उत्तर प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर इन दिनों अपने चरम पर हैं। इसी कड़ी में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाने के बाद विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा है। मीरजापुर के दौरे पर पहुंचे डिप्टी सीएम ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बहुचर्चित ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को सिरे से खारिज करते हुए इसे छलावा करार दिया है। उनके इस आक्रामक तेवर ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है।
विंध्यधाम में टेका माथा, मां का लिया आशीर्वाद
रविवार को मीरजापुर पहुंचे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सबसे पहले मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी दी। पुरानी वीआईपी मार्ग पर नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्रा ने उनका भव्य स्वागत किया। कुछ देर विश्राम करने के बाद वे पारंपरिक रूप से नारियल, चुनरी, माला और पुष्प लेकर विंध्यधाम के लिए रवाना हुए। वीआईपी गेट से प्रवेश कर उन्होंने गणेशजी का दर्शन-पूजन किया और फिर गर्भगृह में विधि-विधान से मां विंध्यवासिनी की पूजा-अर्चना की।
दर्शन और पूजन के बाद उन्होंने नवनिर्मित सेफ हाउस में पत्रकारों से खुलकर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की उपलब्धियों गिनाते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग के लिए काम किया है। चाहे गरीब कल्याण हो, महिला सशक्तीकरण हो, किसान कल्याण हो या फिर युवाओं का सुनहरा भविष्य—हर मोर्चे पर ठोस कदम उठाए गए हैं। इसी विकास कार्यों के बल पर जनता आगामी चुनावों में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत का आशीर्वाद देगी।
‘पीडीए’ पर सीधा हमला: बोले- जनता सपा को सैफई तक सीमित कर देगी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब अखिलेश यादव के ‘पीडीए’ (PDA) नारे के बारे में सवाल किया गया, तो केशव मौर्य बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह पीडीए पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा से पिछड़ों और दलितों के साथ केवल छल किया है। जनता भूली नहीं है कि पिछली सरकारों में इन वर्गों के साथ क्या व्यवहार हुआ था।
उन्होंने आगे कहा कि जनता पहले भी सपा को इसका जवाब दे चुकी है और इस बार भी ऐसा करारा जवाब मिलेगा कि सपा के नेता और कार्यकर्ता केवल सैफई तक ही सिमट कर रह जाएंगे। अखिलेश यादव के बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने प्रसिद्ध कहावत का इस्तेमाल किया— 'सूप बोले तो बोले, चलनी न बोले जिसमें हजार छेद।' उन्होंने याद दिलाया कि अखिलेश के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश की सड़कें किस तरह गड्ढों में तब्दील थीं और कानून-व्यवस्था की क्या स्थिति थी। ऐसे में उन्हें अपनी पुरानी सरकारों के कारनामों पर नजर डालकर ही कोई बयान देना चाहिए।
सड़कों की बदहाली पर ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी
मीरजापुर क्षेत्र में सड़कों की बदहाली और गड्ढों को लेकर जनता की शिकायतों पर उप मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेशभर में सड़कों को गड्ढामुक्ति बनाने को लेकर उच्च स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही धरातल पर काम शुरू हो जाएगा। चाहे ग्रामीण सड़कें हों, मुख्य मार्ग हों, स्टेट हाईवे हों या फिर नेशनल हाईवे—सभी को पूरी तरह दुरुस्त कराया जाएगा।
सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किया गया या किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई गई, तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लापरवाह ठेकेदारों को भविष्य में कभी भी दोबारा ठेकेदारी करने का मौका नहीं दिया जाएगा। सरकार भ्रष्टाचार और ढिलाई के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
फसल नुकसान पर बोले- किसानों को मिलेगा पूरा मुआवजा
हाल ही में हुई बेमौसम या अत्यधिक बारिश से किसानों की फसलों को हुए नुकसान के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी वर्षा से जहां एक ओर सामान्य रूप से किसानों में खुशी की लहर है, वहीं कुछ विशेष क्षेत्रों में फसलों को क्षति भी पहुंची है। सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा सर्वे का काम तेजी से कराया जा रहा है। जैसे ही सर्वे रिपोर्ट सामने आएगी, सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा समयबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा।
संगठन और कार्यक्रमों में सहभागिता
विंध्यधाम के अपने इस दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री केवल राजनीतिक बयानों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि संगठनात्मक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से शामिल हुए। इसके बाद वे रेहड़ा चुंगी स्थित एक स्थानीय होटल में आयोजित तीन दिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन में मुख्य रूप से सम्मिलित हुए। इस कार्यक्रम में उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, नगर विधायक पंडित रत्नाकर मिश्र, सांसद विनोद बिंद, हर्षित खत्री सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समर्पित कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष
केशव प्रसाद मौर्य का यह दौरा और उनके तीखे बयान यह स्पष्ट संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने वाला है। एक तरफ जहां सरकार अपनी विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था को अपनी ताकत बता रही है, वहीं विपक्ष भी लगातार सरकार को घेरने की जुगत में है। बहरहाल, जनता किसे अपना समर्थन देती है और किसके दावों पर मुहर लगाती है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल सियासी पारा पूरी तरह से चढ़ा हुआ है।