उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। एक करोड़पति परिवार के भीतर पनपे संपत्ति, पाबंदियों और रंजिश के जहर ने एक 63 वर्षीय बुजुर्ग की जान ले ली। इस खौफनाक वारदात के पीछे कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि घर की ही इकलौती बहू का नाम सामने आया है, जिसने अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल पर लगी पाबंदियों से तंग आकर खूनी साजिश रच डाली।
पैसों की तंगी और कड़े पहरे से उपजा आक्रोश
मृतक की पहचान 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मिनोचा के रूप में हुई है, जो कानपुर के एक प्रतिष्ठित और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते थे। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे पारिवारिक कलह का एक काला अध्याय चल रहा था। मामले की जांच कर रही पुलिस के अनुसार, विनीत मिनोचा अपनी 36 साल की बहू शालू मिनोचा की हरकतों और जीवनशैली पर पैनी नजर रखते थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात की गवाही देते हैं कि बहू की हर गतिविधि पर ससुर का कड़ा पहरा था।
शालू को देर रात तक घूमना, पार्टियों में शामिल होना और अपनी मर्जी से जीवन जीना पसंद था। लेकिन, विनीत मिनोचा इस बात के सख्त खिलाफ थे। वह बहू को केवल उतने ही पैसे देते थे, जितने की बेहद आवश्यकता होती थी। एक करोड़पति परिवार की बहू होने के बावजूद शालू को अपनी दैनिक इच्छाओं और खर्चों के लिए भी ससुर के सामने हाथ फैलाने पड़ते थे। यही घुटन और पाबंदियां धीरे-धीरे नफरत में बदल गईं और उसने खूनी खेल खेलने की ठान ली।
नौकर को दी छह लाख की सुपारी
जब घर के अंदर का यह मानसिक तनाव असहनीय हो गया, तब शालू ने एक खौफनाक साजिश रची। उसने घर में काम करने वाले 30 वर्षीय नौकर विशाल को अपने रास्ते का मोहरा बनाया। विनीत मिनोचा को रास्ते से हटाने के लिए शालू और नौकर के बीच 6 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पैसे के लालच में अंधे हो चुके नौकर ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी कर ली।
हत्या की उस काली रात को नौकर विशाल ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए विनीत मिनोचा पर ताबड़तोड़ चाकू से 26 वार किए। बुजुर्ग कारोबारी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात को इस तरह से अंजाम दिया गया था कि यह लूटपाट या रंजिश का मामला लगे, लेकिन पुलिस की पैनी नजर ने इस राज से पर्दा उठा दिया।
कॉल डिटेल और पुलिस की सख्ती ने खोले राज
घटना के बाद जब पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की, तो बहू शालू लगातार पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करती रही। वह ऐसे पेश आ रही थी जैसे उसे इस हत्या के बारे में कुछ भी पता न हो। हालांकि, अनुभवी पुलिस अधिकारियों का शक शुरू से ही घर के अंदर के किसी शख्स पर था।
- कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR): जब पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लेते हुए बहू शालू का मोबाइल फोन खंगाला, तो सनसनीखेज खुलासे हुए। हत्या वाली रात को शालू और नौकर विशाल के बीच महज कुछ ही घंटों के भीतर 14 बार फोन पर बातचीत हुई थी।
- पुलिस की पूछताछ: डिजिटल सबूतों और कॉल डिटेल्स को सामने रखकर जब पुलिस ने शालू से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई
नौकर के कबूलनामे और बहू की स्वीकारोक्ति के बाद कानपुर पुलिस ने आरोपी बहू शालू को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार और अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है। लोग इस बात से हैरान हैं कि कैसे मामूली सी पाबंदियों और पैसों के विवाद के चलते अपनों ने ही अपनों का खून बहा दिया।
शुरुआती जांच में पुलिस ने मृतक के बेटे और शालू के पति सुब्रत मिनोचा की इस हत्याकांड में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि पति इस साजिश से पूरी तरह अनजान था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खौफनाक साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं।