मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के साथ ही मौसम ने अपनी करवट बदल ली है। कभी चिलचिलाती धूप तो कभी हल्की सिहरन, राज्य के मौसम का यह अनूठा मिजाज इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही मौसम ने जो रंग दिखाए हैं, उससे साफ है कि इस बार सर्दी का अहसास समय से पहले और कुछ अलग अंदाज में दस्तक देने वाला है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन दिनों के भीतर ही राज्य के अधिकांश जिलों में रात के न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की जा चुकी है, जिससे अब सुबह और देर रात हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।
अक्टूबर की शुरुआत और मौसम का यू-टर्न
दक्षिण-पश्चिम मानसून के विदा होने के बाद आसमान साफ होना शुरू हो गया है। आज यानी 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के लगभग सभी संभागों में मौसम पूरी तरह से शुष्क बना हुआ है। दिन के समय खिली हुई धूप लोगों को गर्मी का अहसास करा रही है, लेकिन सूरज ढलते ही पारे में आ रही गिरावट से मौसम सुहाना हो जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के जाने के बाद नमी कम होती है और आसमान साफ रहने के कारण रात की गर्मी तेजी से अंतरिक्ष में लौट जाती है, जिससे रातों ठंडी होने लगती हैं।
राज्य की राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी दिन और रात के तापमान में यह अंतर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। मौसम जानकारों का कहना है कि यह संक्रमण काल (Transition Period) का समय है, जब न तो पूरी तरह गर्मी रहती है और न ही सर्दी। हालांकि, यह स्थिति ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है, क्योंकि जल्द ही मौसम एक और नया मोड़ लेने जा रहा है।
7 और 8 अक्टूबर को बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों यानी 7 और 8 अक्टूबर को मौसम फिर से करवट ले सकता है। बंगाल की खाड़ी या अरब सागर में बन रहे हल्के मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राज्य के कुछ संभागों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। इसके चलते 7-8 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
किन जिलों में दिख सकता है असर?
- पूर्वी मध्य प्रदेश: जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में बादलों के साथ छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।
- दक्षिणी हिस्से: पचमढ़ी, छिंदवाड़ा और बालाघाट के आसपास के इलाकों में भी स्थानीय सिस्टम के कारण हल्की बारिश की उम्मीद है।
- पश्चिमी मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर और उज्जैन में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, हालांकि यहां मौसम मुख्य रूप से शुष्क बने रहने के आसार हैं।
दिन में चुभती धूप, रात में ओस की बूंदें
अक्टूबर के इस महीने में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। दोपहर के वक्त धूप इतनी तेज होती है कि कूलर और एसी बंद करने का मन नहीं करता, वहीं शाम होते ही ठंडी हवाएं चलने लगती हैं। ग्रामीण इलाकों में तो सुबह के वक्त हल्की ओस की बूंदें घास पर दिखने लगी हैं, जो इस बात का संकेत है कि अब सर्दियों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में हो रहे इस अचानक बदलाव का असर इंसानी सेहत पर भी पड़ सकता है। दिन की गर्मी और रात की ठंडक के इस संतुलन बिगड़ने के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और गले में खराश जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को इस बदलते मौसम में अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मध्य प्रदेश के कृषि अंचलों में इस समय खरीफ की फसलें पककर तैयार हैं या कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा 7 और 8 अक्टूबर को बारिश की संभावना जताए जाने से किसानों की चिंताएं थोड़ी बढ़ गई हैं। जिन किसानों की फसलें खेतों में कटी पड़ी हैं, वे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यदि हल्की बारिश होती है, तो यह आगामी रबी की फसल (जैसे चना, सरसों और गेहूं की बुआई) के लिए जमीन में नमी बनाए रखने में मददगार साबित हो सकती है。
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि 8 अक्टूबर के बाद बारिश का यह दौर गुजर जाएगा और उसके बाद तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक प्रदेश के कई जिलों में रात का पारा 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जिससे ठंड का असर पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगा। फिलहाल, 6 अक्टूबर को शुष्क मौसम का आनंद लीजिए और 7-8 अक्टूबर को संभावित बारिश के लिए खुद को तैयार रखिए।