्मा ने इन दावों को खारिज करते हुए सवाल उठाया है कि यदि आत्महत्या थी, तो श्रद्धा ने तुरंत पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। परिवार ने पुलिस को कुछ साक्ष्य और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्यों के पूर्ण सत्यापन के बाद ही मौत की असल वजह और पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।