राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज हो चुकी है और उत्तर भारत के दो महत्वपूर्ण राज्यों—पंजाब और हिमाचल प्रदेश—में सियासी पारा चढ़ने लगा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी चुनावी रण के लिए अपनी रणनीति का खुला ऐलान कर दिया है। पार्टी अब इन दोनों ही पड़ोसी राज्यों में सत्तासीन सरकारों को भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मोर्चे पर घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। भाजपा का साफ कहना है कि जनता के बीच इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और मौजूदा सरकारों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पंजाब की 'आप' सरकार पर तीखा प्रहार
शिमला में एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रशासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। रणधीर शर्मा का कहना है कि जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दावा करके राजनीति में कदम रखा था, आज उसी सरकार के भीतर से भ्रष्टाचार के छींटे उड़ रहे हैं।
भाजपा नेता ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) और उनके कुछ करीबी सहयोगियों पर लग रहे भ्रष्टाचार के मामलों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी। अदालत के निर्देशों के बाद अब इस मामले की परतें खुलने लगी हैं, जिससे राज्य सरकार की मुश्किलें काफी बढ़ सकती हैं।
कानून व्यवस्था के मोर्चे पर घिरी मान सरकार
भ्रष्टाचार के अलावा पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था भी भाजपा के तरकश का एक अहम तीर बन चुकी है। रणधीर शर्मा ने राज्य में बेलगाम होते ड्रग माफिया, अवैध खनन माफिया और बढ़ते आपराधिक तत्वों के प्रभाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने हाल ही में हुई कुछ सनसनीखेज हत्याओं और विशेष तौर पर एक पुलिसकर्मी की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि जब राज्य में पुलिस सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक की सुरक्षा का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
- मुख्यमंत्री कार्यालय और करीबियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
- सीबीआई जांच को लेकर अदालत के निर्देश
- ड्रग और खनन माफिया का बढ़ता प्रभाव
- हालिया आपराधिक घटनाओं और पुलिसकर्मी की हत्या का मुद्दा
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी निशाने पर
पड़ोसी राज्य पंजाब के साथ-साथ भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार को भी आड़े हाथों लिया है। रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों में कथित तौर पर भ्रष्टाचार पनप रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के साथ-साथ बिजली बोर्ड और मार्केटिंग बोर्ड जैसी अहम संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।
भाजपा का तर्क है कि सुक्खू सरकार अपने वादों पर खरी उतरने में नाकाम रही है और जनता का ध्यान भटकाने के लिए केवल बयानबाजी का सहारा लिया जा रहा है। पार्टी ने मांग की है कि जितने भी विभागों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, सरकार उन पर श्वेत पत्र जारी करे और जनता के सामने स्पष्टीकरण दे।
हिमाचल में कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
हिमाचल प्रदेश को अपनी शांति और देवभूमि की संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ समय में सामने आई आपराधिक घटनाओं ने हर किसी को चौंका दिया है। भाजपा ने इन घटनाओं को आधार बनाते हुए सरकार पर तगड़ा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि देवभूमि में लगातार बढ़ रही आपराधिक गतिविधियां इस बात का प्रमाण हैं कि पुलिस और प्रशासन का इकबाल कमजोर हो चुका है।
"जो सरकारें खुद भ्रष्टाचार के दलदल में फंसी हों और कानून व्यवस्था संभालने में नाकाम साबित हो रही हों, उन्हें जनता के बीच जाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भाजपा दोनों राज्यों की जनता के अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेगी।"
आगामी चुनावों की दिशा तय करेंगे ये मुद्दे
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों ही राज्यों की राजनीति पूरी तरह से इन दो प्रमुख ध्रुवों—भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था—के इर्द-गिर्द घूमने वाली है। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अपनी कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का हवाला देकर जनता का समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगी, वहीं भाजपा इन मुद्दों को धार देकर एंटी-इम्कबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को भुनाने की पूरी कोशिश करेगी।
फिलहाल, रणधीर शर्मा के इन तीखे बयानों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाला चुनावी दंगल बेहद दिलचस्प और तीखा होने वाला है। मतदाता किस पार्टी के दाغमुक्त चेहरे और सुशासन के दावों पर भरोसा करते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन इतना तय है कि जनता के सवालों के घेरे में अब दोनों ही राज्यों के हुक्मरान खड़े हैं।