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लेबनान में महाविस्फोट: 1100 टन विस्फोटक से उड़ा हिजबुल्लाह का 2 किमी सुरंग नेटवर्क

लेबनान में महाविस्फोट: 1100 टन विस्फोटक से उड़ा हिजबुल्लाह का 2 किमी सुरंग नेटवर्क

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दक्षिण लेबनान की धरती शुक्रवार तड़के उस समय दहल उठी, जब इजरायली सैन्य बलों ने एक रणनीतिक और बेहद आक्रामक कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई के तहत खियाम और नबातियेह क्षेत्र में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए, जिनकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। इस हमले का मुख्य केंद्र अली अल-ताहेर की पहाड़ियों के नीचे बना वह भूमिगत ढांचा था, जिसे लेकर इजरायल ने बड़ा दावा किया है कि यह हिजबुल्लाह का मुख्य सुरंग नेटवर्क था।

अली अल-ताहेर रिज पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य ऑपरेशन

शुक्रवार का दिन दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक इतिहास में एक बड़े बदलाव के रूप में दर्ज हो गया है। स्थानीय आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली युद्धक विमानों ने सुबह के वक्त कई कस्बों और पहाड़ी इलाकों को निशाना बनाया। टायर शहर के दक्षिण में स्थित अल-मंसूरी, मजदल जौन और कंतारा जैसे इलाकों में हवाई हमलों ने सनसनी फैला दी। हालांकि, सबसे भीषण कार्रवाई अली अल-ताहेर रिज पर देखने को मिली, जहां हुए धमाके को हाल के महीनों का सबसे बड़ा धमाका माना जा रहा है।

इज़रायली सैन्य नेतृत्व ने इस बात की पुष्टि की है कि उनके बलों ने इस रणनीतिक पहाड़ी इलाके पर अपनी पकड़ मजबूत करते हुए एक बहुत बड़े भूमिगत खतरे को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद कर दिया है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस रिज पर नियंत्रण हासिल करना इस पूरे युद्ध क्षेत्र में सामरिक दृष्टि से बेहद अहम कदम है।

1,100 टन विस्फोटक और 4.1 तीव्रता का कृत्रिम भूकंप

इस सैन्य कार्रवाई की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे अंजाम देने के लिए भारी मात्रा में विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज की ओर से जारी बयानों में दावा किया गया है कि अली अल-ताहेर रिज के नीचे बने इस विशाल नेटवर्क को जमींदोज करने के लिए 1,100 टन से अधिक विस्फोटकों का प्रयोग किया गया।

विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उससे आसपास के इलाकों में जमीन हिल गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इसने रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता के भूकंप जैसी हलचल पैदा कर दी। स्थानीय नागरिकों ने भी इस कंपन को महसूस किया, जिससे शुरुआती कुछ पलों के लिए भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

क्या था इस 2 किलोमीटर लंबे सुरंग नेटवर्क का राज?

इजरायली खुफिया और सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह ध्वस्त किया गया सुरंग तंत्र सामान्य रास्ता नहीं था, बल्कि एक हाई-टेक подзем सैन्य शहर था। इसकी लंबाई दो किलोमीटर से अधिक बताई गई है। इस भूमिगत परिसर की बनावट ऐसी थी कि इसमें युद्धक हथियारों का बड़ा जखीरा, रॉकेट लॉन्चपैड और लड़ाकों के लंबे समय तक ठहरने के लिए आधुनिक आवास सुविधाएं मौजूद थीं।

  • बद्र यूनिट का कमांड सेंटर: इजरायली सेना का दावा है कि यह सुरंग नेटवर्क हिजबुल्लाह की कुख्यात 'बद्र यूनिट' के मुख्य कमांड और कंट्रोल सेंटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
  • ईरानी वित्तीय और तकनीकी मदद: अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस भूमिगत ढांचे का निर्माण रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसके पीछे वर्षों की प्लानिंग, ईरानी वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग शामिल था।
  • उत्तरी इजरायल के लिए खतरा: इस सुरंग का मुख्य उद्देश्य उत्तरी इजरायल की सीमाओं के भीतर किसी भी बड़े और अचानक हमले को अंजाम देने के लिए साजो-सामान और सैनिकों को सुरक्षित रखना था।

तनाव के साए में सीमाई इलाकों का भविष्य

दक्षिण लेबनान में इस ताजा और बड़े हमले के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। एक तरफ जहां इजरायल इस कार्रवाई को अपनी आंतरिक सुरक्षा और रक्षा तंत्र के लिए एक बड़ी जीत मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ लेबनान के इन इलाकों में आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार मंडरा रहे युद्ध के बादलों और हवाई हमलों की गूंज ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष और अधिक भीषण रूप ले सकता है।

सैन्य जानकारों का मानना है कि हिजबुल्लाह के इस मुख्य भूमिगत केंद्र के नष्ट होने से संगठन की रणनीतिक क्षमता को बड़ा झटका लगा है, लेकिन इसके जवाब में क्षेत्रीय स्तर पर तनाव के और अधिक भड़कने की पूरी आशंका बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बिरादरी भी इस पूरे घटनाक्रम पर बेहद करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि सीमा पर हिंसा का यह दायरा लगातार व्यापक होता जा रहा है।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor (विदेश खबरें)

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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