पहाड़ों की रानी कहे जाने वाले मनाली में इन दिनों सैलानियों का भारी हुजूम देखने को मिल रहा है। अक्टूबर 2026 के इस सुहाने मौसम में देश के कोने-कोने से पहुंचे पर्यटकों ने वादियों की खूबसूरती का आनंद लेने के लिए मनाली का रुख किया है। स्थिति यह है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का तांता लग गया है और गाड़ियां रेंग-रेंगकर चलने को मजबूर हैं।
सड़कों पर मीलों लंबा ट्रैफिक जाम
शनिवार सुबह से ही मनाली की सड़कों पर यातायात का भारी दबाव देखा जा रहा है। अटलबिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के आसपास और सोलंग नाला मार्ग पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग चुकी हैं। स्थिति को संभालने के लिए यातायात पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार अपील की जा रही है कि पर्यटक अपने वाहनों को अनुशासित तरीके से पार्क करें और नियमों का पालन करें, ताकि जाम की स्थिति से कुछ हद तक राहत मिल सके।
होटलों में कमेटियों की नोक-झोंक, सभी कमरे पैक
पर्यटकों की अचानक बढ़ी इस भारी आमद का सीधा असर हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। मनाली और उसके आसपास के अधिकांश होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे पूरी तरह से बुक हो चुके हैं। जो सैलानी बिना एडवांस बुकिंग के यहां पहुंच रहे हैं, उन्हें रहने के लिए कमरा ढूंढने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई पर्यटकों को मजबूरी में मनाली से दूर अन्य ठिकानों या भुंतर-कुल्लू की तरफ रुख करना पड़ रहा है।
- मनाली आने वाले मुख्य मार्गों पर वाहनों की भारी भीड़।
- शहर के 90 प्रतिशत से अधिक होटल और होमस्टे फुल।
- प्रशासन ने पर्यटकों से शांति बनाए रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की।
- सोलंग नाला और रोहतांग दर्रे की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष पुलिस बल तैनात।
पर्यटन कारोबारियों में खुशी की लहर
एक तरफ जहां सड़कों पर जाम और भीड़भाड़ से आम जनजीवन और पर्यटकों को थोड़ी असुविधा हो रही है, वहीं स्थानीय व्यवसायियों और होटल कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं। लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे पर्यटन उद्योग के लिए यह सीजन संजीवनी का काम कर रहा है। होटल व्यवसाई संघ का कहना है कि इस weekend पर कारोबार उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर रहा है और आने वाले दिनों में यह सिलसिला और भी तेज होने की उम्मीद है।
प्रशासन की सख्त एडवाइजरी जारी
प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे ओवरटेकिंग से बचें और पहाड़ों पर गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। इसके अलावा, मौसम के मिजाज को देखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाने की भी बात कही गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।