महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति के बीच शिवसेना ने इस वर्ष का अपना पारंपरिक दशहरा सम्मेलन संकटग्रस्त किसानों और उनके परिवारों को समर्पित करने का बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे ने दूरदराज के क्षेत्रों के शिवसैनिकों से मुंबई में आयोजित होने वाले सम्मेलन में आने के बजाय अपने-अपने इलाकों में किसानों के घर-घर जाकर मदद पहुंचाने की अपील की है।
राज्य के ग्रामीण भागों में लगातार सूखे के हालात बने हुए हैं, जिससे किसान भारी आर्थिक और मानसिक संकट से जूझ रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शिवसेना ने इस बार दशहरे का उत्सव केवल राजनीतिक भाषणों और मंचों तक सीमित न रखने का फैसला किया है। पार्टी का स्पष्ट संदेश है कि इस बार का पर्व संकट से जूझ रहे किसान परिवारों के जीवन में राहत और उम्मीद की किरण लेकर पहुंचना चाहिए।
मुंबई के नेस्को सेंटर में होगा आयोजन
शिवसेना का यह दशहरा सम्मेलन मंगलवार को शाम पांच बजे मुंबई के गोरेगांव स्थित नेस्को सेंटर में आयोजित किया जाना तय किया गया है। सम्मेलन की सभी तैयारियां अंतिम चरण में पूरी कर ली गई हैं। इस बार सूखे की गंभीरता को देखते हुए किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा, बल्कि सीधे नेताओं के भाषणों और सांगठनिक दिशा-निर्देशों से सम्मेलन की शुरुआत होगी।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस सम्मेलन में दिए जाने वाले संबोधन पर राजनीतिक हलकों और कार्यकर्ताओं की विशेष निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि वह किसानों की सहायता के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एक व्यापक राज्यव्यापी कार्यक्रम की ठोस दिशा प्रदान करेंगे।
राशन, सिलाई मशीन और विवाह के लिए आर्थिक सहायता
पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में सूखा प्रभावित किसान परिवारों के लिए दिवाली का राशन लेकर जाने वाले ट्रकों को राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आर्थिक तंगी का सामना कर रहे परिवारों को आगामी त्योहार के अवसर पर जरूरी राहत उपलब्ध कराना है, ताकि कठिन परिस्थितियों के बीच भी उनके घरों में दिवाली की खुशियां फीकी न पड़ें।
इसके साथ ही महिलाओं और बेटियों के उत्थान के लिए भी विशेष सहायता की योजना बनाई गई है। सूखा प्रभावित परिवारों की महिलाओं को आजीविका का साधन जुटाने के लिए सिलाई मशीनें वितरित की जा रही हैं। वहीं, गंभीर संकट झेल रहे किसान परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए भी आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस आह्वान के बाद से स्थानीय नगरसेवकों, पार्टी पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने आगे आकर सहायता राशि के चेक उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सौंपे हैं।
सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे की विशेष पहल
किसानों तक राहत पहुंचाने के इस अभियान के तहत शिवसेना युवा शाखा के अध्यक्ष और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने एक अनुकरणीय पहल की है। उन्होंने अपने क्षेत्र में नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले डांडिया रासरंग के कार्यक्रम को पूरी तरह रद्द कर दिया और उस राशि को किसानों की मदद के लिए उपयोग करने का उपक्रम शुरू किया। इसके अलावा किसान परिवारों के कल्याण के लिए विशेष होम हवन भी आयोजित किए गए।
पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपनी ओर से लाखों रुपये की सहायता राशि किसानों के लिए उपलब्ध कराई है। सांसद डॉ. शिंदे का कहना है कि संकट की इस घड़ी में अन्नदाता किसानों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़े रहना ही इस वर्ष शिवसेना के लिए दशहरे का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र संदेश है।