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भोपाल विज्ञान मेला 2026: बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी में सजेगी साइंस की महफिल

भोपाल विज्ञान मेला 2026: बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी में सजेगी साइंस की महफिल

मध्य प्रदेश की झीलों के शहर भोपाल में विज्ञान और तकनीक का एक ऐसा महाकुंभ सजने जा रहा है, जो न सिर्फ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को पंख देगा, बल्कि समाज की कई जटिल समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान भी सबके सामने लाएगा। हम बात कर रहे हैं 'भोपाल विज्ञान मेला-2026' की, जिसका भव्य आयोजन इस बार 22 सितंबर से 26 सितंबर तक राजधानी के प्रसिद्ध बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय परिसर में होने जा रहा है। इस पांच दिवसीय आयोजन को लेकर छात्रों, शिक्षकों और विज्ञान प्रेमियों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।

परंपरागत मॉडलों से आगे बढ़कर 'वास्तविक समाधान' पर जोर

आमतौर पर विज्ञान मेलों का मतलब रंग-बिरंगे चार्ट और थर्माकोल से बने ऐसे मॉडल होते हैं जिनका वास्तविक जीवन से सीधा नाता कम ही होता है। लेकिन इस बार का भोपाल विज्ञान मेला इस लीक से हटकर एक नई इबारत लिखने जा रहा है। जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने हाल ही में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष का मेला विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान या शो-पीस मॉडल प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं रखेगा। इसके बजाय, यहां युवाओं को समाज की जमीनी और वास्तविक समस्याओं के तकनीकी तथा व्यावहारिक समाधान खोजने और उन्हें सबके सामने रखने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

यह आयोजन विज्ञान भारती (मध्य भारत प्रांत), मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मैपकॉस्ट) और बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर बचपन से ही साइंटिफिक टेंपरामेंट (वैज्ञानिक सोच), इनोवेशन और क्रिटिकल थिंकिंग को बढ़ावा देना है, ताकि वे आने वाले कल के बेहतर वैज्ञानिक और इंजीनियर बन सकें।

'नवाचार संगम' में दिखेंगे 100 से अधिक अनूठे प्रोजेक्ट्स

इस पूरे मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 'नवाचार संगम' रहने वाला है। इस विशेष सेगमेंट के तहत प्रदेश और देश के विभिन्न स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई 100 से अधिक अत्याधुनिक नवाचार परियोजनाएं (Innovation Projects) प्रदर्शित की जाएंगी। खास बात यह है कि इन प्रोजेक्ट्स को बनाने से पहले छात्रों ने प्रयोगशालाओं से निकलकर समाज के बीच समय बिताया है।

  • कृषि और फसल सुरक्षा: किसानों की आधुनिक समस्याओं के हल।
  • श्रम और सुरक्षा: हाथ ठेला चालकों और निर्माण श्रमिकों के लिए आसान तकनीक।
  • हेल्थकेयर और मेडिसिन: स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी जमीनी चुनौतियां।
  • वेस्ट मैनेजमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी: कचरा प्रबंधन और ऊर्जा संकट के व्यावहारिक विकल्प।

इन प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने के लिए छात्रों को किसानों, दुकानदारों, मैकेनिकों और स्थानीय तकनीशियनों से सीधे संवाद करने के लिए प्रेरित किया गया था। यही वजह है कि ये प्रोजेक्ट्स कागजी न होकर पूरी तरह से मानवीय जरूरतों पर आधारित हैं।

देश की 53 दिग्गज वैज्ञानिक संस्थाएं एक मंच पर

भोपाल विज्ञान मेले के 'महाप्रदर्शन' (Mega Exhibition) खंड में देश के तकनीकी गौरव की झलक देखने को मिलेगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR), विभिन्न भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र (RRCAT), एनटीपीसी, सीआईएल और गैल जैसी लगभग 53 प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थाएं, सरकारी विभाग और बड़े उद्योग इस मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

इन संस्थानों के आने से आम नागरिकों और विशेषकर स्कूली बच्चों को यह देखने का मौका मिलेगा कि देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान वर्तमान में किन रिसर्च पर काम कर रहे हैं और अंतरिक्ष से लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत क्या नए मुकाम हासिल कर रहा है। इसके साथ ही, मैपकॉस्ट द्वारा लगाए जा रहे 'रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन' में ग्रामीण अंचल के शिल्पकारों, ग्रासरूट इनोवेटर्स और एनजीओ के कार्यों को 45 विशेष स्टॉलों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा, जो 'वोकल फॉर लोकल' की तर्ज पर स्थानीय कला और तकनीक को बढ़ावा देगा।

वैज्ञानिकों से 'सीधा संवाद' और 'मेला दर्शन'

युवा मस्तिष्कों में उठने वाले अनगिनत सवालों के जवाब देने के लिए इस मेले में 'सीधा संवाद' सत्र का आयोजन किया गया है। इस सेशन के दौरान छात्र देश के नामचीन वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के आमने-सामने होंगे। वे अपनी जिज्ञासाओं, अंतरिक्ष विज्ञान, भविष्य की तकनीकों और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने की संभावनाओं पर खुलकर चर्चा कर सकेंगे।

इसके अलावा, 'मेला दर्शन' कार्यक्रम के तहत भोपाल और आसपास के जिलों के सैकड़ों विद्यालयों के बच्चों को विशेष रूप से बसें लगाकर मेला परिसर का भ्रमण कराया जाएगा। आंखों देखी ये वैज्ञानिक दुनिया बच्चों के मन में विज्ञान के प्रति एक स्थाई प्रेम और प्रेरणा जगाने का काम करेगी।

भव्य उद्घाटन और 'विज्ञान प्रतिभा सम्मान'

22 सितंबर को आयोजित होने वाले इस मेले के उद्घाटन सत्र में देश की कई दिग्गज हस्तियां शिरकत करेंगी। इस कार्यक्रम में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक और विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. शेखर मांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, अयोध्या के भव्य राम मंदिर के मुख्य वास्तुविद सोमपुरा परिवार के आशीष सोमपुरा की उपस्थिति भी इस आयोजन को और खास बनाएगी।

इस अवसर पर देश के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित वास्तुविद तथा पद्मश्री से सम्मानित चंद्रकांत बी. सोमपुरा को उनकी वास्तुकला और तकनीकी योगदान के लिए विशेष तौर पर 'विज्ञान प्रतिभा सम्मान-2026' से अलंकृत किया जाएगा। यह सम्मान भारतीय परंपरा, वास्तुकला और आधुनिक विज्ञान के सुंदर समन्वय का प्रतीक होगा।

साइंस लवर्स के लिए क्यों खास है यह आयोजन?

यदि आप भोपाल में रहते हैं या आसपास के जिलों से ताल्लुक रखते हैं, तो 22 से 26 सितंबर के बीच बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का यह दौरा आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित हो सकता है। यह सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह देखने का अवसर है कि कैसे भारत का युवा दिमाग कल के भारत को आकार दे रहा है। अभिभावक अपने बच्चों को लेकर यहां पहुंच सकते हैं ताकि उन्हें किताबों से बाहर निकलकर असल दुनिया की टेक्नोलॉजी से रूबरू होने का मौका मिल सके। प्रवेश पूरी तरह से व्यवस्थित और ज्ञानवर्धक रहेगा, जो विज्ञान के हर दीवाने को अपनी ओर खींच रहा है।

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नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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