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इंदौर में एनजीटी का चाबुक: कान्ह नदी किनारे 52 अवैध निर्माणों पर गरजा बुलडोजर

इंदौर में एनजीटी का चाबुक: कान्ह नदी किनारे 52 अवैध निर्माणों पर गरजा बुलडोजर

मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर में बुधवार, 09 सितंबर 2026 को प्रशासनिक अमले ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त निर्देशों और शहर के मास्टर प्लान को अमलीजामा पहनाने के लिए नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जहां स्थानीय रहवासियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।

कान्ह नदी के पुनरुद्धार और सड़क चौड़ीकरण की बड़ी योजना

इंदौर के तोड़ा इलाके में प्रशासन का यह बुलडोजर एक्शन मुख्य रूप से दो बड़े उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। पहला उद्देश्य एनजीटी के उन निर्देशों का पालन करना है, जिनके तहत कान्ह नदी के दोनों किनारों को हर प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त कराना अनिवार्य कर दिया गया है। वर्षों से नदी के किनारों पर अवैध कब्जा कर पक्के मकान, दुकानें और कारखाने बना लिए गए थे, जिससे नदी का दायरा सिकुड़ता जा रहा था और उसका प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा था।

दूसरा मुख्य कारण मास्टर प्लान के तहत शहर के इस हिस्से में सड़कों का चौड़ीकरण करना है। नगर निगम जंजीरवाला चौराहा से अटल द्वार तक लगभग 80 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण कर रहा है। वर्तमान में यह कार्य जंजीरवाला चौराहा से त्रिवेणी पुलिया के बीच युद्ध स्तर पर चल रहा है। सड़क की चौड़ाई में जो भी हिस्से बाधक बन रहे थे, उन्हें बिना किसी ढिलाई के धराशायी कर दिया गया है।

एक साथ 52 से अधिक निर्माणों पर चली जेसीबी

बुधवार सुबह जैसे ही भारी पुलिस बल और नगर निगम के अमले ने तोड़ा क्षेत्र में प्रवेश किया, वैसे ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस पूरी कार्रवाई के तहत कुल 7 पक्के मकानों और 45 छोटे-बड़े कारखानों व दुकानों को जमींदोज कर दिया गया। निगम अधिकारियों के अनुसार, ये सभी निर्माण अवैध रूप से सरकारी जमीन और नदी की सीमा में किए गए थे।

कार्रवाई के दौरान हुआ भारी हंगामा और विरोध

प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों ने कड़ा विरोध किया। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित भीड़ ने एडिशनल डीसीपी और पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। कानून व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी काम में बाधा डालने से रोकने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया, जिसके बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

प्रभावित दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों का दर्द साफ झलक रहा था। उनका कहना था कि वे पिछले कई दशकों से इस इलाके में रहकर अपना व्यापार चला रहे थे। अचानक दुकानें टूट जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर निगम ने कार्रवाई से पहले उन्हें न तो कोई वैकल्पिक स्थान (रिहैबिलिटेशन) उपलब्ध कराया और न ही किसी प्रकार का मुआवजा दिया। इसके अलावा, लोगों का यह भी तर्क था कि अमूमन बारिश के दिनों में इस तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं की जाती है, लेकिन इस बार प्रशासन ने मौसम की परवाह किए बिना सख्त कदम उठाया है।

प्रशासन का पक्ष: दो महीने पहले दिए गए थे नोटिस

दूसरी ओर, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को पूरी तरह से न्यायसंगत ठहराया है। निगम का कहना है कि प्रभावित लोगों को अचानक बेघर या बेरोजगार नहीं किया गया है। इन सभी मकानों और दुकानों के मालिकों को आज से करीब दो महीने पहले ही बाकायदा नोटिस जारी किए गए थे। निगम अमले द्वारा उस दौरान मौके पर जाकर नपती की गई थी और दीवारों पर लाल निशान भी लगा दिए गए थे ताकि लोग खुद अपना अतिक्रमण हटा लें।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी जब लोगों ने स्वतः अवैध निर्माण नहीं हटाए, तब जाकर प्रशासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। कुछ समझदार नागरिकों ने तो नोटिस मिलने के बाद खुद ही अपने शेड और निर्माण हटाने शुरू कर दिए थे, लेकिन जिन्होंने अनदेखी की, उनके खिलाफ यह बुलडोजर कार्रवाई की गई।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

तोड़ा इलाके में इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब नगर निगम का अगला निशाना अन्य चिन्हित क्षेत्र होंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आगामी 15 दिनों के भीतर नेहरू नगर सड़क मार्ग पर भी इसी प्रकार के अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहां भी मास्टर प्लान के आड़े आ रहे निर्माणों को चिन्हित कर लिया गया है।

मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:

  • स्थान: इंदौर का तोड़ा इलाका (जंजीरवाला चौराहा से त्रिवेणी पुलिया)।
  • कार्रवाई का कारण: NGT के निर्देशानुसार कान्ह नदी को अतिक्रमण मुक्त करना और 80 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण।
  • क्षति: 7 मकान और 45 कारखाने/दुकानें जमींदोज।
  • विरोध: स्थानीय जनता और पुलिस के बीच झड़प, कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।
  • भविष्य की योजना: अगले 15 दिनों में नेहरू नगर क्षेत्र में भी होगी कार्रवाई।

इंदौर विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन इस विकास की कीमत कई बार उन लोगों को चुकानी पड़ती है जो वर्षों से इन इलाकों में काबिज रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए यह सुनिश्चित करना भी एक बड़ी चुनौती होगा कि प्रभावित परिवारों का सही पुनर्वास हो सके, ताकि विकास और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बना रहे।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

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निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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