हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में इन दिनों प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो चुकी है। देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के आगामी दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए शहर की यातायात व्यवस्था में विशेष बदलाव किए गए हैं। यदि आप भी इस दौरान सफर करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रशासन ने कई रूटों पर पाबंदियां लगाई हैं और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी।
एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में लेंगी हिस्सा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने आ रही हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर संस्थान और स्थानीय प्रशासन पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। राष्ट्रपति के इस बहुप्रतीक्षित दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्यक्रम पूरी तरह से सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध
राष्ट्रपति के काफिले के गुजरने और आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एक सख्त प्लान तैयार किया है। तय कार्यक्रम के मुताबिक, नौणी से ब्रह्मपुखर मार्ग पर सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक सभी प्रकार के भारी और बड़े वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इस दौरान केवल आपातकालीन सेवाओं (जैसे एम्बुलेंस) और अधिकृत सरकारी गाड़ियों को ही इस रूट पर चलने की छूट दी जाएगी।
प्रशासन का यह कड़ा कदम वीवीआईपी मूवमेंट को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उठाया गया है। आम चालकों से अपील की गई है कि वे इस समयावधि में इस रूट का इस्तेमाल करने से बचें ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंडी और हमीरपुर से शिमला जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट
मुख्य मार्गों पर वाहनों के दबाव को कम करने और ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने डायवर्जन प्लान लागू किया है। जो वाहन मंडी और हमीरपुर की तरफ से आ रहे हैं और जिन्हें शिमला या सोलन की ओर जाना है, उनके लिए मार्ग में बदलाव किया गया है। इन गाड़ियों को घागस से ब्रह्मपुखर मार्ग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
यातायात विभाग ने जगह-जगह पुलिस बल तैनात कर दिए हैं जो चालकों को सही दिशा दिखाने और यातायात को नियंत्रित करने का काम करेंगे।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: ड्रोन और पैराग्लाइडिंग पर पूरी तरह रोक
दौरे की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे बिलासपुर जिले को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने, पैराग्लाइडिंग जैसी साहसिक गतिविधियों और किसी भी प्रकार के हथियार या गोला-बारूद लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
चार सेक्टरों में बंटा सुरक्षा चक्र, 250 से अधिक जवान तैनात
राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस महकमे ने एम्स परिसर और आसपास के पूरे इलाके को चार अलग-अलग सुरक्षा सेक्टरों में बांटा है। सुरक्षा की कमान संभालने के लिए लगभग 250 पुलिस जवानों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया है। एम्स के प्रवेश और निकास द्वारों पर अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं और चहुंओर सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर एक गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
श्री नयना देवी मंदिर का दौरा संशोधित
इससे पहले राष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्री नयना देवी जी मंदिर में माथा टेकने और दर्शन करने का कार्यक्रम भी शामिल था। हालांकि, अंतिम समय में प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से इस कार्यक्रम में संशोधन किया गया है और मंदिर दर्शन का यह दौरा रद्द कर दिया गया है। अब संशोधित रूपरेखा के तहत राष्ट्रपति सीधे एम्स बिलासपुर पहुंचेंगी और निर्धारित दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करेंगी।
प्रशासन की अपील: सहयोग की है पूरी उम्मीद
बिलासपुर के उपायुक्त ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति के इस दौरे के दौरान स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो, इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह रूट प्लान तैयार किया गया है। प्रशासनिक और पुलिस की टीमें लगातार ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रही हैं। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में पुलिस का पूरा सहयोग दें।