भारतीय रेलवे लगातार उन यात्रियों के खिलाफ सख्त रवैया अपना रहा है जो बिना टिकट या अनियमीमित रूप से यात्रा कर रहे हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के जोधपुर रेलवे मंडल ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से एक बड़ा और बेहद सख्त कदम उठाया है। रेलवे की स्पेशल विजिलेंस और टिकट चैकिंग टीमों ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत बिना टिकट सफर करने वालों पर तगड़ा शिकंजा कसा है। इस औचक कार्रवाई से यात्रियों में हड़कंप मच गया है, और रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
लूणी जंक्शन को बनाया गया बेस: चारों दिशाओं की ट्रेनों पर पैनी नजर
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले महत्वपूर्ण लूणी जंक्शन स्टेशन को केंद्र बिंदु (Base) बनाकर इस मेगा टिकट चैकिंग अभियान को अंजाम दिया गया। रेलवे प्रशासन को लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ यात्री बिना वैध टिकट के ट्रेनों में सफर कर रहे हैं, जिससे न सिर्फ रेलवे राजस्व को बड़ा चूना लग रहा है, बल्कि वैध यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
इसी समस्या से सख्ती से निपटने के लिए मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के कुशल निर्देशन और मंडल वाणिज्य प्रबंधक दीपक चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष रणनीति बनाई गई। इस रणनीति के तहत लूणी जंक्शन से गुजरने वाली और चारों दिशाओं—बाड़मेर, भीलड़ी, मारवाड़ जंक्शन और जोधपुर की ओर आने-जाने वाली तमाम पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों में अचानक धावा बोला गया। इस पूरी कार्रवाई को गोपनीय और बेहद व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया गया ताकि ट्रेन के अंदर भगदड़ न मचे और कोई भी टीटीई की नजरों से बचकर भाग न सके।
16 टीटीई कर्मचारियों की फौज ने संभाला मोर्चा
इस मेगा अभियान की सफलता के लिए रेलवे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। कुल 16 अनुभवी टीटीई (Travel Ticket Examiner) कर्मचारियों की विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया। इन टीमों ने ट्रेनों के डिब्बों में अचानक प्रवेश कर एक-एक यात्री के टिकट की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान जनरल कोच से लेकर स्लीपर और एसी कोच तक को खंगाला गया।
अधिकारियों की इस मुस्तैदी का नतीजा यह निकला कि कुछ ही घंटों के भीतर ट्रेनों में हड़कंप मच गया। कई यात्री जो खुद को शातिर समझकर बिना टिकट यात्रा कर रहे थे, वे रेलवे कर्मियों के हत्थे चढ़ गए। टीम ने मौके पर ही कागजी कार्रवाई पूरी करते हुए नियमों के उल्लंघनकर्ताओं से जुर्माना वसूलना शुरू किया।
263 मामलों में रेलवे ने कमाए 1.58 लाख रुपये
इस सघन और ताबड़तोड़ चैकिंग अभियान के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान कुल 263 मामलों में कार्रवाई की गई। इन मामलों का वर्गीकरण कुछ इस प्रकार है:
- बिना टिकट यात्रा: ऐसे यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही जो बिना किसी वैध टिकट के ट्रेन के अंदर यात्रा करते पकड़े गए।
- अनियमित यात्रा: कई यात्री जनरल टिकट लेकर एसी या स्लीपर कोच में सफर करते पाए गए, जिन्हें अनियमित यात्रा की श्रेणी में रखा गया।
- अनधिकृत वेंडिंग: रेलवे परिसर और ट्रेनों के अंदर बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से खान-पान की वस्तुएं बेच रहे दो अवैध वेंडरों को भी दबोचा गया।
- धूम्रपान के मामले: सार्वजनिक स्थलों और ट्रेनों में धूम्रपान निषेध नियमों का उल्लंघन करने का एक मामला भी सामने आया, जिस पर तुरंत जुर्माना लगाया गया।
इन सभी 263 मामलों से रेलवे तिजोरी में कुल 1 लाख 57 हजार 850 रुपये (लगभग 1.58 लाख रुपये) की आय जुर्माने के रूप में जमा हुई। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभियानों से न केवल राजस्व की प्राप्ति होती है, बल्कि यात्रियों में कानून का डर और अनुशासन भी बना रहता है।
अवैध वेंडरों पर भी चला डंडा, वसूला गया जुर्माना
इस चैकिंग अभियान की एक और सबसे बड़ी खूबी यह रही कि इसमें सिर्फ यात्रियों की ही जांच नहीं की गई, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध वेंडरों पर भी शिकंजा कसा गया। रेलवे के नियमों के मुताबिक, ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने के लिए वेंडर के पास रेलवे का वैध लाइसेंस और ऑथराइजेशन होना अनिवार्य है।
जांच के दौरान दो ऐसे अनधिकृत वेंडरों को पकड़ा गया जो बिना किसी अनुमति के अवैध रूप से खान-पान का सामान बेच रहे थे। रेलवे ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए इन दोनों अवैध वेंडरों के खिलाफ पेनल्टी कार्रवाई की और इनसे कुल 4 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।
यात्रियों के लिए रेलवे की जरूरी अपील
जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने इस सफल अभियान के बाद मीडिया और आम जनता से मुखातिब होते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना टिकट यात्रा करना एक गंभीर अपराध है और इससे ट्रेन में अनावश्यक भीड़भाड़ बढ़ती है, जिसका खामियाजा नियमित और वैध यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने यात्रियों को आगाह किया कि वे यात्रा के दौरान हमेशा वैध टिकट या पास के साथ ही सफर करें। इसके साथ ही, उन्होंने खान-पान को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा:
"यात्री अपनी सेहत और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। सफर के दौरान किसी भी प्रकार की खान-पान सामग्री केवल और केवल रेलवे द्वारा अधिकृत (Authorized) स्टॉल और अधिकृत वेंडरों से ही खरीदें। अनधिकृत लोगों से खरीदा गया सामान न केवल गुणवत्ता के पैमाने पर खराब हो सकता है, बल्कि यह कानूनी रूप से भी गलत है और ऐसे लोगों पर रेलवे की पैनी नजर बनी हुई है।"
आगे भी जारी रहेंगी ऐसी ताबड़तोड़ कार्रवाइयां
रेलवे प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि यह कोई छिटपुट या इकलौती कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक रूप लेने वाली है। यात्रियों की सुविधा, ट्रेनों में सुचारू व्यवस्था और राजस्व की चोरी को रोकने के लिए जोधपुर मंडल इस प्रकार के औचक और सघन टिकट चैकिंग अभियानों को भविष्य में भी लगातार जारी रखेगा।
त्योहारों के सीजन और छुट्टियों के दिनों को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बलों (RPF) और वाणिज्य विभाग की टीमों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है। ऐसे में बिना टिकट यात्रा करने वाले और अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों को अब संभल जाना चाहिए, क्योंकि रेलवे का यह नया तेवर किसी भी गलती को माफ करने के मूड में नहीं दिख रहा है।