उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में इन दिनों कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मामला रेलवे रोड थानाक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केसरगंज मंडी इलाके का है, जहां एक मस्जिद के पास हनुमान चालीसा का पाठ करने के ऐलान के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और खुफिया तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मंगलवार को पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
वायरल वीडियो और हिंदू संगठन के ऐलान से बढ़ी हलचल
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन की नींद उड़ गई। इस वीडियो में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी और ललित शर्मा की ओर से यह ऐलान किया गया कि वे मेरठ के केसरगंज मंडी स्थित मस्जिद के पास पहुंचकर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस घोषणा के सामने आते ही स्थानीय स्तर पर सुगबुगाहट तेज हो गई।
स्थिति की नजाकत को देखते हुए सोमवार देर रात से ही पुलिस प्रशासन ने केसरगंज मंडी और उसके आस-पास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि शहर की शांति और सौहार्द को हर हाल में बरकरार रखा जा सके।
केसरगंज मंडी के गेट पर बैरिकेडिंग और बाजार बंद
प्रशासनिक मुस्तैदी का असर मंगलवार को जमीन पर साफ तौर पर दिखाई दिया। एहतियाती कदम उठाते हुए पुलिस ने केसरगंज मंडी के मुख्य गेट पर भारी बैरिकेडिंग कर दी है और उस रास्ते से आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। मस्जिद के चारों तरफ पुलिस के जवान मुस्तैदी के साथ पहरा दे रहे हैं। तनाव की आशंका के चलते केसरगंज का मुख्य बाजार भी बंद रखा गया है, जिससे वहां एक अजीब सी सन्नाटे वाली स्थिति बनी हुई है।
स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों में इस बात की चर्चा है कि इस तरह के बयानों से स्थानीय कारोबार और आपसी भाईचारे पर असर पड़ता है। हालांकि, पुलिस लगातार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शख्स को छूट न मिले।
मस्जिद के ऊपरी हिस्से के निर्माण को लेकर है पुराना विवाद
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक पुराना विवाद जुड़ा हुआ है। सूत्रों और रिपोर्ट के अनुसार, केसरगंज स्थित इस मस्जिद की ऊपरी मंजिल पर पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा था। करीब एक महीने पहले स्थानीय मंडी के निवासी ईश्वर चंद कंसल और अन्य व्यापारियों ने इस निर्माण कार्य को अवैध बताते हुए जिला प्रशासन और पुलिस से इसकी शिकायत की थी।
व्यापारियों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग एक महीने पहले ही मस्जिद के ऊपरी हिस्से का निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था। माना जा रहा है कि इसी पुराने विवाद और निर्माण से जुड़े मुद्दों को आधार बनाकर अब नए सिरे से तनाव पैदा करने की कोशिशें की जा रही हैं, जिसके चलते यह ताजा ऐलान सामने आया है।
एआईएमआईएम नेता और मुतवल्ली पहुंचे एसपी सिटी के पास
इस मामले के तूल पकड़ने के बाद विपक्षी दलों और स्थानीय प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। मंगलवार को एआईएमआईएम के नेता बदर अली और मस्जिद के मुतवल्ली (प्रबंधक) जुबेर सीधे एसपी सिटी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और वायरल वीडियो का हवाला देते हुए प्रशासन से मांग की कि बेवजह माहौल खराब करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इलाके में शांति बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखें ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह के कारण शहर का माहौल दूषित न हो सके।
प्रशासन का कड़ा रुख: कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं
इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने मीडिया को स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मस्जिद के बाहर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल पूरी मुस्तैदी के साथ तैनात है। पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
एसपी सिटी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जाएगी। पुलिस साइबर सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट के जरिए उन तमाम सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोस्ट्स पर भी कड़ी नजर रख रही है जो इस मामले से जुड़े भड़काऊ वीडियो या संदेश प्रसारित कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन की ओर से लगातार यह अपील की जा रही है कि आम जनता किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक खबरों पर ध्यान न दे। आजकल सोशल मीडिया पर पुरानी या एडिटेड वीडियो क्लिप्स शेयर करके माहौल बिगाड़ने की कोशिशें आम हो गई हैं, इसलिए पुलिस ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
खुफिया तंत्र (Intelligence Agencies) को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से पहले ही उसकी थाह ली जा सके। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों की गतिविधियों पर प्रशासन की बारीक नजर बनी हुई है। फिलहाल, केसरगंज इलाके में तनावपूर्ण शांति का माहौल है और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।