मुंबई के आसमान और विमानन क्षेत्र से जुड़ी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। मुंबई एयरपोर्ट से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को स्थानांतरित करने (Shift करने) की बहुप्रतीक्षित योजना को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है। इतना ही नहीं, आगामी 25 अक्टूबर से उड़ानों में 33 प्रतिशत की भारी कटौती करने की जो योजना बनाई गई थी, उस पर भी अभी ब्रेक लग गया है। इस फैसले से एयरलाइंस कंपनियों और यात्रियों दोनों ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि इस अचानक बदलाव से व्यवस्थाओं पर भारी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री का बड़ा हस्तक्षेप
इस पूरे घटनाक्रम में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Civil Aviation Ministry) ने सीधे तौर पर हस्तक्षेप किया है। मंत्रालय ने अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे सभी संबंधित पक्षों और एयरलाइंस के साथ बैठकर इस पर विस्तार से चर्चा करें। मंत्रालय का मानना है कि किसी भी बड़े बदलाव से पहले सभी स्टेकहोल्डर्स की सहमति और एयरपोर्ट की ग्राउंड तैयारियों का पूरी तरह जायजा लेना बेहद जरूरी है। बिना पुख्ता तैयारी के इतने बड़े पैमाने पर उड़ानों को शिफ्ट करना या उनमें कटौती करना यात्रियों के लिए भारी परेशानी का सबब बन सकता था।
सूत्रों के अनुसार, मुंबई एयरपोर्ट पर क्षमता का भारी दबाव है, जिसे कम करने के लिए नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द से जल्द पूरी क्षमता के साथ शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है। हालांकि, जल्दबाजी में उठाए जाने वाले कदमों से एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट और पैसेंजर कन्वीनियंस पर विपरीत असर पड़ सकता था, इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय ने इस कदम को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है।
25 अक्टूबर से होने वाली 33% कटौती पर लगी रोक
विमानन इंडस्ट्री में इस बात की सुगबुगाहट तेज थी कि 25 अक्टूबर से मुंबई एयरपोर्ट के स्लॉट्स में लगभग 33 प्रतिशत की कटौती की जाएगी, ताकि ट्रैफिक को मैनेज किया जा सके। इस कटौती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और घरेलू उड़ानों के शेड्यूल पर पड़ने वाला था। कई एयरलाइंस ने अपनी बुकिंग भी इसी हिसाब से शुरू कर दी थी या वे असमंजस में थीं।
- यात्रियों को मिली राहत: उड़ानों में कटौती टलने से टिकटों की कीमतों में अचानक आने वाले उछाल से फिलहाल राहत मिल गई है।
- एयरलाइंस को मिला समय: विमानन कंपनियों को अब अपने विंटर शेड्यूल (Winter Schedule) को नए सिरे से प्लान करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
- बुनियादी ढांचे की समीक्षा: नवी मुंबई एयरपोर्ट के आसपास अभी कई तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिन्हें पूरा होने के लिए थोड़ा और वक्त चाहिए।
आगे क्या होगी रणनीति?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देशों के बाद अब AAHL और अन्य संबंधित प्राधिकरण मिलकर एक नया और व्यावहारिक खाका तैयार करेंगे। इसमें इस बात पर विशेष जोर दिया जाएगा कि बिना यात्रियों को असुविधा पहुंचाए, चरणबद्ध तरीके से (Phased manner) उड़ानों को नवी मुंबई शिफ्ट किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में एयरलाइंस की व्यावसायिक जरूरतों और एयरपोर्ट की तकनीकी क्षमताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे आधुनिक एविएशन प्रोजेक्ट्स में से एक है, और इसके शुरू होने से मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की एयर ट्रैफिक क्षमता में ऐतिहासिक इजाफा होगा। लेकिन इस ट्रांजिशन पीरियड (Transition Period) को बेहद सावधानी से संभालना होगा, ताकि वैश्विक स्तर पर मुंबई की छवि और यात्रियों की सुविधा पर कोई आंच न आए। आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उड़ानों की शिफ्टिंग की अगली संभावित तारीख क्या होगी।