खाकी का असली इम्तिहान सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं होता, बल्कि एक बेहतरीन पुलिसकर्मी के लिए उसका निशाना और एकाग्रता भी उतनी ही मायने रखती है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के धौलाकुआं में कुछ ऐसा ही अद्भुत नजारा देखने को मिला, जहां प्रदेश भर से जुटे खाकी के धुरंधरों ने अपनी अचूक निशानेबाजी से सबको हैरान कर दिया। अब इन चयनित शार्पशूटर्स का अगला पड़ाव राष्ट्रीय स्तर का मंच है, जहां वे देश के अन्य राज्यों के पुलिस बलों को कड़ी टक्कर देते नजर आएंगे।
धौलाकुआं में सुलगती गोलियां और अचूक निशाने
सिरमौर जिले के ऐतिहासिक और सामरिक महत्व वाले धौलाकुआं स्थित भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबीएन) छठी बटालियन के प्रांगण में इन दिनों गजब का रोमांच और अनुशासन देखने को मिला। यहाँ हिमाचल प्रदेश पुलिस ड्यूटी मीट शूटिंग प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस यूनिटों से चुनकर आए 70 बेहतरीन शूटर्स ने हिस्सा लिया।
यह प्रतियोगिता साधारण नहीं थी, बल्कि इसमें भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को बेहद कड़े मानकों और तकनीकी पैमानों पर खरा उतरना था। रेंज अधिकारियों की कड़ी निगरानी और तकनीकी विशेषज्ञों की पैनी नजर के बीच आयोजित इस महामुकाबले ने यह साबित कर दिया कि हिमाचल पुलिस के जवान हर परिस्थिति से निपटने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से कितने तैयार हैं।
इन विजेताओं ने मारी बाजी, पिस्तौल से लेकर राइफल तक दिखाया दम
प्रतियोगिता का रोमांच उस वक्त अपने चरम पर पहुंच गया जब एक के बाद एक अलग-अलग श्रेणियों के मुकाबले शुरू हुए। उद्घाटन मुकाबला पिस्तौल इवेंट से हुआ, जिसमें खाकी के सूरमाओं ने बुल्सेय पर सटीक निशाना साधकर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया।
- पिस्तौल इवेंट: इस कड़े मुकाबले में आईआरबीएन छठी बटालियन के डीएसपी विजय कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। उनके ठीक पीछे अरुण सूरज प्रकाश ने दूसरा और संतोष कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- कारबाइन एमपी-5: आधुनिक हथियारों के इस दौर में हरीश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान अपने नाम किया। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार चौहान दूसरे और मंडी के कांस्टेबल शुभम ने तीसरा स्थान हासिल किया।
- राइफल 100 यार्ड स्टैंडिंग: इस श्रेणी में अजय की निगाहें बिल्कुल सटीक बैठीं और उन्होंने पहला स्थान जीता। सचिनपाल ने दूसरा और शुभम मंडी ने एक बार फिर तीसरा स्थान हासिल कर अपनी निरंतरता का परिचय दिया।
- 200 यार्ड नीलिंग: इस चुनौतीपूर्ण इवेंट में सुजीत पहले स्थान पर रहे। सोलन के योगेश ने दूसरा और पीटीसी के सुरेश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
- 300 यार्ड प्रोन: कांस्टेबल पवार ने इस मुकाबले में बाजी मारते हुए पहला स्थान हासिल किया। हेड कांस्टेबल विशाल दूसरे और हेड कांस्टेबल शुभम तीसरे स्थान पर रहे।
- 300 मीटर थ्री पोजीशन: इस तकनीकी रूप से कठिन श्रेणी में एचसी आशा जुंगा ने शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान अपने नाम किया। एचसी अमित दूसरे और शिमला के कांस्टेबल राहुल तीसरे स्थान पर रहे।
- 300 यार्ड स्नैप पोजीशन: पलक झपकते ही निशाना साधने वाले इस मुकाबले में एचसी अनिरुद्ध पहले, एचसी नरेश दूसरे और एचसी पंकज तीसरे स्थान पर रहे।
अब मानेसर में बजेगा हिमाचल का डंका
धौलाकुआं के इन तमाम कठिन चरणों को पार करने वाले शीर्ष निशानेबाजों का चयन अब राष्ट्रीय स्तर के लिए कर लिया गया है। ये सभी चयनित शूटर्स आने वाले नवंबर 2026 में हरियाणा के मानेसर स्थित एनएसजी ग्रुप सेंटर में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित '27वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट 2026-27' में हिमाचल प्रदेश पुलिस का गौरवशाली प्रतिनिधित्व करेंगे।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के करीब होने वाली इस अखिल भारतीय प्रतियोगिता में देश भर के तमाम राज्यों और अर्धसैनिक बलों के सबसे बेहतरीन निशानेबाज हिस्सा लेते हैं। ऐसे में हिमाचल के इन जांबाज शूटर्स से पदकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
अधिकारियों ने की सराहना, अनुशासन पर दिया जोर
प्रतियोगिता के समापन समारोह और उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता आईआरबीएन छठी बटालियन के कमांडेंट एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस शूटिंग क्लब के अध्यक्ष भागमल ठाकुर ने की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों के उच्च स्तर के पेशेवर कौशल, अनुशासन और खेल भावना की जमकर सराहना की।
अपने संबोधन में भागमल ठाकुर ने कहा कि एक पुलिसकर्मी के लिए हथियारों का सही ज्ञान और उन पर पूरा नियंत्रण होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल पुलिस कर्मियों की कार्यकुशलता को निखारती हैं, बल्कि उनमें मानसिक दृढ़ता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने सभी चयनित शूटर्स को मानेसर में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वे हिमाचल प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन करेंगे।