उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की राजधानी का नाम एक बार फिर देश भर में रोशन हुआ है। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) द्वारा आयोजित यूजीसी नेट-जेआरएफ जून-2026 परीक्षा के परिणाम घोषित हो चुके हैं, और इन परिणामों में लखनऊ विश्वविद्यालय के मेधावियों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। इस बार विश्वविद्यालय के कुल 48 विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने इस कठिन परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। खास बात यह है कि इस उपलब्धि ने न केवल संस्थान की अकादमिक साख को मजबूत किया है, बल्कि आने वाले शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा की एक नई मिसाल पेश की है।
अखिल भारतीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल कर रचा इतिहास
इस बार के परीक्षा परिणामों में लखनऊ विश्वविद्यालय के दो विद्यार्थियों ने पूरे देश में दूसरा स्थान (AIR 2) प्राप्त कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। प्राणि विज्ञान विभाग के एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर के छात्र प्रकर्ष मनोहर ने 'लाइफ साइंसेस' विषय में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक हासिल की है। प्रकर्ष की यह सफलता इसलिए भी विशेष रूप से उल्लेखनीय और दुर्लभ मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने मास्टर डिग्री पूरी होने से पहले यानी एम.एससी. तीसरे सेमेस्टर में ही इस कठिन परीक्षा को क्रैक कर दिखाया है।
ठीक इसी प्रकार, भूविज्ञान विभाग की मेधावी छात्रा सोनल शुक्ला ने 'अर्थ साइंसेस' विषय में देश भर में दूसरी रैंक हासिल कर विश्वविद्यालय का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। इतनी कम उम्र और पढ़ाई के दौरान ही इस स्तर की सफलता पाना यह साबित करता है कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और माहौल की जरूरत है।
जेआरएफ श्रेणी में चमके कई अन्य सितारे
विश्वविद्यालय के कुल 13 विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठित जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) प्राप्त करने में सफलता पाई है। इन मेधावियों की लंबी सूची में विभिन्न विभागों के नाम शामिल हैं:
- प्राणि विज्ञान विभाग: प्रकर्ष मनोहर (AIR-2), अनीशा यादव (AIR-33), अदिति श्रीवास्तव (AIR-87), सैफ सिद्दीकी (AIR-89), युवराज और आकांक्षा सिंह (AIR-122)।
- वनस्पति विज्ञान विभाग: भार्गवी पांडेय (AIR-13) और प्राची सिंह (AIR-96) ने जेआरएफ की सूची में अपनी मजबूत जगह बनाई।
- भूविज्ञान विभाग: सोनल शुक्ला (AIR-2) के साथ-साथ निशांत शुक्ला ने भी AIR-19 के साथ शानदार रैंक हासिल की।
- गणित विभाग: आशीष प्रताप सिंह (AIR-104) और सुजीत कुमार (AIR-161) ने गणित जैसे कठिन विषय में जेआरएफ के लिए क्वालीफाई किया।
- जैव रसायन (बायोकैमिस्ट्री) विभाग: विदिशा शाक्य ने भी जेआरएफ की परीक्षा में सफलता का स्वाद चखा।
नेट और पीएचडी श्रेणियों में भी शानदार प्रदर्शन
केवल जेआरएफ ही नहीं, बल्कि अन्य श्रेणियों में भी लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्रों का दबदबा देखने को मिला है। विश्वविद्यालय से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, कुल 15 अभ्यर्थियों ने 'नेट' (NET) की पात्रता परीक्षा पास की है, जबकि 20 अभ्यर्थियों ने सीधे 'पीएचडी' श्रेणियों में अपनी सफलता का परचम लहराया है। इन सभी विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और लगन रंग लाई है, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में इन दिनों जश्न का माहौल है।
कुलपति ने की मेधावियों से मुलाकात, दी बधाई
इस अभूतपूर्व सफलता के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन भी बेहद उत्साहित नजर आया। शाम के वक्त विश्वविद्यालय के मंथन कक्ष में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने सभी सफल विद्यार्थियों और शोधार्थियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की।
इस दौरान कुलपति ने सभी मेधावियों को मिठाई खिलाकर और बधाई देकर उनका उत्साहवर्धन किया। संवाद के दौरान कुलपति प्रो. सैनी ने कहा, "हमारे विद्यार्थियों की यह शानदार सफलता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में एक मजबूत अकादमिक, शैक्षणिक एवं शोध संस्कृति लगातार विकसित हो रही है। हमारे शिक्षक और छात्र मिलकर यूनिवर्सिटी को रिसर्च के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।"
शोध संस्कृति और भविष्य की उम्मीदें
शैक्षणिक जानकारों का मानना है कि किसी भी यूनिवर्सिटी की असली ताकत उसकी रिसर्च लैब्स और वहां के छात्रों की जिज्ञासा होती है। एम.एससी. तीसरे सेमेस्टर में रहते हुए प्रकर्ष मनोहर जैसे छात्रों का जेआरएफ में टॉप करना यह दर्शाता है कि अब युवा अपनी पढ़ाई के शुरुआती दौर से ही करियर को लेकर गंभीर और फोक्स्ड हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी द्वारा शोध के माहौल को बढ़ावा देने का ही नतीजा है कि आज यहां के छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। इस सफलता से न केवल लखनऊ यूनिवर्सिटी के वर्तमान छात्रों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि आने वाले सत्रों के नए एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है।