देश के औद्योगिक परिदृश्य में गुणवत्ता (Quality) और नवाचार (Innovation) को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उद्योग जगत पूरी तरह से तैयार है। इसी कड़ी में, देश के सबसे बड़े इंडस्ट्री-लेड क्वालिटी फोरम यानी 'इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट' (IFQM) द्वारा अपने प्रतिष्ठित 'नेशनल आईएफक्यूएम सिम्पोजियम' के तीसरे संस्करण की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। यह बहुप्रतीक्षित आयोजन इसी साल 5 और 6 अक्टूबर 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल ताज पैलेस में संपन्न होगा।
इस साल की थीम: 'क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस, बी द फोर्स मल्टीप्लायर'
वर्तमान वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय महाकुंभ की थीम बेहद समययोचित और दूरदर्शी रखी गई है। इस बार का मुख्य फोकस 'क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस, बी द फोर्स मल्टीप्लायर' (Quality, Innovation and Excellence, Be the Force Multiplier) पर आधारित होगा। इस थीम के जरिए आयोजकों और उद्योग जगत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैसे भारतीय उद्योग वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए गुणवत्ता और आधुनिक तकनीकों को अपना हथियार बना सकते हैं।
आयोजन के संदर्भ में जानकारी देते हुए आईएफक्यूएम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं डायरेक्टर सौमित्र भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि भारत के 'विकसित भारत' के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए यह अनिवार्य है कि हमारे उत्पादों और सेवाओं में उत्कृष्टता कूट-कूट कर भरी हो। क्वालिटी और इनोवेशन को जब तक 'फोर्स मल्टीप्लायर' के रूप में नहीं ढाला जाएगा, तब तक वैश्विक प्रतिस्पर्धा में लंबी छलांग लगाना मुमकिन नहीं होगा।
सिम्पोजियम के मुख्य आकर्षण और सेशंस की रूपरेखा
नई दिल्ली के ताज पैलेस में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह उद्योग जगत की तमाम बारीकियों को छू सके। इस दो दिवसीय महाधिवेशन में कुल मिलाकर 25 से अधिक विशेष सत्र (Sessions) आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विषयों पर गहन मंथन होगा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- 6 ग्लोबल कीनोट्स: दुनिया भर से आए दिग्गज वक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे।
- फायरसाइड कन्वर्सेशन: उद्योग के शीर्ष नेतृत्व के बीच खुली और सीधी बातचीत।
- फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस: इस बार के संस्करण में फार्मास्यूटिकल्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की चुनौतियों और संभावनाओं पर विशेष जोर दिया जाएगा।
- विविध सेक्टर्स पर मंथन: ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और लेदर जैसे पारंपरिक व आधुनिक क्षेत्रों की कार्यप्रणाली पर चर्चा।
- मैन्युफैक्चरिंग में एआई (AI): विनिर्माण क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के बढ़ते दखल और फायदों पर खास तकनीकी सत्र।
दिग्गज हस्तियों का लगेगा जमावड़ा
यह कार्यक्रम पूरी तरह से 'आमंत्रण आधारित' (Invite-only) रखा गया है, जिससे इसकी गंभीरता और विशिष्टता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस महासम्मेलन में देश-विदेश के 300 से अधिक सीईओ (CEOs) और सीएक्सओ (CXOs) हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, देश के नीति निर्माता (Policy Makers), विश्व स्तर के क्वालिटी एक्सपर्ट्स, शिक्षाविद (Academicians) और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के प्रतिनिधि भी इस मंच पर एक साथ नजर आएंगे।
आयोजकों के मुताबिक, इस सिम्पोजियम में लगभग 50 से अधिक शिक्षाविदों और चुनिंदा छात्रों को भी आमंत्रित किया गया है ताकि युवा पीढ़ी को भी इंडस्ट्री की आधुनिक जरूरतों और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स से रूबरू कराया जा सके।
उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत के बीच मजबूत तालमेल
वर्ष 2024 और 2025 के आयोजनों की शानदार सफलता के बाद, इस बार का 2026 का संस्करण कई मायनों में ऐतिहासिक होने की उम्मीद है। आईएफक्यूएम का संचालन एक उच्च स्तरीय बोर्ड और गवर्निंग काउंसिल द्वारा किया जाता है, जिसमें देश के चोटी के इंडस्ट्री लीडर्स शामिल हैं।
इस सिम्पोजियम का एक बड़ा उद्देश्य सरकार, कॉरपोरेट जगत और अकादमिक संस्थानों (शैक्षणिक संस्थानों) के बीच एक मजबूत ब्रिज तैयार करना है। जब तक ये तीनों स्तंभ मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक देश में क्वालिटी कल्चर को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देना मुश्किल होगा।
भविष्य की रणनीतियों पर होगी पैनी नजर
5-6 अक्टूबर को होने वाले इन दो दिनों में देश के औद्योगिक भविष्य की रूपरेखा तय करने वाली नई कार्यप्रणालियों पर मंथन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती वैश्विक आर्थिकी के बीच भारतीय उद्योगों को अपनी उत्पादन लागत घटाते हुए क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करना चाहिए। आईएफक्यूएम सिम्पोजियम 2026 इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है, जिस पर देश भर के उद्योगपतियों की निगाहें टिकी हुई हैं।