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सेना में बड़ी तैनाती: मेजर जनरल अनिल कुमार ने संभाली High Altitude Warfare School की कमान

सेना में बड़ी तैनाती: मेजर जनरल अनिल कुमार ने संभाली High Altitude Warfare School की कमान

भारतीय सेना की सामरिक तैयारियों और बेहद दुर्गम पर्वतीय इलाकों में ऑपरेशनल क्षमता को नई ताकत देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। मेजर जनरल अनिल कुमार ने भारतीय सेना के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल (HAWS) के नए कमांडेंट के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है।

देश की उत्तरी और पूर्वी सीमाओं पर जारी सुरक्षा चुनौतियों के बीच HAWS में यह नई कमान रणनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है।

क्या है हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल (HAWS)?

जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण गुलमर्ग में स्थित HAWS दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में गिना जाता है। यहाँ भारतीय सैनिकों को माइनस डिग्री तापमान, अत्यधिक ऊंचाई और जानलेवा बर्फीले इलाकों में दुश्मन का सामना करने की ट्रेनिंग दी जाती है।

  • माउंटेन वॉरफेयर कोर्स: खड़ी पहाड़ियों पर चढ़ने, पहाड़ों में युद्ध की रणनीति बनाने और तुरंत कार्रवाई करने का कठोर अभ्यास।
  • स्नो और आइस क्राफ्ट: ग्लेशियरों, गहरी बर्फ और अत्यधिक ठंड में जीवित रहने (Survival) और गश्त लगाने की कला।
  • वैश्विक पहचान: भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई मित्र देशों के विशेष बल भी यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने आते हैं।

मेजर जनरल अनिल कुमार का नया मिशन

मेजर जनरल अनिल कुमार के पास कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और उच्च पर्वतीय अभियानों का गहरा अनुभव है। उनकी कमान में संस्थान का ध्यान आधुनिक तकनीक, नई रणनीतियों और सैनिकों की सहनशक्ति को और बढ़ाने पर रहेगा।

“बर्फीली ऊंचाइयों पर युद्ध केवल शारीरिक बल से नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, सही प्रशिक्षण और आधुनिक रणनीति से जीता जाता है। HAWS हर परिस्थिति में देश के रक्षकों को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”

सरहद की सुरक्षा के लिहाज से क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

सियाचिन, पूर्वी लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे दुर्गम बॉर्डर इलाकों पर तैनात जवानों की सफलता बहुत हद तक उनके HAWS प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। एलएसी (LAC) और एलओसी (LoC) पर जारी तनाव के बीच सैनिकों को आधुनिक युद्ध कला और हाई-टेक उपकरणों का प्रशिक्षण देना समय की मांग है।

मेजर जनरल अनिल कुमार के नेतृत्व में HAWS अपने ट्रेनिंग सिलेबस को और अधिक व्यावहारिक और भावी चुनौतियों के अनुकूल बनाने की दिशा में काम करेगा, जिससे भारतीय सेना हर विषम परिस्थिति में अजेय बनी रहे।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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