विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के लिए प्रशासनिक अमले ने शनिवार को औचक निरीक्षण की कार्रवाई तेज कर दी। मीरजापुर जिले के विकासखंड पहाड़ी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब वीबीजी रामजी योजना के उपायुक्त मुख्यालय लखनऊ, अजीत सिंह अचानक धरातल पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंच गए। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में चल रही सरकारी योजनाओं की प्रगति और उनकी गुणवत्ता की जमीनी हकीकत को परखना था।
टौंगा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण
दौरे की शुरुआत टौंगा ग्राम पंचायत से हुई, जहां उपायुक्त अजीत सिंह ने एक-एक विकास परियोजना का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके निशाने पर विंध्य स्मार्ट परियोजना, खेल मैदान निर्माण, पंचायत भवन और सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) सेंटर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रहे। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों से हर एक कार्य की प्रगति रिपोर्ट मांगी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को भी परखा।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी स्तर पर मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता के गाढ़े पसीने की कमाई से चलने वाली इन योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचना चाहिए।
रोजगार सृजन और बजट को लेकर स्पष्ट निर्देश
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और मजदूरों के पलायन को रोकने के उद्देश्य से चलाई जा रही इस योजना को लेकर उपायुक्त ने अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि वीबीजी रामजी योजना के तहत धन की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। शासन स्तर से इसके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है।
स्थानीय श्रमिकों को उनके गृह क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर मिल सकें, इसके लिए विकास कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समय पर काम पूरा होने से न केवल गांवों का कायाकल्प होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे, जिससे श्रमिकों को काम की तलाश में महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
ब्लॉक मुख्यालय पर पत्रावलियों और दस्तावेजों की गहन जांच
स्थलीय निरीक्षण के बाद उपायुक्त अजीत सिंह सीधे विकासखंड मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने वीबीजी रामजी योजना से संबंधित फाइलों, रजिस्टरों और पत्रावलियों का गहन अवलोकन किया। अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों और धरातल पर दिख रहे कार्यों की स्थिति का मिलान किया गया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कागजों और वास्तविक स्थिति में कोई अंतर न हो।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मुनीष कुमार सिंह को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जिन विकास कार्यों की गति धीमी है, उनमें तुरंत तेजी लाई जाए और सभी प्रोजेक्ट्स समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही, कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग (निगरानी) करने की जिम्मेदारी भी तय की गई।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश और पौधरोपण
निरीक्षण के व्यस्त कार्यक्रम के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया। उपायुक्त अजीत सिंह ने निरीक्षण स्थल पर ही पौधरोपण किया और स्थानीय नागरिकों तथा अधिकारियों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना भी हमारी ही जिम्मेदारी है।
मौजूद रहे प्रमुख अधिकारी
इस औचक निरीक्षण और समीक्षा के दौरान प्रशासनिक महकमे के कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से:
- उप श्रमायुक्त: श्वेतांक सिंह
- खंड विकास अधिकारी (बीडीओ): मुनीष कुमार सिंह
- ग्राम प्रधान: ब्यासजी बिंद
- पंचायत सचिव: अखिलेश दुबे
- तकनीकी सहायक: राजकुमार
इसके अलावा ब्लॉक के अन्य कई अधिकारी और कर्मचारी भी इस दौरान मुस्तैद नजर आए। इस औचक निरीक्षण के बाद से क्षेत्र के अन्य विकास खंडों में भी अधिकारियों द्वारा कार्यों में तेजी लाने के प्रयास शुरू हो गए हैं, जिससे सुस्त पड़ी योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद है।