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अनूपपुर में थमी चुनावी हलचल: कोतमा पार्षद और 11 पंचों के उपचुनाव अचानक स्थगित

अनूपपुर में थमी चुनावी हलचल: कोतमा पार्षद और 11 पंचों के उपचुनाव अचानक स्थगित

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से इस वक्त की एक बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। जिले में होने वाले स्थानीय निकाय और पंचायत उपचुनावों का पूरा कार्यक्रम अचानक से रोक दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा निर्देशों के बाद, मंगलवार से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। इस फैसले के बाद चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों और स्थानीय मतदाताओं को फिलहाल मायूसी हाथ लगी है और उन्हें अब नई तारीखों का इंतजार करना होगा।

अचानक क्यों टले उपचुनाव? जानिए पूरी पृष्ठभूमि

राज्य निर्वाचन आयोग ने 7 सितंबर को एक अहम आदेश जारी करते हुए प्रदेशभर में चल रहे और प्रस्तावित उपचुनावों को आगामी आदेश तक स्थगित करने का फैसला लिया है। इस निर्देश के सीधा असर अनूपपुर जिले की राजनीति पर भी पड़ा है। निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक, 8 सितंबर से ही चुनाव की आधिकारिक सूचना जारी होने के साथ-साथ नामांकन पत्रों को दाखिल करने का सिलसिला शुरू होना था, लेकिन आयोग के नए फरमान के बाद प्रशासनिक मशीनरी ने भी इस प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

स्थानीय प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए सभी तैयारियां रोक दी गई हैं। अब जब तक आयोग की तरफ से कोई नया आधिकारिक शेड्यूल जारी नहीं किया जाता, तब तक किसी भी प्रकार की चुनावी गतिविधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।

किन क्षेत्रों में होना था मतदान?

अनूपपुर जिले के जिन इलाकों में उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज थी, वहां अचानक ब्रेक लगने से असमंजस की स्थिति बन गई है। मुख्य रूप से कोतमा नगर पालिका क्षेत्र के एक वार्ड और जिले की चार प्रमुख जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाले कुल 11 गांवों में पंच पदों पर यह चुनाव होना था।

आइए एक नजर डालते हैं उन प्रभावित क्षेत्रों पर जहां चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर थी:

  • कोतमा नगर पालिका: वार्ड क्रमांक 13 में पार्षद पद के लिए उपचुनाव होना था, जिसके लिए राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों ने तैयारियां शुरू कर दी थीं।
  • जनपद पंचायत अनूपपुर: इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार गांवों—देवरी, छिल्पा, मुड़धोवा और आमाडांड में पंच पद के लिए मतदान होना तय था।
  • जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़: यहाँ के चार ग्रामीण इलाकों—गिरारी, बिजौरा, इटौर और बेंदी में पंच के पद खाली थे, जिनपर चुनाव कराया जाना था।
  • जनपद पंचायत जैतहरी: इस ब्लॉक के पिपरिया और क्योंटार गाँव में भी पंच पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू होनी थी।
  • जनपद पंचायत कोतमा: ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विचारपुर गाँव में भी पंच पद के लिए चुनाव प्रस्तावित था।

क्या था पुराना चुनावी कार्यक्रम?

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पहले जो समय सारणी (Schedule) तय की गई थी, उसके अनुसार पूरी चुनावी प्रक्रिया सितंबर के महीने में ही पूरी हो जानी थी। यदि सब कुछ तय योजना के मुताबिक चलता, तो पूरा परिदृश्य कुछ इस प्रकार होता:

  • 8 सितंबर 2026: चुनाव की औपचारिक सूचना का प्रकाशन और मतदान केंद्रों की सूची का सार्वजनिक किया जाना।
  • 15 सितंबर 2026: उम्मीदवारों द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि।
  • 16 सितंबर 2026: प्राप्त हुए सभी नामांकन पत्रों की संवीक्षा (स्क्रूटनी/जांच)।
  • 18 सितंबर 2026: नाम वापस लेने का अंतिम दिन, जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाती।
  • 29 सितंबर 2026: आवश्यकता पड़ने पर सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान का आयोजन।
  • 3 अक्टूबर 2026: सुबह 9:00 बजे से मतगणना शुरू होना और परिणामों की घोषणा।

लेकिन अब चूंकि पूरा कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है, इसलिए ये सभी तारीखें रद्द मानी जाएंगी और आयोग की ओर से नए सिरे से पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा।

उम्मीदवारों और स्थानीय जनता में असमंजस

चुनाव टलने की इस खबर के बाद से ही संभावित उम्मीदवारों में बेचैनी बढ़ गई है। कई प्रत्याशी पिछले कई दिनों से अपने-अपने वार्डों और गाँवों में जनसंपर्क अभियान चला रहे थे, और अपनी जीत के लिए समीकरण बैठाने में जुटे हुए थे। नामांकन के ठीक एक दिन पहले आए इस आदेश ने सभी की तैयारियों पर पानी फेर दिया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने के लिए जल्द से जल्द अपने प्रतिनिधि चुनना चाहते थे, ताकि वार्ड और गाँवों की रुकी हुई समस्याएं दूर हो सकें। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है और जैसे ही ऊपर से कोई नया निर्देश प्राप्त होगा, उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल अनूपपुर जिले में चुनाव से जुड़ी तमाम प्रशासनिक तैयारियां ठंडे बस्ते में चली गई हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय भी अब राज्य मुख्यालय से मिलने वाले अगले आदेश का इंतजार कर रहा है। जानकारों का मानना है कि आयोग जल्द ही परिस्थितियों की समीक्षा करने के बाद उपचुनाव के लिए एक संशोधित और नया कार्यक्रम घोषित कर सकता है। तब तक के लिए कोतमा के वार्ड 13 के मतदाताओं और 11 ग्रामीण पंचायतों के लोगों को अपने नए जनप्रतिनिधि को चुनने के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा।

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नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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