नागपुर की शांत गलियों में अचानक मची अफरा-तफरी
दिनदहाड़े किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस करने वाले अपराधियों के हौसले किस हद तक बुलंद हैं, इसकी एक बानगी हाल ही में महाराष्ट्र के नागपुर शहर में देखने को मिली। भांडे प्लॉट इलाके में उस समय सनसनी फैल गई जब एक शातिर बदमाश ने फिल्मी अंदाज में बैंक कर्मचारियों को अपना निशाना बनाया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से इस लूट की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और कर्मचारियों की सूझबूझ के चलते वह अपने नापाक मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाया।
एटीएम से लौट रहे कर्मचारियों पर हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना शाम करीब 5:30 बजे की है। बैंक के कुछ अधिकारी और कर्मचारी अपनी रूटीन प्रक्रिया के तहत एटीएम से भारी-भरकम कैश निकालकर वापस अपनी बैंक शाखा की तरफ लौट रहे थे। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि कोई उनकी हरकतों पर बारीकी से नजर रखे हुए है। जैसे ही ये कर्मचारी रास्ते में थे, अचानक एक अज्ञात शख्स चुपचाप उनके पीछे आ पहुंचा। बिना किसी सुगबुगाहट के उस शख्स ने अपनी जेब से मिर्च पाउडर निकाला और सीधे बैंक कर्मचारियों के चेहरे पर झोंक दिया। अचानक हुई इस हरकत से कर्मचारी संभल नहीं पाए और उनकी आंखों में तेज जलन होने लगी। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उनके हाथों से 4.53 लाख रुपये से भरा कैश बैग छीन लिया और वहां से नौ दो ग्यारह होने की कोशिश करने लगा।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ खौफनाक वाकया
इस पूरी वारदात का एक वीडियो भी सामने आया है, जो अब जांच का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इस फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे आरोपी ने शातिर तरीके से पीछे से आकर कर्मचारियों पर हमला किया। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि पीड़ित कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। आंखों में मिर्च पाउडर पड़ने की वजह से वे कुछ देख पाने में असमर्थ हो गए थे, जिसका पूरा लाभ आरोपी ने उठाया। हालांकि, कर्मचारियों की हिम्मत की दाद देनी होगी कि आंखों में जलन और दर्द होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया। उनके शोरगुल को सुनकर आसपास के लोग भी सतर्क हो गए।
कर्मचारियों की बहादुरी और पुलिस की मुस्तैदी
जैसे ही बैंक कर्मचारियों ने चोर-चोर कहकर चिल्लाना शुरू किया, स्थानीय स्तर पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। गनीमत यह रही कि उसी दौरान उस इलाके में नियमित गश्त (Patrolling) पर तैनात बीट मार्शल और डिटेक्शन ऑफ क्राइम (DB) टीम के जांबाज पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिसकर्मियों की नजर तुरंत भाग रहे संदिग्ध व्यक्ति और उसके पीछे शोर मचाते हुए आ रहे बैंक कर्मचारियों पर पड़ी। स्थिति भांपते ही पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए आरोपी का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और मुस्तैदी के आगे आरोपी की एक न चली और उसे कुछ ही दूरी पर धर दबोचा गया।
पकड़ा गया शातिर आरोपी, पूरी रकम बरामद
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी की पहचान 28 वर्षीय सूरज बोरकर के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी नागपुर ग्रामीण के अंतर्गत आने वाले भिवापुर तहसील के तातोली गांव का रहने वाला है। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से लूटी गई पूरी 4.53 लाख रुपये की नकदी सुरक्षित बरामद कर ली गई। समय रहते पुलिस और कर्मचारियों की सक्रियता के कारण बैंक का एक भी रुपया डूबने से बच गया, जो कि इस पूरी घटना का सबसे सकारात्मक पहलू रहा।
गिरफ्तारी में इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस शातिर अपराधी को रंगे हाथों दबोचने और वारदात को कुछ ही मिनटों में सुलझाने में नागपुर पुलिस के जांबाज जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित पुलिसकर्मी शामिल रहे:
- कांस्टेबल शैलेश बेलेकर
- कांस्टेबल राजेंद्र मोहाड़
- कांस्टेबल तप्पूलाल चुटे
- कांस्टेबल शरदसिंह तेम्भरे
सक्करदरा पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रमेश एन. खुने ने इस पूरे मामले से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज और जानकारियां दर्ज की हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे हिरासत में ले लिया है।
अब आगे की जांच में क्या खंगाल रही है पुलिस?
भले ही आरोपी सूरज बोरकर को पुलिस ने दबोच लिया है और सारा पैसा भी रिकवर कर लिया गया है, लेकिन पुलिस इस मामले की गहराई से पड़ताल करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इतनी दुस्साहसिक घटना को अकेले अंजाम देना या अचानक से ऐसा प्लान बना लेना थोड़ा संदिग्ध लग सकता है। इसलिए पुलिस अब इस एंगल पर जांच कर रही है कि क्या इस वारदात के पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ है या फिर आरोपी ने पहले से ही बैंक कर्मचारियों की रेकी (Reiki) की थी।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपी बैंक के अंदर कब आया था, क्या उसने एटीएम के पास से ही कर्मचारियों का पीछा करना शुरू किया था या फिर उसका कोई अन्य साथी भी इस साजिश में शामिल था जो बाहर से उसकी मदद कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज के अन्य एंगल को भी खंगाला जा रहा है ताकि इस अपराध से जुड़े हर एक राज से पर्दा उठाया जा सके। नागपुर पुलिस की इस मुस्तैदी की पूरे शहर में सराहना हो रही है, लेकिन साथ ही यह घटना व्यापारियों और बैंक कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है कि वित्तीय लेन-देन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कितने जरूरी हैं।