Breaking
► सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का भाजपा पर हमला, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल ► पटना में डेयरी फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा, खतरनाक केमिकल और मिलावटी मिठाइयां जब्त ► सुपौल: श्री राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचमी पूजा संपन्न, षष्ठी पर होगा डांडिया ► बुरहानपुर में 151 मीटर लंबी चुनरी यात्रा: हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और उड़ते हनुमानजी की झांकी ने मोहा मन ► दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक मौसम का हाल, 16 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट ► नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को खुशहाल बनाएंगे: अमित शाह ► हरदोई में डेयरी पर छापा: 38 हजार लीटर संदिग्ध दूध और रसायन बरामद, संचालक पर केस ► वाराणसी में जोरदार विस्फोट से गिरा मकान, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका ► अमीनाबाद दवा मंडी पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन: 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित ► धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट ► सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास का भाजपा पर हमला, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर उठाए सवाल ► पटना में डेयरी फैक्ट्री पर खाद्य विभाग का छापा, खतरनाक केमिकल और मिलावटी मिठाइयां जब्त ► सुपौल: श्री राधा-कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पंचमी पूजा संपन्न, षष्ठी पर होगा डांडिया ► बुरहानपुर में 151 मीटर लंबी चुनरी यात्रा: हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और उड़ते हनुमानजी की झांकी ने मोहा मन ► दिल्ली-NCR से यूपी-बिहार तक मौसम का हाल, 16 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट ► नक्सलवाद की हर निशानी मिटाकर बस्तर को खुशहाल बनाएंगे: अमित शाह ► हरदोई में डेयरी पर छापा: 38 हजार लीटर संदिग्ध दूध और रसायन बरामद, संचालक पर केस ► वाराणसी में जोरदार विस्फोट से गिरा मकान, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका ► अमीनाबाद दवा मंडी पर एफएसडीए का बड़ा एक्शन: 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित ► धर्म परिवर्तन के बाद स्वतः नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ: सुप्रीम कोर्ट

मणिपुर में अचानक बंद हुए स्कूल और कॉलेज, राज्यपाल के आदेश से मचा हड़कंप

मणिपुर में अचानक बंद हुए स्कूल और कॉलेज, राज्यपाल के आदेश से मचा हड़कंप

पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर से इस वक्त एक बड़ी और बेहद अहम खबर सामने आ रही है। राज्य में सुरक्षा के हालात और मौजूदा कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मणिपुर में आगामी 20 अगस्त से लेकर 22 अगस्त 2026 तक राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह से बंद रहेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं, जिन्हें खुद राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अमलीजामा पहनाया गया है।

तीन दिनों के लिए बंद रहेंगे सभी शैक्षणिक संस्थान

मणिपुर के शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, यह तीन दिवसीय अवकाश 20 अगस्त 2026 (शनिवार) से शुरू होकर 22 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश के दायरे में केवल सरकारी स्कूल ही नहीं, बल्कि निजी संस्थान, सहायता प्राप्त (aided) और बिना सहायता प्राप्त (unaided) स्कूल, कॉलेज तथा विश्वविद्यालय भी शामिल हैं।

इसके अलावा, वे सभी संस्थान भी इस पाबंदी के तहत आएंगे जो बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मणिपुर, काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) या देश के किसी अन्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और इसी को ध्यान में रखते हुए यह अल्पकालिक अवकाश घोषित किया गया है।

क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला? जानिए असली वजह

आखिर अचानक से इतने बड़े स्तर पर शिक्षण संस्थानों को क्यों बंद करना पड़ा? इस सवाल के जवाब में शिक्षा विभाग के आदेश में बताया गया है कि राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति कुछ ऐसी है कि एहतियात बरतना बेहद जरूरी हो गया था।

सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन, रैलियां और हड़तालों का दौर चल रहा है। प्रदर्शनकारियों की सक्रियता और संभावित तनाव को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। स्थानीय प्रशासन ने सभी जिला उपायुक्तों (DCs), क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों और डायरेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करवाएं।

NRC और जनगणना को लेकर सुलग रहा है मणिपुर

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें राज्य में चल रहे एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन से जुड़ी हैं। दरअसल, मणिपुर में इन दिनों राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राज्य में किसी भी प्रकार की नई जनगणना या परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले एनआरसी को अपडेट किया जाना चाहिए।

प्रमुख संगठनों की मुख्य मांगें:

  • अवैध प्रवासन पर रोक: संगठनों का तर्क है कि राज्य में अवैध प्रवासन और जनसंख्या के बदलते आंकड़ों ने डेमोग्राफी को प्रभावित किया है।
  • नागरिकता की स्पष्टता: 'Campaign for Just and Fair Delimitation' (JFD) जैसे प्रमुख संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि सरकार पहले यह स्पष्ट करे कि मणिपुर में कौन वास्तविक भारतीय नागरिक है और कौन अवैध रूप से रह रहा है।
  • जनगणना से पहले एनआरसी: प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि स्थिति साफ हुए बिना जनगणना कराना उचित नहीं होगा।

अभिभावकों और छात्रों के लिए निर्देश

प्रशासन ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे इन तीन दिनों के दौरान अपने बच्चों को घरों में ही रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। शिक्षा विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और 22 अगस्त के बाद के हालातों की समीक्षा करके ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य होती है, तो शिक्षण संस्थानों को तय समय पर दोबारा खोल दिया जाएगा, जिसकी सूचना स्थानीय समाचार माध्यमों के जरिए दे दी जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: मणिपुर में स्कूल और कॉलेज कब से कब तक बंद रहेंगे?

मणिपुर में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय 20 अगस्त 2026 से 22 अगस्त 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगे।

Q2: शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश किसने दिया है?

यह आदेश मणिपुर के शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी किया गया है।

Q3: मणिपुर में अचानक ये आदेश क्यों जारी करना पड़ा?

राज्य में वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति, प्रदर्शनों और एनआरसी (NRC) की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर छात्रों की सुरक्षा के लिए यह फैसला लिया गया है।

About the Author

अल्का सिंह

अल्का सिंह

Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →