नागपुर में आगामी गणेशोत्सव और त्योहारों के सीजन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। आम नागरिकों की सुरक्षा और एलपीजी (LPG) गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शहर खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी तरह की कालाबाजारी को रोकना और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करवाना था। लेकिन बैठक के दौरान जो लापरवाही सामने आई, उस पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तुरंत कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं।
अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भड़का प्रशासन, थमाया नोटिस
त्योहारी सीजन में गैस सुरक्षा और आपूर्ति जैसे अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर नागपुर शहर खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा बुलाई गई इस बैठक में जब कई बड़ी तेल कंपनियों के अधिकारी नदारद मिले, तो प्रशासनिक अमले में नाराजगी फैल गई। शहर खाद्य आपूर्ति अधिकारी (FDO) शालिनी गेडाम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत पेट्रोलियम (BPCL) के सेल्स ऑफिसर नितिन खोत तो उपस्थित रहे, लेकिन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के सेल्स अधिकारी इस बेहद अहम बैठक से गायब रहे।
इस गैरजिम्मेदाराना रवैये को बेहद गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल प्रभाव से दोनों अनुपस्थित कंपनियों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। प्रशासन का साफ कहना है कि त्योहारों के समय जब जनता की सुरक्षा सबसे ऊपर है, तब इस तरह की कोताही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गणेशोत्सव के दौरान कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर लगाम
बैठक में यह विशेष रूप से सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि हर घरेलू उपभोक्ता को उनका गैस सिलेंडर तय समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ मिले। त्योहारों के दिनों में अक्सर गैस की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाने के लिए कुछ असामाजिक तत्व कालाबाजारी या अवैध भंडारण की कोशिश करते हैं।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, अवैध भंडारण या अनधिकृत बिक्री पकड़ी जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीमें इस पर पैनी नजर रखेंगी।
पंडालों और सार्वजनिक आयोजनों के लिए कमर्शियल सिलेंडर अनिवार्य
गणेशोत्सव के दौरान शहर में जगह-जगह बड़े सार्वजनिक पंडाल सजते हैं, सार्वजनिक कार्यक्रम होते हैं और महाप्रसाद का वितरण किया जाता है। ऐसे आयोजनों में अक्सर बड़ी मात्रा में भोजन पकाने के लिए गैस की जरूरत होती है। प्रशासन ने इस संबंध में बहुत कड़ा नियम लागू किया है:
- सार्वजनिक पंडालों और महाप्रसाद कार्यक्रमों में केवल कमर्शियल (व्यावसायिक) सिलेंडर का ही उपयोग किया जाना अनिवार्य है।
- यदि जांच के दौरान किसी भी सार्वजनिक स्थल, पंडाल या आयोजन में घरेलू (डॉमस्टिक) सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग होता पाया गया, तो यह सीधा कानून का उल्लंघन माना जाएगा।
- ऐसी स्थिति में न केवल संबंधित आयोजन समिति या उपयोगकर्ता पर, बल्कि गैस सिलेंडर मुहैया कराने वाली एजेंसी पर भी सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गैस परिवहन वाहनों के लिए कड़े सुरक्षा मानक और निर्देश
त्योहारों के दौरान सड़कों पर भीड़भाड़ अधिक होती है, ऐसे में गैस सिलेंडरों का परिवहन करने वाले वाहनों की सुरक्षा और भी अहम हो जाती है। नागपुर शहर खाद्य आपूर्ति विभाग ने वाहन चालकों और गैस एजेंसियों के लिए स्पष्ट एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी की है:
- वाहन पर एजेंसी का नाम: सिलेंडर ले जाने वाले सभी वितरण वाहनों पर संबंधित गैस एजेंसी का नाम स्पष्ट और बड़े अक्षरों में लिखा होना चाहिए।
- పెट्रोलियम सेफ्टी नॉर्म्स: 'पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन' (PESO) के नियमानुसार वाहनों पर आवश्यक इंस्ट्रक्शन कोड और वार्निंग साइन अंकित होने चाहिए।
- इमरजेंसी नंबर: वाहनों पर दमकल विभाग, पुलिस और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर स्पष्ट रूप से लिखे होने चाहिए ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत मदद ली जा सके।
- अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher): सुरक्षा के लिहाज से सिलेंडर परिवहन करने वाले हर वाहन में चालू और कार्यशील स्थिति में अग्निशामक यंत्र का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
- ड्राइविंग लाइसेंस: गैस सिलेंडर ढोने वाले प्रत्येक वाहन चालक के पास आरटीओ (RTO) द्वारा जारी विशेष 'हजार्डस ड्राइविंग लाइसेंस' (Hazardous Driving License) होना कानूनी रूप से जरूरी है।
एजेंसियों को मिला एक सप्ताह का अल्टीमेटम
खाद्य आपूर्ति अधिकारी शालिनी गेडाम ने शहर की सभी एलपीजी गैस एजेंसियों को इन तमाम सुरक्षा मानकों, नियमों और हिदायतों का शत-प्रतिशत पालन करने के लिए महज एक सप्ताह का समय दिया है। विभाग ने यह चेतावनी भी दी है कि तय सीमा समाप्त होने के बाद जब जांच अभियान चलाया जाएगा और यदि नियमों की अनदेखी या सुरक्षा में कोई भी चूक पाई जाती है, तो बिना किसी चेतावनी के सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नागपुर प्रशासन के इस सख्त रुख से गैस एजेंसियों और संचालकों में हड़कंप मच गया है। आम जनता ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है ताकि गणेशोत्सव का यह पावन पर्व पूरी सुरक्षा और उल्लास के साथ बिना किसी खतरे के संपन्न हो सके।