उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां बीती रात एक भीषण सड़क हादसे में सेना के ट्रक ने ऑटो को अपनी चपेट میں ले लिया। इस भयंकर दुर्घटना में ऑटो में सवार एक महिला और एक किशोरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
भंडारे की खुशियां पल भर में मातम में बदलीं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बीती रात की है। मृतक महिला और किशोरी एक धार्मिक आयोजन में शामिल होने गई थीं। वहां उन्होंने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और रात के वक्त ऑटो में सवार होकर अपने घर वापस लौट रही थीं। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होने वाला है। रास्ते में अचानक उनका ऑटो किसी तकनीकी खराबी के चलते बीच सड़क पर ही खराब हो गया।
अचानक वाहन खराब हो जाने के कारण ऑटो चालक और उसमें सवार यात्री परेशान हो गए। वे वाहन को ठीक करने या सड़क किनारे सुरक्षित खड़े होने का प्रयास ही कर रहे थे कि तभी पीछे से आ रहे भारतीय सेना के एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार दोनों पीड़ितों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
यह खौफनाक मंजर देख आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। चीख-पुकार की आवाज सुनकर मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और दोनों शवों को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सुरक्षा और सड़क नियमों पर खड़े होते हैं सवाल
इस तरह के सड़क हादसे लगातार यह सवाल खड़े करते हैं कि आखिर कब तक रात के वक्त सड़कों पर इस तरह की लापरवाही जिंदगियां लीलती रहेंगी। जानकारों का मानना है कि रात के समय भारी वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, हाईवे या मुख्य मार्गों पर खराब हुए वाहनों को तुरंत हटाने या उनके पीछे रिफ्लेक्टर लगाने के नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए ताकि आने वाले वाहनों को दूर से ही खतरा नजर आ सके।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया है। सेना के ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है और ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा दृश्यता (visibility) कम होने की वजह से हुआ या फिर वाहन की रफ्तार तय सीमा से अधिक थी। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को सांत्वना दी जा रही है और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया गया है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि सड़क पर जरा सी चूक या तकनीकी खराबी किस तरह से भारी पड़ सकती है। झांसी की इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है और हर कोई यही कह रहा है कि काश वो ऑटो रास्ते में खराब न होता और दोनों की जान बच जाती।