मध्य प्रदेश के संस्कारधानी जबलपुर में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर शिकंजा कसा है। क्राइम ब्रांच और मदनमहल थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से भारी मात्रा में अवैध गांजा बरामद हुआ है। इस कार्रवाई से शहर के मादक पदार्थों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब इस तस्करी के अंतर्सूत्रों को खंगालने में जुट गई है, जिसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े नजर आ रहे हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना के संबंध में मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की दरमियानी रात पुलिस के खुफिया तंत्र को एक बड़ी भनक लगी थी। क्राइम ब्रांच को मुखबिर के जरिए यह पुख्ता सूचना मिली थी कि मॉडल रोड स्थित लॉयड गैलरी के सामने एक संदिग्ध व्यक्ति भारी-भरकम बैग लेकर खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई और बिना वक्त गंवाए संयुक्त टीम ने मौके के लिए प्रस्थान किया।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने पूरी सतर्कता के साथ इलाके की घेराबंदी की। संदिग्ध व्यक्ति बस से उतरकर वहां खड़ा था और उसकी गतिविधियां पूरी तरह से संदेहास्पद प्रतीत हो रही थीं। पुलिस बल ने जब उसे दबोचा और उसके पास मौजूद सामान की तलाशी ली, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
लाखों का गांजा और बैग से बरामदगी
पकड़े गए संदिग्ध के पास से दो बड़े बैग (एक हरे और दूसरा नीले रंग का) बरामद किए गए। जब इन बैगों की बारीकी से तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। दोनों बैगों के भीतर कुल दस पैकेट छिपाकर रखे गए थे, जिनसे नशीले पदार्थ की तीव्र गंध आ रही थी।
- कुल बरामद गांजा: 10 किलो 168 ग्राम
- अनुमानित बाजार मूल्य: लगभग 5 लाख 8 हजार 400 रुपये
- अन्य जब्ती: एक एंड्रायड मोबाइल फोन और दो संदिग्ध बैग
जब्त किए गए इस मादक पदार्थ की कुल कीमत खुले बाजार में पांच लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत पूरी जब्ती की कार्रवाई को कानूनी रूप से अंजाम दिया है।
बिहार का निवासी और ओडिशा से कनेक्शन
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी पहचान रवि कुमार (उम्र 50 वर्ष) पुत्र बबन ओझा के रूप में बताई। मूलरूप से वह बिहार के अरवल जिले के मेंहदिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम इस्माईलपुर का रहने वाला है। हालांकि, मौजूदा समय में वह ओडिशा के झारसुगड़ा में निवास कर रहा था। आरोपी का दूसरे राज्यों से जुड़ा होना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह कोई छुटपुट तस्कर नहीं, बल्कि किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का मोहरा हो सकता है।
मलखान की तलाश में जुटी पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपी रवि कुमार ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी हैं। उसने खुलासा किया कि वह अकेले इस काम को अंजाम नहीं दे रहा था। उसके साथ पाटन रोड, जबलपुर के पास रहने वाला 'मलखान' नामक एक अन्य व्यक्ति भी यात्रा कर रहा था। योजना के मुताबिक, दोनों को तीनपत्ती बस स्टैंड पर मिलना था, लेकिन पुलिस की सुगबुगाहट या अन्य कारणों से वह बस से कुछ दूरी पहले ही उतर गया था।
आरोपी का दावा है कि इस खेप और तस्करी से जुड़ी तमाम अहम जानकारियों की पूरी भनक मलखान को भी है। इस खुलासे के बाद पुलिस अब उस स्थानीय संपर्क की तलाश में जुट गई है, जो जबलपुर में इस अवैध खेप को रिसीव करने वाला था।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
मदनमहल थाने की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/20 के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान उससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह गांजा ओडिशा से किस रूट के जरिए मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल हुआ और इसे जबलपुर में किसे सौंपा जाना था।
सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर
आगामी दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों के बेनकाब होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। जबलपुर पुलिस का स्पष्ट कहना है कि शहर में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और इस रैकेट के हर एक मास्टरमाइंड तक कानून के लंबे हाथ जरूर पहुंचेंगे।